प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। टिहरी पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि विगत कई दिनों से एक अर्धविक्षिप्त महिला आस्था पथ एवं स्वामीनारायण आश्रम के आसपास लावारिस अवस्था में घूम रही है। महिला की मानसिक स्थिति अस्थिर प्रतीत हो रही थी जिससे उसके साथ किसी अप्रिय घटना की आशंका बनी हुई थी। सूचना पर संज्ञान लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे द्वारा क्षेत्राधिकारी नरेंद्रनगर एवं प्रभारी निरीक्षक मुनि की रेती को महिला के संबंध में जानकारी एकत्रित करने तथा उसके समुचित पुनर्वास हेतु आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। निर्देशों के अनुपालन में मुनि की रेती पुलिस टीम द्वारा महिला से पूछताछ का प्रयास किया गया लेकिन वह अपने नाम इंदिरा के अतिरिक्त कोई अन्य जानकारी देने में असमर्थ रही। महिला की मानसिक स्थिति अत्यंत कमजोर पाई गई। इसके बाद महिला आरक्षी की सहायता से उक्त महिला को पुलिस चौकी जानकी सेतु लाया गया जहां उसे स्नान कराकर भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। पुलिस टीम ने उसे शांतिपूर्वक समझाते हुए दोबारा जानकारी लेने का प्रयास किया लेकिन वह कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं थी। इसके उपरांत टिहरी पुलिस द्वारा मानवीय संवेदनशीलता दिखाते हुए महिला का चिकित्सीय परीक्षण राजकीय चिकित्सालय ऋषिकेश में कराया गया। बाद में समुचित देखभाल सुनिश्चित करने के लिए उसे अपना घर आश्रम शामली उत्तर प्रदेश में स्वयं ले जाकर सुरक्षित रूप से दाखिल कराया गया। अपना घर आश्रम एक प्रतिष्ठित स्वयंसेवी संस्था है जो मानसिक रूप से अस्वस्थ और असहाय महिलाओं एवं पुरुषों को आश्रय देखभाल और पुनर्वास की सुविधा प्रदान करती है। टिहरी पुलिस की इस पहल को आस्था पथ क्षेत्र के आश्रम संचालकों स्थानीय निवासियों और यात्रियों द्वारा सराहा जा रहा है। यह कार्य पुलिस की मानवीय संवेदनशीलता तत्परता और कर्तव्यनिष्ठा का उदाहरण माना जा रहा है।
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प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। टिहरी पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि विगत कई दिनों से एक अर्धविक्षिप्त महिला आस्था पथ एवं स्वामीनारायण आश्रम के आसपास लावारिस अवस्था में घूम रही है। महिला की मानसिक स्थिति अस्थिर प्रतीत हो रही थी जिससे उसके साथ किसी अप्रिय घटना की आशंका बनी हुई थी। सूचना पर संज्ञान लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे द्वारा क्षेत्राधिकारी नरेंद्रनगर एवं प्रभारी निरीक्षक मुनि की रेती को महिला के संबंध में जानकारी एकत्रित करने तथा उसके समुचित पुनर्वास हेतु आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। निर्देशों के अनुपालन में मुनि की रेती पुलिस टीम द्वारा महिला से पूछताछ का प्रयास किया गया लेकिन वह अपने नाम इंदिरा के अतिरिक्त कोई अन्य जानकारी देने में असमर्थ रही। महिला की मानसिक स्थिति अत्यंत कमजोर पाई गई। इसके बाद महिला आरक्षी की सहायता से उक्त महिला को पुलिस चौकी जानकी सेतु लाया गया जहां उसे स्नान कराकर भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। पुलिस टीम ने उसे शांतिपूर्वक समझाते हुए दोबारा जानकारी लेने का प्रयास किया लेकिन वह कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं थी। इसके उपरांत टिहरी पुलिस द्वारा मानवीय संवेदनशीलता दिखाते हुए महिला का चिकित्सीय परीक्षण राजकीय चिकित्सालय ऋषिकेश में कराया गया। बाद में समुचित देखभाल सुनिश्चित करने के लिए उसे अपना घर आश्रम शामली उत्तर प्रदेश में स्वयं ले जाकर सुरक्षित रूप से दाखिल कराया गया। अपना घर आश्रम एक प्रतिष्ठित स्वयंसेवी संस्था है जो मानसिक रूप से अस्वस्थ और असहाय महिलाओं एवं पुरुषों को आश्रय देखभाल और पुनर्वास की सुविधा प्रदान करती है। टिहरी पुलिस की इस पहल को आस्था पथ क्षेत्र के आश्रम संचालकों स्थानीय निवासियों और यात्रियों द्वारा सराहा जा रहा है। यह कार्य पुलिस की मानवीय संवेदनशीलता तत्परता और कर्तव्यनिष्ठा का उदाहरण माना जा रहा है।