प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद रुद्रप्रयाग के तहसील सभागार में आयोजित जनगणना 2027 की तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का सफल समापन हो गया। इस कार्यशाला में जनगणना कार्य से जुड़े प्रगणन अधिकारियों और पर्यवेक्षकों को विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया गया। तीन दिनों तक चले प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनरों द्वारा प्रतिभागियों को जनगणना की प्रक्रियाओं नियमों और तकनीकी पहलुओं की गहन जानकारी दी गई। इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से किए जाने के कारण प्रशिक्षण में ऑनलाइन प्रणाली डेटा एंट्री मोबाइल एप्लिकेशन के उपयोग और तकनीकी सावधानियों पर विशेष जोर दिया गया। समापन अवसर पर जिलाधिकारी विशाल मिश्रा भी प्रशिक्षण सत्र में शामिल हुए। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि जनगणना एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है जिसकी सटीकता और पारदर्शिता देश की नीतियों और योजनाओं के निर्धारण में अहम भूमिका निभाती है। उन्होंने सभी से अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ करने का आह्वान किया। जिलाधिकारी ने कहा कि इस बार जनगणना प्रक्रिया में डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग प्रमुख रूप से किया जा रहा है इसलिए यह प्रशिक्षण सभी अधिकारियों के लिए आवश्यक है ताकि वे नई तकनीकों को समझकर कार्य को सुचारु रूप से संपादित कर सकें। फील्ड मास्टर ट्रेनर जसपाल सिंह रावत ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान प्रगणन अधिकारियों और पर्यवेक्षकों को सभी तकनीकी बिंदुओं की विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही डिजिटल जनगणना की बारीकियों डेटा संग्रहण की विधियों और संभावित समस्याओं के समाधान के बारे में भी प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण के अंत में प्रतिभागियों का परीक्षण भी कराया गया जिससे उनकी तैयारी सुनिश्चित की जा सके। इस अवसर पर उप जिलाधिकारी सोहन सिंह सैनी तहसीलदार जगदीश सिंह नेगी प्रशिक्षु और विभिन्न अधिकारी उपस्थित रहे।
Spread the love
प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद रुद्रप्रयाग के तहसील सभागार में आयोजित जनगणना 2027 की तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का सफल समापन हो गया। इस कार्यशाला में जनगणना कार्य से जुड़े प्रगणन अधिकारियों और पर्यवेक्षकों को विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया गया। तीन दिनों तक चले प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनरों द्वारा प्रतिभागियों को जनगणना की प्रक्रियाओं नियमों और तकनीकी पहलुओं की गहन जानकारी दी गई। इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से किए जाने के कारण प्रशिक्षण में ऑनलाइन प्रणाली डेटा एंट्री मोबाइल एप्लिकेशन के उपयोग और तकनीकी सावधानियों पर विशेष जोर दिया गया। समापन अवसर पर जिलाधिकारी विशाल मिश्रा भी प्रशिक्षण सत्र में शामिल हुए। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि जनगणना एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है जिसकी सटीकता और पारदर्शिता देश की नीतियों और योजनाओं के निर्धारण में अहम भूमिका निभाती है। उन्होंने सभी से अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ करने का आह्वान किया। जिलाधिकारी ने कहा कि इस बार जनगणना प्रक्रिया में डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग प्रमुख रूप से किया जा रहा है इसलिए यह प्रशिक्षण सभी अधिकारियों के लिए आवश्यक है ताकि वे नई तकनीकों को समझकर कार्य को सुचारु रूप से संपादित कर सकें। फील्ड मास्टर ट्रेनर जसपाल सिंह रावत ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान प्रगणन अधिकारियों और पर्यवेक्षकों को सभी तकनीकी बिंदुओं की विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही डिजिटल जनगणना की बारीकियों डेटा संग्रहण की विधियों और संभावित समस्याओं के समाधान के बारे में भी प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण के अंत में प्रतिभागियों का परीक्षण भी कराया गया जिससे उनकी तैयारी सुनिश्चित की जा सके। इस अवसर पर उप जिलाधिकारी सोहन सिंह सैनी तहसीलदार जगदीश सिंह नेगी प्रशिक्षु और विभिन्न अधिकारी उपस्थित रहे।