प्रदीप कुमार
धुमाकोट-पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। पौड़ी पुलिस ने साइबर ठगी के बड़े मामले का खुलासा करते हुए एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में 15 लाख से अधिक की ठगी सामने आई है जिसमें मास्टरमाइंड को रांची से गिरफ्तार किया गया है। धुमाकोट निवासी दिनकर कुमार पोखरियाल ने शिकायत दी थी कि व्हाट्सएप पर बनाए गए एक ट्रेडिंग ग्रुप के माध्यम से निवेश करने पर 700 प्रतिशत मुनाफे का लालच देकर उनसे 15,24,496 रुपये की ठगी की गई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मामले को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में कार्रवाई की गई। जांच के लिए विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया जिसने बैंक खातों डिजिटल साक्ष्यों और अन्य तकनीकी पहलुओं की गहन जांच की। जांच के दौरान पता चला कि इस ठगी का संचालन नागपुर से किया जा रहा था। गिरोह का मास्टरमाइंड जयन्त ताराचन्द अन्नापुर्णे निकला जो अपने सहयोगी के साथ मिलकर व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए लोगों को फर्जी ट्रेडिंग में फंसाता था। पुलिस टीम नागपुर पहुंची जहां जानकारी मिली कि आरोपी एक अन्य मामले में रांची जेल में बंद है। इसके बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी कर 1 अप्रैल 2026 को आरोपी को रांची जेल से लाकर न्यायालय में पेश किया गया जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। मामले में सह आरोपी अजय रामभरोसे वाल्मीकी को भी रांची जेल से लाने की प्रक्रिया जारी है। वहीं एक अन्य आरोपी दया कृष्ण पैनरू के खिलाफ पहले ही कार्रवाई की जा चुकी है। आरोपी जयन्त ताराचन्द अन्नापुर्णे नागपुर महाराष्ट्र का निवासी है। इस पूरी कार्रवाई में अपर पुलिस अधीक्षक कोटद्वार मनोज कुमार ठाकुर क्षेत्राधिकारी कोटद्वार निहारिका सेमवाल और थानाध्यक्ष धुमाकोट सुनील पंवार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
Spread the love
प्रदीप कुमार
धुमाकोट-पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। पौड़ी पुलिस ने साइबर ठगी के बड़े मामले का खुलासा करते हुए एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में 15 लाख से अधिक की ठगी सामने आई है जिसमें मास्टरमाइंड को रांची से गिरफ्तार किया गया है। धुमाकोट निवासी दिनकर कुमार पोखरियाल ने शिकायत दी थी कि व्हाट्सएप पर बनाए गए एक ट्रेडिंग ग्रुप के माध्यम से निवेश करने पर 700 प्रतिशत मुनाफे का लालच देकर उनसे 15,24,496 रुपये की ठगी की गई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मामले को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में कार्रवाई की गई। जांच के लिए विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया जिसने बैंक खातों डिजिटल साक्ष्यों और अन्य तकनीकी पहलुओं की गहन जांच की। जांच के दौरान पता चला कि इस ठगी का संचालन नागपुर से किया जा रहा था। गिरोह का मास्टरमाइंड जयन्त ताराचन्द अन्नापुर्णे निकला जो अपने सहयोगी के साथ मिलकर व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए लोगों को फर्जी ट्रेडिंग में फंसाता था। पुलिस टीम नागपुर पहुंची जहां जानकारी मिली कि आरोपी एक अन्य मामले में रांची जेल में बंद है। इसके बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी कर 1 अप्रैल 2026 को आरोपी को रांची जेल से लाकर न्यायालय में पेश किया गया जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। मामले में सह आरोपी अजय रामभरोसे वाल्मीकी को भी रांची जेल से लाने की प्रक्रिया जारी है। वहीं एक अन्य आरोपी दया कृष्ण पैनरू के खिलाफ पहले ही कार्रवाई की जा चुकी है। आरोपी जयन्त ताराचन्द अन्नापुर्णे नागपुर महाराष्ट्र का निवासी है। इस पूरी कार्रवाई में अपर पुलिस अधीक्षक कोटद्वार मनोज कुमार ठाकुर क्षेत्राधिकारी कोटद्वार निहारिका सेमवाल और थानाध्यक्ष धुमाकोट सुनील पंवार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।