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प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद पौड़ी गढ़वाल के समस्त बाल विकास परियोजनाओं के अंतर्गत विभिन्न थीम आधारित गतिविधियों के साथ 9 से 28 अप्रैल तक पोषण पखवाड़ा मनाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जन्म से 6 वर्ष तक के बच्चों के समग्र शारीरिक एवं मानसिक विकास को प्रोत्साहित करना तथा आमजन को संतुलित आहार एवं स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरुक करना है। बाल विकास परियोजना थलीसैंण के अंतर्गत आंगनवाड़ी केन्द्र रिस्ती पाटौं एवं जखोला में सुनहरे 1000 दिन के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी गई। आंगनवाड़ी केन्द्र रिस्ती में बच्चों द्वारा प्रस्तुत नाटक के माध्यम से जंक एवं पैकेट फूड के दुष्प्रभावों को रेखांकित करते हुए पौष्टिक भोजन अपनाने का संदेश दिया गया। आंगनवाड़ी केन्द्र पाटौं एवं जखोला में अभिभावकों गर्भवती एवं धात्री महिलाओं तथा स्कूली बच्चों को पोषण संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गयी। साथ ही बच्चों के स्क्रीन टाइम को सीमित करने तथा उन्हें रचनात्मक एवं शारीरिक गतिविधियों में अधिक संलग्न रखने के सुझाव दिए गए। इस क्रम में बाल विकास परियोजना कोट के अंतर्गत आंगनवाड़ी केन्द्र फलस्वाड़ी एवं खोला में 8वें पोषण पखवाड़े की थीम ‘माँ एवं बच्चे का पोषण पर आधारित कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान संतुलित आहार के महत्व पर प्रकाश डालते हुए गर्भवती महिलाओं की गोदभराई की गयी तथा उन्हें गर्भावस्था के दौरान स्वस्थ दिनचर्या अपनाने नियमित टीकाकरण एवं स्वास्थ्य जांच कराने हेतु प्रेरित किया गया। परियोजना बीरोंखाल में एएनएम द्वारा टीकाकरण के महत्व पर जानकारी दी गयी जबकि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा खेल आधारित गतिविधियों के लाभों से अवगत कराया गया। इसी प्रकार परियोजना कल्जीखाल के अंतर्गत आंगनवाड़ी केन्द्र खाल्यूं सैनीखाल एवं पणिया में जंक फूड एवं अत्यधिक मोबाइल उपयोग के दुष्परिणामों के बारे में जागरुक करते हुए इनके सीमित उपयोग की सलाह दी गयी। सभी कार्यक्रमों में अभिभावकों ग्राम प्रधानों आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं की सक्रिय सहभागिता रही। जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेंद्र थपलियाल ने बताया कि पोषण पखवाड़ा के माध्यम से जनपद में स्वास्थ्य एवं पोषण के प्रति जागरुकता का सकारात्मक वातावरण तैयार हो रहा है।

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