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प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। श्रीनगर में ओबीसी मोर्चा द्वारा कमलेश्वर मंदिर परिसर में महान समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में मोर्चा के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में भाजपा जिला महामंत्री गणेश भट्ट मौजूद रहे जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता ओबीसी मोर्चा के जिला अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी ने की। जगमोहन सिंह नेगी ने अपने संबोधन में कहा कि महात्मा फुले को एक महान समाज सुधारक के रूप में सदैव याद रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि फुले का जन्म 11 अप्रैल 1827 को महाराष्ट्र के सतारा जिले के कटगुण गांव में हुआ था। उन्होंने समाज में व्याप्त कुरीतियों के खिलाफ संघर्ष करते हुए महिलाओं दलितों वंचितों और किसानों के उत्थान के लिए अपना जीवन समर्पित किया। उन्होंने कहा कि फुले ने सावित्रीबाई फुले के साथ विवाह किया जो आगे चलकर भारत की पहली महिला शिक्षिका बनीं। वर्ष 1848 में दोनों ने मिलकर लड़कियों के लिए पहला स्कूल शुरू किया जो उस समय एक क्रांतिकारी कदम था। महात्मा फुले ने वर्ष 1873 में सत्यशोधक समाज की स्थापना कर जातिगत भेदभाव छुआछूत और सामाजिक अन्याय के खिलाफ व्यापक आंदोलन चलाया। वे एक प्रखर लेखक भी थे और उन्होंने अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज सुधार का संदेश दिया। मुख्य वक्ता गणेश भट्ट ने कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले को बाल विवाह का विरोध करने विधवा विवाह का समर्थन करने तथा दलित और पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए सदैव याद किया जाएगा। कार्यक्रम में नगर निगम पार्षद मीना असवाल ओबीसी मोर्चा की जिला उपाध्यक्ष उमा गुनसोला जिला महामंत्री राजेश्वरी पुरी जिला कोषाध्यक्ष जितेंद्र पुरी शशि पंवार सरला पवार हंसा पंवार हरीश पंवार और सोनी कौर सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में महात्मा फुले के आदर्शों को अपनाने तथा समाज में समानता और शिक्षा के प्रसार का संकल्प लिया गया।

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