प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जिलाधिकारी विशाल मिश्रा के निर्देशों के क्रम में जनपद के विभिन्न राजकीय इंटर कॉलेजों में कैरियर काउंसलिंग और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में जनपद के चार विद्यालयों में अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं से संवाद कर उन्हें करियर के विभिन्न अवसरों की जानकारी दी। साथ ही विद्यालयों का निरीक्षण कर सफाई और वृक्षारोपण तथा स्वास्थ्य परीक्षण जैसी गतिविधियां भी आयोजित की गईं। प्रभारी मुख्य शिक्षा अधिकारी सोनी मेहरा ने राजकीय इंटर कॉलेज मणिपुर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं से संवाद किया और उन्हें कैरियर काउंसलिंग के माध्यम से तकनीकी क्षेत्र तथा रक्षा सेवाओं और उच्च शिक्षा में उपलब्ध अवसरों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रेरित किया। इसी क्रम में वन क्षेत्राधिकारी रुद्रप्रयाग संजय कुमार ने राजकीय इंटर कॉलेज लदोली में छात्र-छात्राओं के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के बारे में जानकारी दी और उनकी तैयारी करने के तरीकों के संबंध में मार्गदर्शन किया। कार्यक्रम में कुल 86 छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। ग्रामीण निर्माण विभाग के सहायक अभियंता अरुण कुमार गुसाईं ने राजकीय इंटर कॉलेज जयंती कोठियाड़ा में कार्यक्रम आयोजित किया। वहीं होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारी डॉ.सोहन सिंह बुटोला ने राजकीय इंटर कॉलेज बाड़ा में विद्यालय प्रबंधन के साथ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इन कार्यक्रमों के दौरान विद्यालय परिसर में सफाई और वृक्षारोपण की गतिविधियों के साथ कैरियर काउंसलिंग तथा स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। राजकीय इंटर कॉलेज बाड़ा में डॉ.सोहन सिंह बुटोला ने छात्र-छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया। साथ ही विद्यार्थियों को निःशुल्क औषधियां वितरित की गईं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों को शिक्षा और रोजगार के अवसरों के प्रति जागरूक करने के साथ उनके स्वास्थ्य तथा व्यक्तिगत विकास पर ध्यान देना रहा। सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को भविष्य के लिए लक्ष्य निर्धारित करने और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने तथा उच्च शिक्षा के अवसरों को समझने के लिए मार्गदर्शन दिया गया। इसके साथ ही विद्यालयों में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण तथा स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया।
