प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग एवं भौतिक विज्ञान विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 10 दिवसीय आईसीएसएसआर प्रायोजित रिसर्च मेथडोलॉजी कार्यशाला का छठा दिन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यशाला में डॉ.सुरेन्द्र सिंह जाटव अर्थशास्त्र विभाग बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय लखनऊ और डॉ. शैलेन्द्र कुमार सिंह उच्च शिक्षा विभाग सचिवालय उत्तराखंड सरकार ने रिसोर्स पर्सन के रूप में प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया। प्रथम सत्र में डॉ.सुरेन्द्र सिंह जाटव ने डाटा विश्लेषण सॉफ्टवेयर: अनुभवजन्य विश्लेषण विषय पर विस्तार से जानकारी दी। प्रतिभागियों को स्टाटा सॉफ्टवेयर के महत्व और उसके विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया गया। द्वितीय सत्र में स्टाटा सॉफ्टवेयर के प्रयोग की प्रक्रिया पर व्यावहारिक प्रशिक्षण (हैंड्स-ऑन) प्रदान किया गया जिससे प्रतिभागियों को डाटा विश्लेषण की विधियों को व्यवहारिक रूप से सीखने का अवसर मिला। तृतीय सत्र में डॉ.शैलेन्द्र कुमार सिंह ने ऑन्टोलॉजी एपिस्टेमोलॉजी और अनुसंधान पद्धति विषय पर विस्तार से चर्चा की। प्रतिभागियों को अनुसंधान के दार्शनिक आधारों के साथ-साथ एसपीएसएस सॉफ्टवेयर की सहायता से डाटा विश्लेषण की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई। चतुर्थ सत्र में ग्रामरली क्विलबॉट चैटजीपीटी और टैब्लो जैसे डिजिटल उपकरणों के उपयोग पर प्रकाश डाला गया। प्रतिभागियों को शोध कार्य में विचार निर्माण लेखन और डाटा के दृश्यात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए इन उपकरणों का उपयोग सिखाया गया। कार्यशाला का समापन निदेशक डॉ.देवेंद्र सिंह एवं सह-कोर्स निदेशक डॉ.आलोक सागर गौतम ने किया। कार्यक्रम का सफल संचालन आरएचजीपीजी कॉलेज काशीपुर के क्षितिज कुमार और सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ राजस्थान के योगेश लाल यादव ने किया।
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प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग एवं भौतिक विज्ञान विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 10 दिवसीय आईसीएसएसआर प्रायोजित रिसर्च मेथडोलॉजी कार्यशाला का छठा दिन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यशाला में डॉ.सुरेन्द्र सिंह जाटव अर्थशास्त्र विभाग बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय लखनऊ और डॉ. शैलेन्द्र कुमार सिंह उच्च शिक्षा विभाग सचिवालय उत्तराखंड सरकार ने रिसोर्स पर्सन के रूप में प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया। प्रथम सत्र में डॉ.सुरेन्द्र सिंह जाटव ने डाटा विश्लेषण सॉफ्टवेयर: अनुभवजन्य विश्लेषण विषय पर विस्तार से जानकारी दी। प्रतिभागियों को स्टाटा सॉफ्टवेयर के महत्व और उसके विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया गया। द्वितीय सत्र में स्टाटा सॉफ्टवेयर के प्रयोग की प्रक्रिया पर व्यावहारिक प्रशिक्षण (हैंड्स-ऑन) प्रदान किया गया जिससे प्रतिभागियों को डाटा विश्लेषण की विधियों को व्यवहारिक रूप से सीखने का अवसर मिला। तृतीय सत्र में डॉ.शैलेन्द्र कुमार सिंह ने ऑन्टोलॉजी एपिस्टेमोलॉजी और अनुसंधान पद्धति विषय पर विस्तार से चर्चा की। प्रतिभागियों को अनुसंधान के दार्शनिक आधारों के साथ-साथ एसपीएसएस सॉफ्टवेयर की सहायता से डाटा विश्लेषण की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई। चतुर्थ सत्र में ग्रामरली क्विलबॉट चैटजीपीटी और टैब्लो जैसे डिजिटल उपकरणों के उपयोग पर प्रकाश डाला गया। प्रतिभागियों को शोध कार्य में विचार निर्माण लेखन और डाटा के दृश्यात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए इन उपकरणों का उपयोग सिखाया गया। कार्यशाला का समापन निदेशक डॉ.देवेंद्र सिंह एवं सह-कोर्स निदेशक डॉ.आलोक सागर गौतम ने किया। कार्यक्रम का सफल संचालन आरएचजीपीजी कॉलेज काशीपुर के क्षितिज कुमार और सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ राजस्थान के योगेश लाल यादव ने किया।