प्रदीप कुमार
कोटद्वार-पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद में साइबर अपराधों की रोकथाम एवं आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से पुलिस द्वारा लगातार जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत विभिन्न स्थानों संस्थानों एवं जनसमूहों के बीच पहुंचकर लोगों को साइबर ठगी के नए-नए तरीकों तथा उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी जा रही है। इसी क्रम में कोटद्वार क्षेत्र के सेना शिविर कोड़िया में जवानों के बीच एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अपर पुलिस अधीक्षक कोटद्वार मनोज कुमार ठाकुर एवं प्रभारी साइबर प्रकोष्ठ कमलेश शर्मा द्वारा जवानों को वर्तमान समय में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों एवं उनसे बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई। जवानों को डिजिटल गिरफ्तारी फर्जी कॉल फिशिंग लिंक एकमुश्त पासवर्ड धोखाधड़ी सामाजिक माध्यम हैकिंग एवं साइबर ठगों द्वारा अपनाए जा रहे नए-नए तरीकों के बारे में विस्तार से बताया गया। साथ ही उन्हें किसी भी अज्ञात कॉल लिंक या संदेश पर तुरंत प्रतिक्रिया न देने अपनी व्यक्तिगत एवं बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करने तथा संदिग्ध गतिविधि होने पर तुरंत साइबर सहायता संख्या 1930 या नजदीकी पुलिस थाने से संपर्क करने हेतु जागरूक किया गया। इसके अतिरिक्त डिजिटल मंचों का सुरक्षित उपयोग मजबूत पासवर्ड बनाने दो स्तरीय सुरक्षा अपनाने तथा सामाजिक माध्यमों पर सावधानी बरतने जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर भी जानकारी दी गई।
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प्रदीप कुमार
कोटद्वार-पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद में साइबर अपराधों की रोकथाम एवं आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से पुलिस द्वारा लगातार जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत विभिन्न स्थानों संस्थानों एवं जनसमूहों के बीच पहुंचकर लोगों को साइबर ठगी के नए-नए तरीकों तथा उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी जा रही है। इसी क्रम में कोटद्वार क्षेत्र के सेना शिविर कोड़िया में जवानों के बीच एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अपर पुलिस अधीक्षक कोटद्वार मनोज कुमार ठाकुर एवं प्रभारी साइबर प्रकोष्ठ कमलेश शर्मा द्वारा जवानों को वर्तमान समय में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों एवं उनसे बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई। जवानों को डिजिटल गिरफ्तारी फर्जी कॉल फिशिंग लिंक एकमुश्त पासवर्ड धोखाधड़ी सामाजिक माध्यम हैकिंग एवं साइबर ठगों द्वारा अपनाए जा रहे नए-नए तरीकों के बारे में विस्तार से बताया गया। साथ ही उन्हें किसी भी अज्ञात कॉल लिंक या संदेश पर तुरंत प्रतिक्रिया न देने अपनी व्यक्तिगत एवं बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करने तथा संदिग्ध गतिविधि होने पर तुरंत साइबर सहायता संख्या 1930 या नजदीकी पुलिस थाने से संपर्क करने हेतु जागरूक किया गया। इसके अतिरिक्त डिजिटल मंचों का सुरक्षित उपयोग मजबूत पासवर्ड बनाने दो स्तरीय सुरक्षा अपनाने तथा सामाजिक माध्यमों पर सावधानी बरतने जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर भी जानकारी दी गई।