हरिद्वार में योग प्रतियोगिता का भव्य आयोजन 42 स्कूलों के बच्चों ने दिखाया अपना जौहर
प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल।हरिद्वार के 40 से अधिक स्कूलों में भव्य योग प्रतियोगिता,नन्हें प्रतिभागियों ने बिखेरा हुनर
गांव-गांव गूंजा योग का स्वर,हरिद्वार में 42 विद्यालयों के बच्चों ने दिखाया कमाल हरिद्वार में योगोत्सव: ग्रामीण बच्चों ने योग और कला में दिखाया अपना जौहर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2025 के तहत हरिद्वार में 42 स्कूलों में योग का महाकुंभ हरिद्वार। योग को जन-जन तक पहुँचाने और बच्चों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से हरिद्वार जनपद के 42 स्कूलों में योग एवं चित्रकला प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया।कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।इस आयोजन में बहादराबाद,भगवानपुर,और अन्य ब्लॉकों के विद्यालय शामिल हुए।बहादराबाद के राष्ट्रीय कन्या जूनियर हाई स्कूल की छात्रा राजनंदिनी ने प्रथम स्थान प्राप्त कर विद्यालय का नाम रोशन किया,वहीं साक्षी,राशी और आरुषि जैसी छात्राओं ने भी अपनी कला व योग प्रतिभा से सबका मन मोह लिया।भगवानपुर क्षेत्र के विद्यालयों से उजैफा,शिवानी,और अजीम ने प्रथम पुरस्कार जीता,जबकि कशिश शर्मा और ताजरियां ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया।बहादराबाद के राष्ट्रीय कन्या जूनियर हाई स्कूल की छात्रा रजनंदिनी,भगवानपुर के उजैफा,शिवानी और अजीम,लक्सर के विशाल,और खानपुर के दीपक सहित अनेक विजेताओं ने प्रथम स्थान प्राप्त कर अपने क्षेत्र का गौरव बढ़ाया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विद्यालयों के प्रधानाचार्य,ग्राम प्रधान और स्थानीय जनप्रतिनिधि रहे,जिन्होंने विजेताओं को प्रमाण पत्र और पुरस्कार भेंट कर उनका उत्साहवर्धन किया। जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी हरिद्वार डॉ.स्वास्तिक सुरेश ने कहा,ग्रामीण अंचलों में इस प्रकार की योग प्रतियोगिताएँ न केवल बच्चों में स्वस्थ जीवनशैली के बीज बो रही हैं,बल्कि बुजुर्ग और युवा पीढ़ी भी इससे प्रेरित हो रही है। हम इस मुहिम को हर विद्यालय तक ले जाने का संकल्प लेते हैं। राष्ट्रीय आयुष मिशन हरिद्वार के नोडल अधिकारी डॉ.अवनीश उपाध्याय ने कहा,यह आयोजन केवल प्रतियोगिता नहीं,बल्कि ग्रामीण क्षेत्र में योग जागरूकता का अभियान है। बच्चों के माध्यम से हम परिवारों और समाज में योग के प्रति चेतना जगा रहे हैं। यह प्रयास आयुष मिशन के उद्देश्य को गांव-गांव तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम है।राष्ट्रीय कन्या जूनियर हाई स्कूल,बहादराबाद की प्रधानाचार्या कविता रावत ने कहा,ग्राम्य अंचलों में योग प्रतियोगिताएँ न केवल बच्चों में प्रतिस्पर्धात्मक भावना जगाती हैं,बल्कि परिवारों में भी योग के प्रति रुचि उत्पन्न करती हैं। हमारे विद्यालय की छात्रा रजनंदिनी का चयन पूरे गांव के लिए गर्व का विषय है। भगवानपुर के ग्राम प्रधान नरेश पाल ने कहा,पहले योग केवल शहरों तक सीमित था,लेकिन अब गांव-गांव के बच्चे भी इसे सीख रहे हैं। इस प्रकार के आयोजन ग्रामीण क्षेत्रों में योग का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। आदर्श इंटर कॉलेज,लक्सर के प्रधानाचार्य विजय कुमार ने कहा,प्रतियोगिता से बच्चों में आत्मविश्वास आता है और जब वे योग में पुरस्कार जीतते हैं तो उनका मनोबल बढ़ता है। इससे वे नियमित योगाभ्यास की आदत भी डालते हैं। गवर्नमेंट हाई स्कूल,खानपुर के अतिथि प्रीति त्यागी ने कहा,इस प्रतियोगिता से बच्चों में स्वास्थ्य के प्रति सजगता आई है। साथ ही अभिभावक भी योग के महत्व को समझने लगे हैं। यह एक सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन है। डॉ.मोनिका प्रभाकर,डॉ.नवीन दास,डॉ.सोरमी सोनकर,डॉ.घनेन्द्र वशिष्ठ,डॉ.विश्वजीत मांझी,डॉ.मनीषा चौहान,डॉ.वीरेंद्र सिंह रावत,डॉ.विशाल प्रभाकर,डॉ.विक्रम रावत,डॉ.रेनू सिंह,डॉ.योगेन्द्र जैसवान,डॉ.अश्वनी कौशिक,डॉ.मोहम्मद मारूफ,डॉ.प्रदीप कुमार आदि आयोजक प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों ने बताया कि विजेताओं की प्रविष्टियाँ जिला स्तर की प्रतियोगिता हेतु चयनित की जाएँगी। यह आयोजन न केवल बच्चों में प्रतिस्पर्धात्मक भावना को बढ़ावा देने वाला सिद्ध हुआ,बल्कि योग के प्रति जनमानस में जागरूकता लाने में भी मील का पत्थर साबित हुआ।
