प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में कोटी कॉलोनी जाख डोबरा पर्यटन सड़क निर्माण से प्रभावित ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में ग्राम जाख तिवाड़गांव और पलास के ग्रामीण उपस्थित रहे और उन्होंने अपनी भूमि व अन्य परिसंपत्तियों के सर्वे को लेकर आपत्तियां दर्ज कराईं। ग्रामीणों ने बताया कि सर्वे टीम द्वारा उनकी भूमि और संपत्तियों का सही आकलन नहीं किया गया है जिससे उन्हें उचित मुआवजा मिलने में समस्या आ सकती है। इस पर जिलाधिकारी ने सभी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए ग्रामीणों की बात विस्तार से सुनी। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जिन लोगों को अपने भूमि या संपत्ति के आकलन पर आपत्ति है वे अपनी शिकायतें लिखित रूप में प्रस्तुत करें। बैठक के दौरान कुल 14 लिखित आपत्तियां दर्ज की गईं। इन शिकायतों के आधार पर संबंधित अधिकारियों को पुनः सर्वे कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए ताकि प्रभावितों को न्यायोचित समाधान मिल सके। उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता है कि किसी भी प्रभावित व्यक्ति के साथ अन्याय न हो और सभी को पारदर्शी और निष्पक्ष प्रक्रिया के तहत उचित लाभ मिले। साथ ही संबंधित विभागों को सर्वे कार्य में पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण विभाग केएस नेगी एसडीएम टिहरी कमलेश मेहता अधिशासी अभियंता पीएमजीएस अविनाश सैनी बीना सेमवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और संबंधित गांवों के काश्तकार उपस्थित रहे।
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प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में कोटी कॉलोनी जाख डोबरा पर्यटन सड़क निर्माण से प्रभावित ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में ग्राम जाख तिवाड़गांव और पलास के ग्रामीण उपस्थित रहे और उन्होंने अपनी भूमि व अन्य परिसंपत्तियों के सर्वे को लेकर आपत्तियां दर्ज कराईं। ग्रामीणों ने बताया कि सर्वे टीम द्वारा उनकी भूमि और संपत्तियों का सही आकलन नहीं किया गया है जिससे उन्हें उचित मुआवजा मिलने में समस्या आ सकती है। इस पर जिलाधिकारी ने सभी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए ग्रामीणों की बात विस्तार से सुनी। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जिन लोगों को अपने भूमि या संपत्ति के आकलन पर आपत्ति है वे अपनी शिकायतें लिखित रूप में प्रस्तुत करें। बैठक के दौरान कुल 14 लिखित आपत्तियां दर्ज की गईं। इन शिकायतों के आधार पर संबंधित अधिकारियों को पुनः सर्वे कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए ताकि प्रभावितों को न्यायोचित समाधान मिल सके। उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता है कि किसी भी प्रभावित व्यक्ति के साथ अन्याय न हो और सभी को पारदर्शी और निष्पक्ष प्रक्रिया के तहत उचित लाभ मिले। साथ ही संबंधित विभागों को सर्वे कार्य में पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण विभाग केएस नेगी एसडीएम टिहरी कमलेश मेहता अधिशासी अभियंता पीएमजीएस अविनाश सैनी बीना सेमवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और संबंधित गांवों के काश्तकार उपस्थित रहे।