ऐतिहासिक गौचर मेले में चमोली पुलिस ने दिया डिजिटल सुरक्षा व नशा मुक्ति का सशक्त संदेश
प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल।पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पँवार के निर्देशन में चलाए जा रहे जागरूकता अभियान के तहत आज दिनांक 15 नवंबर 25 को चमोली पुलिस द्वारा प्रचलित गौचर मेले में साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता बढ़ाने एवं नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी देने हेतु एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस सांस्कृतिक और आर्थिक महोत्सव में जहां विभिन्न पारंपरिक पहनावे,स्थानीय उत्पाद,कला और व्यंजन आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं,वहीं साइबर सेल ने जनता को डिजिटल सुरक्षा और सतर्कता का महत्वपूर्ण संदेश दिया।कार्यक्रम के दौरान प्रभारी साइबर सेल निरीक्षक अजीत एवं प्रभारी एसओजी चमोली उ.नि.सतेन्द्र बुटोला द्वारा मेले में आए स्थानीय नागरिकों, युवाओं एवं व्यापारियों को तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों के विभिन्न स्वरूपों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। उन्होंने लोगों को डिजिटल एरेस्ट,ऑनलाइन फ्रॉड, बैंकिंग धोखाधड़ी,फिशिंग,ओटीपी/केवाईसी अपडेट के नाम पर होने वाली ठगी और सोशल मीडिया पर बरती जाने वाली सुरक्षा सावधानियों के बारे में विस्तार से जागरूक किया,साथ ही उपस्थित लोगों को बताया गया कि किसी भी संदिग्ध कॉल,संदेश या लिंक पर विश्वास न करें,अपनी व्यक्तिगत या बैंक संबंधित जानकारी किसी अजनबी व्यक्ति के साथ साझा न करें और साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत राष्ट्रीय हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी थाने में सूचना दें। पुलिस अधिकारियों द्वारा नशे की बढ़ती प्रवृत्ति और उसके दुष्प्रभावों के बारे में लोगों को जागरूक करते हुए बताया गया कि नशा किसी भी व्यक्ति के जीवन में धीमा लेकिन घातक ज़हर की तरह होता है,जो उसकी सोचने-समझने की क्षमता,शारीरिक स्वास्थ्य और चरित्र को अंदर ही अंदर खोखला कर देता है। नशे की चपेट में आने से निर्णय लेने की क्षमता खत्म होने लगती है,पढ़ाई और रोजगार पर विपरीत प्रभाव पड़ता है तथा परिवार और समाज से दूरियां बढ़ जाती हैं।नशे की वजह से अपराध,सड़क दुर्घटनाएँ,पारिवारिक कलह और मानसिक तनाव जैसी गंभीर समस्याएँ तेजी से बढ़ती हैं,जो युवाओं के भविष्य और समाज की शांति व सुरक्षा को चुनौती देती हैं। इसलिए आवश्यक है कि नशे से पूरी तरह दूरी बनाई जाए और स्वयं के साथ-साथ दूसरों को भी जागरूक किया जाए। इस दौरान उपस्थित लोगों को जागरूकता पम्पलेट भी वितरित किए गए,जिनमें साइबर सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव,फिशिंग से बचने के उपाय,ओटीपी,यूपीआई,बैंकिंग जानकारी साझा न करने जैसी अहम सावधानियां सरल एवं सहज भाषा में बताई गईं,ताकि हर आयु वर्ग के व्यक्ति आसानी से समझ सकें। लोगों ने पम्पलेट लेकर गहरी रुचि दिखाई और इस जानकारी को अपने परिचितों तक पहुंचाने का भी आश्वासन दिया।
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ऐतिहासिक गौचर मेले में चमोली पुलिस ने दिया डिजिटल सुरक्षा व नशा मुक्ति का सशक्त संदेश
प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल।पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पँवार के निर्देशन में चलाए जा रहे जागरूकता अभियान के तहत आज दिनांक 15 नवंबर 25 को चमोली पुलिस द्वारा प्रचलित गौचर मेले में साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता बढ़ाने एवं नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी देने हेतु एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस सांस्कृतिक और आर्थिक महोत्सव में जहां विभिन्न पारंपरिक पहनावे,स्थानीय उत्पाद,कला और व्यंजन आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं,वहीं साइबर सेल ने जनता को डिजिटल सुरक्षा और सतर्कता का महत्वपूर्ण संदेश दिया।कार्यक्रम के दौरान प्रभारी साइबर सेल निरीक्षक अजीत एवं प्रभारी एसओजी चमोली उ.नि.सतेन्द्र बुटोला द्वारा मेले में आए स्थानीय नागरिकों, युवाओं एवं व्यापारियों को तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों के विभिन्न स्वरूपों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। उन्होंने लोगों को डिजिटल एरेस्ट,ऑनलाइन फ्रॉड, बैंकिंग धोखाधड़ी,फिशिंग,ओटीपी/केवाईसी अपडेट के नाम पर होने वाली ठगी और सोशल मीडिया पर बरती जाने वाली सुरक्षा सावधानियों के बारे में विस्तार से जागरूक किया,साथ ही उपस्थित लोगों को बताया गया कि किसी भी संदिग्ध कॉल,संदेश या लिंक पर विश्वास न करें,अपनी व्यक्तिगत या बैंक संबंधित जानकारी किसी अजनबी व्यक्ति के साथ साझा न करें और साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत राष्ट्रीय हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी थाने में सूचना दें। पुलिस अधिकारियों द्वारा नशे की बढ़ती प्रवृत्ति और उसके दुष्प्रभावों के बारे में लोगों को जागरूक करते हुए बताया गया कि नशा किसी भी व्यक्ति के जीवन में धीमा लेकिन घातक ज़हर की तरह होता है,जो उसकी सोचने-समझने की क्षमता,शारीरिक स्वास्थ्य और चरित्र को अंदर ही अंदर खोखला कर देता है। नशे की चपेट में आने से निर्णय लेने की क्षमता खत्म होने लगती है,पढ़ाई और रोजगार पर विपरीत प्रभाव पड़ता है तथा परिवार और समाज से दूरियां बढ़ जाती हैं।नशे की वजह से अपराध,सड़क दुर्घटनाएँ,पारिवारिक कलह और मानसिक तनाव जैसी गंभीर समस्याएँ तेजी से बढ़ती हैं,जो युवाओं के भविष्य और समाज की शांति व सुरक्षा को चुनौती देती हैं। इसलिए आवश्यक है कि नशे से पूरी तरह दूरी बनाई जाए और स्वयं के साथ-साथ दूसरों को भी जागरूक किया जाए। इस दौरान उपस्थित लोगों को जागरूकता पम्पलेट भी वितरित किए गए,जिनमें साइबर सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव,फिशिंग से बचने के उपाय,ओटीपी,यूपीआई,बैंकिंग जानकारी साझा न करने जैसी अहम सावधानियां सरल एवं सहज भाषा में बताई गईं,ताकि हर आयु वर्ग के व्यक्ति आसानी से समझ सकें। लोगों ने पम्पलेट लेकर गहरी रुचि दिखाई और इस जानकारी को अपने परिचितों तक पहुंचाने का भी आश्वासन दिया।