मुख्य विकास अधिकारी ने महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए दिए निर्देश
प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल।हरिद्वार 18 सितंबर को मुख्य विकास अधिकारी आकांक्षा कोंडे की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न रोकथाम,निषेध और निवारण अधिनियम, 2013 का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना था।इसमें सभी जनपद स्तरीय अधिकारियों और कार्यालयाध्यक्षों ने भाग लिया।बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने सभी अधिकारियों को अपने कार्यालयों और अधीनस्थ विभागों में नियमानुसार आंतरिक परिवाद समिति (Internal Complaints Committee) का गठन करने या उसे अद्यतन अपडेट करने का निर्देश दिया।इसके अलावा,उन्होंने निर्देश दिया कि कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन शोषण के दंडात्मक परिणामों को दर्शाने वाले बिलबोर्ड लगाए जाएं और इन बिलबोर्ड पर एक टोल-फ्री नंबर भी शामिल किया जाए।मुख्य विकास अधिकारी ने महाप्रबंधक उद्योग को सभी निजी संस्थानों में आंतरिक परिवाद समिति के गठन हेतु एक महीने के भीतर सर्वेक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए निर्देशित किया। साथ ही,वन स्टॉप सेंटर में प्राप्त उन शिकायतों का त्वरित निस्तारण करने के लिए केंद्र प्रशासिका को एसएचओ के साथ समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया गया,जिन्हें पुलिस विभाग को भेजा जाता है।इस बैठक में सिमरनजीत कौर सचिव,जिला विधिक सेवा प्राधिकरण,जितेंद्र एएसपी,पुलिस विभाग,शबाली गुरुंग जिला क्रीड़ा अधिकारी,प्रशांत कुमार महाप्रबंधक उद्योग,मुख्य चिकित्सा अधिकारी,जिला प्रोबेशन अधिकारी,अविनाश भदौरिया जिला कार्यक्रम अधिकारी,धर्मवीर सिंह अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी और शिक्षा विभाग से मुख्य प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे। यह बैठक महिलाओं को कार्यस्थल पर सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