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हरिद्वार में योग प्रतियोगिता का भव्य आयोजन 42 स्कूलों के बच्चों ने दिखाया अपना जौहर
प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल।हरिद्वार के 40 से अधिक स्कूलों में भव्य योग प्रतियोगिता,नन्हें प्रतिभागियों ने बिखेरा हुनर
गांव-गांव गूंजा योग का स्वर,हरिद्वार में 42 विद्यालयों के बच्चों ने दिखाया कमाल हरिद्वार में योगोत्सव: ग्रामीण बच्चों ने योग और कला में दिखाया अपना जौहर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2025 के तहत हरिद्वार में 42 स्कूलों में योग का महाकुंभ हरिद्वार। योग को जन-जन तक पहुँचाने और बच्चों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से हरिद्वार जनपद के 42 स्कूलों में योग एवं चित्रकला प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया।कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।इस आयोजन में बहादराबाद,भगवानपुर,और अन्य ब्लॉकों के विद्यालय शामिल हुए।बहादराबाद के राष्ट्रीय कन्या जूनियर हाई स्कूल की छात्रा राजनंदिनी ने प्रथम स्थान प्राप्त कर विद्यालय का नाम रोशन किया,वहीं साक्षी,राशी और आरुषि जैसी छात्राओं ने भी अपनी कला व योग प्रतिभा से सबका मन मोह लिया।भगवानपुर क्षेत्र के विद्यालयों से उजैफा,शिवानी,और अजीम ने प्रथम पुरस्कार जीता,जबकि कशिश शर्मा और ताजरियां ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया।बहादराबाद के राष्ट्रीय कन्या जूनियर हाई स्कूल की छात्रा रजनंदिनी,भगवानपुर के उजैफा,शिवानी और अजीम,लक्सर के विशाल,और खानपुर के दीपक सहित अनेक विजेताओं ने प्रथम स्थान प्राप्त कर अपने क्षेत्र का गौरव बढ़ाया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विद्यालयों के प्रधानाचार्य,ग्राम प्रधान और स्थानीय जनप्रतिनिधि रहे,जिन्होंने विजेताओं को प्रमाण पत्र और पुरस्कार भेंट कर उनका उत्साहवर्धन किया। जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी हरिद्वार डॉ.स्वास्तिक सुरेश ने कहा,ग्रामीण अंचलों में इस प्रकार की योग प्रतियोगिताएँ न केवल बच्चों में स्वस्थ जीवनशैली के बीज बो रही हैं,बल्कि बुजुर्ग और युवा पीढ़ी भी इससे प्रेरित हो रही है। हम इस मुहिम को हर विद्यालय तक ले जाने का संकल्प लेते हैं। राष्ट्रीय आयुष मिशन हरिद्वार के नोडल अधिकारी डॉ.अवनीश उपाध्याय ने कहा,यह आयोजन केवल प्रतियोगिता नहीं,बल्कि ग्रामीण क्षेत्र में योग जागरूकता का अभियान है। बच्चों के माध्यम से हम परिवारों और समाज में योग के प्रति चेतना जगा रहे हैं। यह प्रयास आयुष मिशन के उद्देश्य को गांव-गांव तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम है।राष्ट्रीय कन्या जूनियर हाई स्कूल,बहादराबाद की प्रधानाचार्या कविता रावत ने कहा,ग्राम्य अंचलों में योग प्रतियोगिताएँ न केवल बच्चों में प्रतिस्पर्धात्मक भावना जगाती हैं,बल्कि परिवारों में भी योग के प्रति रुचि उत्पन्न करती हैं। हमारे विद्यालय की छात्रा रजनंदिनी का चयन पूरे गांव के लिए गर्व का विषय है। भगवानपुर के ग्राम प्रधान नरेश पाल ने कहा,पहले योग केवल शहरों तक सीमित था,लेकिन अब गांव-गांव के बच्चे भी इसे सीख रहे हैं। इस प्रकार के आयोजन ग्रामीण क्षेत्रों में योग का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। आदर्श इंटर कॉलेज,लक्सर के प्रधानाचार्य विजय कुमार ने कहा,प्रतियोगिता से बच्चों में आत्मविश्वास आता है और जब वे योग में पुरस्कार जीतते हैं तो उनका मनोबल बढ़ता है। इससे वे नियमित योगाभ्यास की आदत भी डालते हैं। गवर्नमेंट हाई स्कूल,खानपुर के अतिथि प्रीति त्यागी ने कहा,इस प्रतियोगिता से बच्चों में स्वास्थ्य के प्रति सजगता आई है। साथ ही अभिभावक भी योग के महत्व को समझने लगे हैं। यह एक सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन है। डॉ.मोनिका प्रभाकर,डॉ.नवीन दास,डॉ.सोरमी सोनकर,डॉ.घनेन्द्र वशिष्ठ,डॉ.विश्वजीत मांझी,डॉ.मनीषा चौहान,डॉ.वीरेंद्र सिंह रावत,डॉ.विशाल प्रभाकर,डॉ.विक्रम रावत,डॉ.रेनू सिंह,डॉ.योगेन्द्र जैसवान,डॉ.अश्वनी कौशिक,डॉ.मोहम्मद मारूफ,डॉ.प्रदीप कुमार आदि आयोजक प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों ने बताया कि विजेताओं की प्रविष्टियाँ जिला स्तर की प्रतियोगिता हेतु चयनित की जाएँगी। यह आयोजन न केवल बच्चों में प्रतिस्पर्धात्मक भावना को बढ़ावा देने वाला सिद्ध हुआ,बल्कि योग के प्रति जनमानस में जागरूकता लाने में भी मील का पत्थर साबित हुआ।