प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। साहित्य के क्षेत्र में श्रीनगर के लिए गर्व का क्षण सामने आया है जब कवयित्री एवं साहित्यकार साईनी कृष्ण उनियाल को उत्तराखंड भाषा संस्थान देहरादून द्वारा आयोजित प्रदेश स्तरीय युवा कलमकार प्रतियोगिता 2025 में यात्रा वृतांत विधा में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर युवा कलमकार सम्मान से सम्मानित किया गया। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने न केवल अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट परिचय दिया बल्कि जनपद का नाम भी प्रदेश स्तर पर गौरवान्वित किया है। सम्मान स्वरूप उन्हें 15 हजार रुपये की धनराशि प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया जो उनके साहित्यिक योगदान और रचनात्मक क्षमता की सराहना का प्रतीक है। देहरादून में 31 मार्च को आयोजित सम्मान समारोह में उन्हें यह सम्मान भाषा मंत्री खजान दास एवं स्वास्थ्य व वन मंत्री सुबोध उनियाल के हाथों प्रदान किया गया। कार्यक्रम में उनकी उपलब्धि को विशेष रूप से सराहा गया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। सम्मान प्राप्त करने पर साईनी कृष्ण उनियाल ने उत्तराखंड भाषा संस्थान का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान उन्हें आगे भी बेहतर लेखन के लिए प्रेरित करेगा। उन्होंने कहा कि साहित्य के माध्यम से समाज की भावनाओं और अनुभवों को अभिव्यक्त करना उनके लिए सदैव प्राथमिकता रहेगा। उनकी इस उपलब्धि पर श्रीनगर क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। स्थानीय लोगों साहित्य प्रेमियों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। यह उपलब्धि युवा रचनाकारों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनकर उभरी है।
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प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। साहित्य के क्षेत्र में श्रीनगर के लिए गर्व का क्षण सामने आया है जब कवयित्री एवं साहित्यकार साईनी कृष्ण उनियाल को उत्तराखंड भाषा संस्थान देहरादून द्वारा आयोजित प्रदेश स्तरीय युवा कलमकार प्रतियोगिता 2025 में यात्रा वृतांत विधा में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर युवा कलमकार सम्मान से सम्मानित किया गया। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने न केवल अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट परिचय दिया बल्कि जनपद का नाम भी प्रदेश स्तर पर गौरवान्वित किया है। सम्मान स्वरूप उन्हें 15 हजार रुपये की धनराशि प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया जो उनके साहित्यिक योगदान और रचनात्मक क्षमता की सराहना का प्रतीक है। देहरादून में 31 मार्च को आयोजित सम्मान समारोह में उन्हें यह सम्मान भाषा मंत्री खजान दास एवं स्वास्थ्य व वन मंत्री सुबोध उनियाल के हाथों प्रदान किया गया। कार्यक्रम में उनकी उपलब्धि को विशेष रूप से सराहा गया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। सम्मान प्राप्त करने पर साईनी कृष्ण उनियाल ने उत्तराखंड भाषा संस्थान का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान उन्हें आगे भी बेहतर लेखन के लिए प्रेरित करेगा। उन्होंने कहा कि साहित्य के माध्यम से समाज की भावनाओं और अनुभवों को अभिव्यक्त करना उनके लिए सदैव प्राथमिकता रहेगा। उनकी इस उपलब्धि पर श्रीनगर क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। स्थानीय लोगों साहित्य प्रेमियों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। यह उपलब्धि युवा रचनाकारों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनकर उभरी है।