प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। उपजिलाधिकारी थलीसैंण कृष्णा त्रिपाठी द्वारा क्षेत्र के छात्र-छात्राओं के लिए थलीसैंण से देशसेवा नामक एक प्रेरणादायक पहल की शुरुआत की गयी है। इस मुहिम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है।कार्यक्रम के प्रथम दिवस पर उपजिलाधिकारी द्वारा स्वयं 3 घंटे की इतिहास विषय की क्रैश कोर्स कक्षा संचालित की गयी जिसमें कुल 18 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। विद्यार्थियों ने इस पहल को अत्यंत उपयोगी बताते हुए उत्साहपूर्वक सहभागिता की। उपजिलाधिकारी ने बताया कि इस पहल के अंतर्गत प्रत्येक रविवार को क्रैश कोर्स एवं मैराथन कक्षाओं का आयोजन किया जाएगा जिससे अभ्यर्थियों के ज्ञान एवं प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता का निरंतर विकास सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने बताया कि उक्त पहल का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र के अधिक से अधिक विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल बनाना है ताकि उन्हें उच्च गुणवत्ता की तैयारी के लिए देहरादून अथवा अन्य शहरों की ओर पलायन न करना पड़े। इस पहल के लिए ग्राम प्रधानों एवं अभिभावकों ने उपजिलाधिकारी का आभार व्यक्त करते हुए इसे क्षेत्र के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। स्थानीय नागरिकों ने कहा कि स्थानीय स्तर पर शिक्षा एवं मार्गदर्शन उपलब्ध कराकर यह पहल शिक्षा में रिवर्स पलायन की दिशा में भी एक सराहनीय प्रयास है। उन्होंने कहा कि यह मुहिम न केवल शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार का उदाहरण प्रस्तुत कर रही है बल्कि स्थानीय युवाओं को देशसेवा के लिए प्रेरित करते हुए स्थानीय से राष्ट्रीय विकास की अवधारणा को भी साकार कर रही है। कार्यक्रम के सफल संचालन में राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के उप प्राचार्य दुदुन मेहता अधिशासी अधिकारी दीपक प्रताप तथा बाल विकास परियोजना अधिकारी पूजा रावत का विशेष सहयोग रहा।
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प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। उपजिलाधिकारी थलीसैंण कृष्णा त्रिपाठी द्वारा क्षेत्र के छात्र-छात्राओं के लिए थलीसैंण से देशसेवा नामक एक प्रेरणादायक पहल की शुरुआत की गयी है। इस मुहिम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है।कार्यक्रम के प्रथम दिवस पर उपजिलाधिकारी द्वारा स्वयं 3 घंटे की इतिहास विषय की क्रैश कोर्स कक्षा संचालित की गयी जिसमें कुल 18 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। विद्यार्थियों ने इस पहल को अत्यंत उपयोगी बताते हुए उत्साहपूर्वक सहभागिता की। उपजिलाधिकारी ने बताया कि इस पहल के अंतर्गत प्रत्येक रविवार को क्रैश कोर्स एवं मैराथन कक्षाओं का आयोजन किया जाएगा जिससे अभ्यर्थियों के ज्ञान एवं प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता का निरंतर विकास सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने बताया कि उक्त पहल का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र के अधिक से अधिक विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल बनाना है ताकि उन्हें उच्च गुणवत्ता की तैयारी के लिए देहरादून अथवा अन्य शहरों की ओर पलायन न करना पड़े। इस पहल के लिए ग्राम प्रधानों एवं अभिभावकों ने उपजिलाधिकारी का आभार व्यक्त करते हुए इसे क्षेत्र के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। स्थानीय नागरिकों ने कहा कि स्थानीय स्तर पर शिक्षा एवं मार्गदर्शन उपलब्ध कराकर यह पहल शिक्षा में रिवर्स पलायन की दिशा में भी एक सराहनीय प्रयास है। उन्होंने कहा कि यह मुहिम न केवल शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार का उदाहरण प्रस्तुत कर रही है बल्कि स्थानीय युवाओं को देशसेवा के लिए प्रेरित करते हुए स्थानीय से राष्ट्रीय विकास की अवधारणा को भी साकार कर रही है। कार्यक्रम के सफल संचालन में राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के उप प्राचार्य दुदुन मेहता अधिशासी अधिकारी दीपक प्रताप तथा बाल विकास परियोजना अधिकारी पूजा रावत का विशेष सहयोग रहा।