प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। त्रियुगीनारायण–सोनप्रयाग मोटर मार्ग पर किलोमीटर 5 से 6 के बीच डामरीकरण उखड़ने की सूचना पर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना विभाग ने तत्परता दिखाते हुए मौके पर जांच कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए हैं। अधिशासी अभियंता पीएमजीएसवाई पवन कुमार के नेतृत्व में गठित जांच टीम ने स्थल का विस्तृत निरीक्षण किया। जांच के दौरान यह पाया गया कि हाल ही में मौसम में आए अचानक बदलाव एवं अत्यधिक ठंड के कारण उक्त स्थान पर डामरीकरण प्रभावित हुआ जिससे सड़क की ऊपरी परत उखड़ गई। तकनीकी कारणों को ध्यान में रखते हुए विभाग ने इस समस्या को गंभीरता से लिया और तत्काल प्रभाव से कार्यवाही सुनिश्चित की। अधिशासी अभियंता पवन कुमार ने मौके पर ही संबंधित ठेकेदार को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उनकी मौजूदगी में प्रभावित डामरीकरण को पूरी तरह हटाया गया ताकि नए सिरे से कार्य करते समय मजबूती और टिकाऊपन सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने संबंधित ठेकेदार को यह भी निर्देश दिए कि डामरीकरण सामग्री को प्लांट से साइट तक लाते समय पूरी तरह से त्रिपाल से ढककर लाया जाए जिससे तापमान और गुणवत्ता प्रभावित न हो। साथ ही कार्य शुरू करने से पहले सभी तकनीकी मानकों और प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित किया जाए।
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प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। त्रियुगीनारायण–सोनप्रयाग मोटर मार्ग पर किलोमीटर 5 से 6 के बीच डामरीकरण उखड़ने की सूचना पर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना विभाग ने तत्परता दिखाते हुए मौके पर जांच कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए हैं। अधिशासी अभियंता पीएमजीएसवाई पवन कुमार के नेतृत्व में गठित जांच टीम ने स्थल का विस्तृत निरीक्षण किया। जांच के दौरान यह पाया गया कि हाल ही में मौसम में आए अचानक बदलाव एवं अत्यधिक ठंड के कारण उक्त स्थान पर डामरीकरण प्रभावित हुआ जिससे सड़क की ऊपरी परत उखड़ गई। तकनीकी कारणों को ध्यान में रखते हुए विभाग ने इस समस्या को गंभीरता से लिया और तत्काल प्रभाव से कार्यवाही सुनिश्चित की। अधिशासी अभियंता पवन कुमार ने मौके पर ही संबंधित ठेकेदार को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उनकी मौजूदगी में प्रभावित डामरीकरण को पूरी तरह हटाया गया ताकि नए सिरे से कार्य करते समय मजबूती और टिकाऊपन सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने संबंधित ठेकेदार को यह भी निर्देश दिए कि डामरीकरण सामग्री को प्लांट से साइट तक लाते समय पूरी तरह से त्रिपाल से ढककर लाया जाए जिससे तापमान और गुणवत्ता प्रभावित न हो। साथ ही कार्य शुरू करने से पहले सभी तकनीकी मानकों और प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित किया जाए।