प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित श्री बदरीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल 2026 को खुलने जा रहे हैं। इस आध्यात्मिक अवसर को लेकर शासन-प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है और तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसी क्रम में बदरीनाथ धाम यात्रा के लिए नियुक्त नोडल अधिकारी तथा अपर पुलिस महानिदेशक प्रशासन ए पी अंशुमान ने जनपद चमोली के गौचर पहुंचकर यात्रा व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की। जनपद आगमन पर उन्हें सलामी गार्द द्वारा सम्मान दिया गया। इसके पश्चात पुलिस कप्तान सुरजीत सिंह पंवार ने उनका स्वागत करते हुए अब तक की तैयारियों की जानकारी साझा की। इसके बाद एडीजी ने उच्चस्तरीय बैठक कर विभिन्न विभागों जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों के साथ यात्रा व्यवस्थाओं को लेकर गहन चर्चा की। बैठक में बीआरओ आईटीबीपी नगर पालिका व्यापार संघ जनप्रतिनिधियों जिला प्रशासन पीडब्ल्यूडी रेलवे तथा राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े अधिकारियों ने भाग लिया। यात्रा मार्ग के संवेदनशील बिंदु कमेडा क्षेत्र की स्थिति पर विशेष चर्चा हुई, जहां वर्तमान में एकल मार्ग संचालित है। अधिकारियों ने जानकारी दी कि निर्माण कार्य तेजी से जारी है और यात्रा शुरू होने से पहले इसे दो लेन में सुचारु कर दिया जाएगा। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने बताया कि गौचर से ऊपर का मार्ग नदी किनारे से गुजरता है जहां दुर्घटना की स्थिति में वाहन के अलकनंदा नदी में गिरने का खतरा रहता है। इस पर एडीजी ने संवेदनशील स्थानों पर जल पुलिस की तैनाती और स्थानीय गोताखोरों की सेवाएं लेने पर सहमति जताई। बैठक में गैस सिलेंडरों की बढ़ती मांग और आपूर्ति व्यवस्था को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई। सुझाव दिया गया कि यात्रा अवधि के दौरान पर्याप्त गैस आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और आवश्यकता पड़ने पर वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में मिट्टी के तेल की उपलब्धता भी रखी जाए। इसके अलावा बिना पंजीकरण आए यात्रियों को वापस लौटाने की व्यवस्था से स्थानीय व्यापार पर पड़ने वाले प्रभाव का मुद्दा भी उठाया गया। इस पर ऑफलाइन पंजीकरण व्यवस्था पर पुनर्विचार करने का सुझाव दिया गया जिससे यात्रियों और व्यापारियों दोनों को राहत मिल सके। नगर पालिका अध्यक्ष गौचर ने क्षेत्र के बढ़ते विस्तार और गतिविधियों को देखते हुए गौचर चौकी को थाना स्तर पर उच्चीकृत करने की मांग रखी ताकि कानून व्यवस्था और पुलिस रिस्पॉन्स को और बेहतर बनाया जा सके। एसडीएम कर्णप्रयाग ने जानकारी दी कि यात्रा और विवाह सीजन के चलते आवश्यक वस्तुओं की मांग बढ़ी है जिसे देखते हुए प्रशासन द्वारा आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि यात्रा के दौरान किसी प्रकार की कमी नहीं होने दी जाएगी। एडीजी ने गौचर स्थित यात्री पंजीकरण केंद्र का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं कतार प्रबंधन और पंजीकरण प्रक्रिया का जायजा लिया। उन्होंने निर्देश दिए कि पंजीकरण प्रक्रिया सरल और त्वरित हो जिससे यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसके उपरांत पीपलकोटी में व्यापार संघ टैक्सी यूनियन और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। इस दौरान रैश ड्राइविंग करने वाले बाइकर्स पर सख्त कार्रवाई बिना साइलेंसर वाले वाहनों पर नियंत्रण तथा मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में त्वरित सड़क खोलने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग उठाई गई। सुरक्षा के दृष्टिगत रात्रि में यात्री वाहनों के संचालन को नियंत्रित करने का सुझाव भी दिया गया साथ ही जिन यात्रियों की पूर्व बुकिंग हो उन्हें सत्यापन के बाद अनुमति देने की बात कही गई। एडीजी ए पी अंशुमान ने सभी सुझावों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को समन्वय स्थापित कर प्रभावी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों और व्यापारियों के सुझाव यात्रा को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे और तकनीक तथा स्थानीय अनुभव के समन्वय से एक आदर्श यात्रा व्यवस्था लागू की जाएगी। इस दौरान उसमान अली सोहन सिंह रांगड़ मनोज शाह मनोहर कुमार संदीप नेगी राकेश लिंगवाल अरुण मैठाणी दिनेश चंद्र मैंदोली देवेंद्र नेगी अतुल शाह राजदर्शन सिंह बद्री प्रसाद भट्ट अयोध्या प्रसाद हटवाल पंकज पुरोहित सहित अन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
Spread the love
