प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग एवं भौतिक विज्ञान विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 10 दिवसीय भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएसएसआर) प्रायोजित रिसर्च मेथडोलॉजी कार्यशाला का तीसरा दिन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। आज के प्रथम एवं द्वितीय सत्र की रिसोर्स पर्सन प्रो.स्वाती नेगी (परीक्षा नियंत्रक श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय उत्तराखंड) रहीं जबकि तृतीय एवं चतुर्थ सत्र के रिसोर्स पर्सन डॉ.हर सिंह बिष्ट डेप्युटी लाइब्रेरियन गढ़वाल विश्वविद्यालय रहे। प्रथम सत्र में प्रो.स्वाती नेगी ने अनुसंधान की अवधारणा अनुसंधान डिजाइन क्रियात्मक अनुसंधान एवं व्यवस्थित समीक्षा के विषय में विस्तार से जानकारी दी। द्वितीय सत्र में प्रथम सत्र में पढ़ाए गए विषयों को हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण के माध्यम से व्यावहारिक रूप से सिखाया गया। तृतीय सत्र में डॉ.हर सिंह बिष्ट ने उद्धरण शैलियाँ संदर्भ प्रबंधन उपकरण एवं साहित्यिक चोरी विषय पर व्यावहारिक प्रदर्शन प्रस्तुत किया। चतुर्थ सत्र में दिनभर की कार्यवाही पर चर्चा करते हुए डेटा विश्लेषण हेतु एटलस टीआई एवं एनवीवो के व्यावहारिक उपयोग की जानकारी दी गई। इस कार्यशाला में प्रतिभागियों को मंच संचालन रिपोर्ट लेखन जैसी सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों से भी जोड़ा जा रहा है जिससे वे शोध के साथ-साथ अपने अन्य कौशलों का भी विकास कर सकें। कार्यशाला के संयोजक डॉ.देवेंद्र सिंह ने बताया कि प्रतिभागियों को विभिन्न समूहों में विभाजित किया गया है जो अगले दिन प्रत्येक सत्र के मुख्य बिंदुओं को पीपीटी के माध्यम से प्रस्तुत करेंगे। वहीं सह-संयोजक डॉ.आलोक सागर गौतम ने रिसोर्स पर्सन का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए आज के सत्र के सफल समापन की घोषणा की। कार्यक्रम का सफल संचालन जेएनयू की प्रतिभागी रिंकी पांडेय एवं गढ़वाल विश्वविद्यालय की प्रतिभागी अक्षिता चौधरी द्वारा किया गया।
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प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग एवं भौतिक विज्ञान विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 10 दिवसीय भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएसएसआर) प्रायोजित रिसर्च मेथडोलॉजी कार्यशाला का तीसरा दिन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। आज के प्रथम एवं द्वितीय सत्र की रिसोर्स पर्सन प्रो.स्वाती नेगी (परीक्षा नियंत्रक श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय उत्तराखंड) रहीं जबकि तृतीय एवं चतुर्थ सत्र के रिसोर्स पर्सन डॉ.हर सिंह बिष्ट डेप्युटी लाइब्रेरियन गढ़वाल विश्वविद्यालय रहे। प्रथम सत्र में प्रो.स्वाती नेगी ने अनुसंधान की अवधारणा अनुसंधान डिजाइन क्रियात्मक अनुसंधान एवं व्यवस्थित समीक्षा के विषय में विस्तार से जानकारी दी। द्वितीय सत्र में प्रथम सत्र में पढ़ाए गए विषयों को हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण के माध्यम से व्यावहारिक रूप से सिखाया गया। तृतीय सत्र में डॉ.हर सिंह बिष्ट ने उद्धरण शैलियाँ संदर्भ प्रबंधन उपकरण एवं साहित्यिक चोरी विषय पर व्यावहारिक प्रदर्शन प्रस्तुत किया। चतुर्थ सत्र में दिनभर की कार्यवाही पर चर्चा करते हुए डेटा विश्लेषण हेतु एटलस टीआई एवं एनवीवो के व्यावहारिक उपयोग की जानकारी दी गई। इस कार्यशाला में प्रतिभागियों को मंच संचालन रिपोर्ट लेखन जैसी सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों से भी जोड़ा जा रहा है जिससे वे शोध के साथ-साथ अपने अन्य कौशलों का भी विकास कर सकें। कार्यशाला के संयोजक डॉ.देवेंद्र सिंह ने बताया कि प्रतिभागियों को विभिन्न समूहों में विभाजित किया गया है जो अगले दिन प्रत्येक सत्र के मुख्य बिंदुओं को पीपीटी के माध्यम से प्रस्तुत करेंगे। वहीं सह-संयोजक डॉ.आलोक सागर गौतम ने रिसोर्स पर्सन का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए आज के सत्र के सफल समापन की घोषणा की। कार्यक्रम का सफल संचालन जेएनयू की प्रतिभागी रिंकी पांडेय एवं गढ़वाल विश्वविद्यालय की प्रतिभागी अक्षिता चौधरी द्वारा किया गया।