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ज्योतिर्मठ में बदरीनाथ धाम यात्रा समापन आदि गुरु शंकराचार्य गद्दी के आगमन से शुरू हुई शीतकालीन पूजा

प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल।ज्योर्तिमठ 27 नवंबर को मंगलवार 25 नवंबर को श्री बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने के बाद आज गुरूवार सुबह को योग बदरी पांडुकेश्वर से आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी सेना के बैंड के भक्तिमय उदघोष के साथ अपराह्न को श्री नृसिंह मंदिर ज्योर्तिमठ पहुंच गयी। अपने संदेश में श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी के गद्दी के ज्योर्तिमठ पहुंचने तथा श्री बदरीनाथ धाम यात्रा के समापन पर शुभकामनाएं दी।बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल ने बताया कि योग बदरी पांडुकेश्वर तथा श्री नृसिंह मंदिर ज्योर्तिमठ में बीकेटीसी दिशा निर्देशों के तहत शीतकालीन पूजा व्यवस्थायें की जा रही है। आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी के श्री नृसिंह मंदिर ज्योतिर्मठ पहुंचने पर बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती तथा मुख्य प्रशासनिक अधिकारी गिरीश चौहान ने आदि गुरु शंकराचार्य जी की गद्दी तथा रावल सहित आगंतुकों की अगवानी कर स्वागत किया। पूजा अर्चना पश्चात आदि गुरु शंकराचार्य गद्दी गद्दी स्थल में विराजमान हो गये जहां शीतकाल में गद्दी के दर्शन होंगे तथा श्री नृसिंह मंदिर ज्योतिर्मठ में शीतकालीन पूजायें भी शुरू होंगी। आदि गुरु शंकराचार्य जी की गद्दी का गोविंद घाट,श्री विष्णु प्रयाग,ग्रीफ केंप मारवाड़ी में तथा लोअर मार्केट ज्योर्तिमठ,में आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी का भब्य स्वागत हुआ। इससे पूर्व बीते बुधवार 26 नवंबर देर शाम को भगवान नारायण के प्रिय वाहन श्री गरूड़ महाराज सजधज कर श्री बदरीनाथ धाम से डोली में श्री नृसिंह मंदिर ज्योतिर्मठ पहुंचे। रैंकवाल पंचायत अध्यक्ष अनूप पंवार,सोनू बजवाड़ी,देवेद्र पंवार,आलोक पंवार आदि रैंकवाल पंचायत पदाधिकारियों ने श्री गरूड़ की देव डोली को श्री बदरीनाथ धाम से श्री ज्योर्तिमठ तक पहुंचाया। जहां देवपुजाई समिति अध्यक्ष अनिल नंबूरी के नेतृत्व एवं अगवानी में विष्णु वाहन श्री गरूड़ का भब्य स्वागत हुआ। इसी शाम भगवान गरूड़ के साथ भगवान नारायण का पवित्र खजाना भी ज्योर्तिमठ पहुंच गया। इस अवसर पर बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती,सदस्य देवी प्रसाद देवली,पूर्व धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल,वरिष्ठ पत्रकार प्रकाश कपरवाण,मुख्य प्रशासनिक अधिकारी गिरीश चौहान,वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी विजेंद्र बिष्ट,देव पुजाई समिति उपाध्यक्ष प्रकाश सती,सचिव प्रकाश नेगी कोषाध्यक्ष आशीष सती,श्री नृसिंह मंदिर प्रभारी संदीप कप्रवाण,लेखाकार भूपेंद्र रावत,सहायक लेखाकार संदेश मेहता,पुजारी सुशील डिमरी,अजय सती प्रदीप बिष्ट,प्रदीप राणा आदि मौजूद रहे। बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डाॅ.हरीश गौड़ ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि 25 नवंबर को श्री बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने के बाद 26 नवंबर को श्री उद्धव एवं श्री कुबेर की देव डोली तथा आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी धाम से शीतकालीन पूजा स्थल योग बदरी पांडुकेश्वर प्रस्थान हुई। श्री उद्धव योगबदरी मंदिर पहुंचे तथा श्री कुबेर पांडुकेश्वर स्थित अपने मंदिर में विराजमान हो गये रैंकवाल पंचायत पदाधिकारी विष्णु वाहन श्री गरूड़ की देव डोली के साथ देर शाम श्री नृसिंह मंदिर ज्योतिर्मठ पहुंचे। आज 27 नवंबर अपराह्न को आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी पांडुकेश्वर से श्री नृसिंह मंदिर ज्योतिर्मठ पहुंची। आदि गुरु शंकराचार्य जी की गद्दी के साथ रावल अमरनाथ नंबूदरी,धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल,मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान,प्रभारी धर्माधिकारी स्वयंबर सेमवाल,वेद पाठी रविंद्र भट्ट,नायब रावल सूर्यराग नंबूदरी,दफेदार हरेंद्र कोठारी,विकास सनवाल सहित श्रद्धालुजन ज्योर्तिमठ पहुंचे।आज शाम को बदरीनाथ धाम रावल अमरनाथ नंबूदरी ने गढ़वाल स्काउट स्थित मां दुर्गा तथा भगवान विष्णु मंदिर में पूजा-अर्चना की इस अवसर पर मंदिर समिति धर्माधिकारी वेद पाठी आचार्य सेना के अधिकारी जवान पूजा-अर्चना में शामिल हुए सेना ने रावल एवं आचार्यों का स्वागत किया।

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