प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित श्री बदरीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल 2026 को खुलने जा रहे हैं। इस आध्यात्मिक अवसर को लेकर शासन-प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है और तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसी क्रम में बदरीनाथ धाम यात्रा के लिए नियुक्त नोडल अधिकारी तथा अपर पुलिस महानिदेशक प्रशासन ए पी अंशुमान ने जनपद चमोली के गौचर पहुंचकर यात्रा व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की। जनपद आगमन पर उन्हें सलामी गार्द द्वारा सम्मान दिया गया। इसके पश्चात पुलिस कप्तान सुरजीत सिंह पंवार ने उनका स्वागत करते हुए अब तक की तैयारियों की जानकारी साझा की। इसके बाद एडीजी ने उच्चस्तरीय बैठक कर विभिन्न विभागों जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों के साथ यात्रा व्यवस्थाओं को लेकर गहन चर्चा की। बैठक में बीआरओ आईटीबीपी नगर पालिका व्यापार संघ जनप्रतिनिधियों जिला प्रशासन पीडब्ल्यूडी रेलवे तथा राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े अधिकारियों ने भाग लिया। यात्रा मार्ग के संवेदनशील बिंदु कमेडा क्षेत्र की स्थिति पर विशेष चर्चा हुई, जहां वर्तमान में एकल मार्ग संचालित है। अधिकारियों ने जानकारी दी कि निर्माण कार्य तेजी से जारी है और यात्रा शुरू होने से पहले इसे दो लेन में सुचारु कर दिया जाएगा। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने बताया कि गौचर से ऊपर का मार्ग नदी किनारे से गुजरता है जहां दुर्घटना की स्थिति में वाहन के अलकनंदा नदी में गिरने का खतरा रहता है। इस पर एडीजी ने संवेदनशील स्थानों पर जल पुलिस की तैनाती और स्थानीय गोताखोरों की सेवाएं लेने पर सहमति जताई। बैठक में गैस सिलेंडरों की बढ़ती मांग और आपूर्ति व्यवस्था को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई। सुझाव दिया गया कि यात्रा अवधि के दौरान पर्याप्त गैस आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और आवश्यकता पड़ने पर वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में मिट्टी के तेल की उपलब्धता भी रखी जाए। इसके अलावा बिना पंजीकरण आए यात्रियों को वापस लौटाने की व्यवस्था से स्थानीय व्यापार पर पड़ने वाले प्रभाव का मुद्दा भी उठाया गया। इस पर ऑफलाइन पंजीकरण व्यवस्था पर पुनर्विचार करने का सुझाव दिया गया जिससे यात्रियों और व्यापारियों दोनों को राहत मिल सके। नगर पालिका अध्यक्ष गौचर ने क्षेत्र के बढ़ते विस्तार और गतिविधियों को देखते हुए गौचर चौकी को थाना स्तर पर उच्चीकृत करने की मांग रखी ताकि कानून व्यवस्था और पुलिस रिस्पॉन्स को और बेहतर बनाया जा सके। एसडीएम कर्णप्रयाग ने जानकारी दी कि यात्रा और विवाह सीजन के चलते आवश्यक वस्तुओं की मांग बढ़ी है जिसे देखते हुए प्रशासन द्वारा आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि यात्रा के दौरान किसी प्रकार की कमी नहीं होने दी जाएगी। एडीजी ने गौचर स्थित यात्री पंजीकरण केंद्र का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं कतार प्रबंधन और पंजीकरण प्रक्रिया का जायजा लिया। उन्होंने निर्देश दिए कि पंजीकरण प्रक्रिया सरल और त्वरित हो जिससे यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसके उपरांत पीपलकोटी में व्यापार संघ टैक्सी यूनियन और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। इस दौरान रैश ड्राइविंग करने वाले बाइकर्स पर सख्त कार्रवाई बिना साइलेंसर वाले वाहनों पर नियंत्रण तथा मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में त्वरित सड़क खोलने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग उठाई गई। सुरक्षा के दृष्टिगत रात्रि में यात्री वाहनों के संचालन को नियंत्रित करने का सुझाव भी दिया गया साथ ही जिन यात्रियों की पूर्व बुकिंग हो उन्हें सत्यापन के बाद अनुमति देने की बात कही गई। एडीजी ए पी अंशुमान ने सभी सुझावों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को समन्वय स्थापित कर प्रभावी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों और व्यापारियों के सुझाव यात्रा को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे और तकनीक तथा स्थानीय अनुभव के समन्वय से एक आदर्श यात्रा व्यवस्था लागू की जाएगी। इस दौरान उसमान अली सोहन सिंह रांगड़ मनोज शाह मनोहर कुमार संदीप नेगी राकेश लिंगवाल अरुण मैठाणी दिनेश चंद्र मैंदोली देवेंद्र नेगी अतुल शाह राजदर्शन सिंह बद्री प्रसाद भट्ट अयोध्या प्रसाद हटवाल पंकज पुरोहित सहित अन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग उपस्थित रहे।