प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। बेस अस्पताल में आंचल कैफे खोलने की तैयारी की जा रही है। इसका शुभारंभ मई माह के प्रथम सप्ताह में किया जायेगा जिससे अस्पताल आने वाले मरीजों उनके तीमारदारों और स्टाफ को बड़ी राहत मिलेगी। आंचल के अधिकारियों के अनुसार 25 से अधिक खाने के आइटम रखें जायेंगे जबकि रेट भी काफी कम रहेंगे। अस्पताल के भीतर कैफे खुलने से अब लोगों को बाहर भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। मरीजों और उनके परिजनों को स्वच्छ और सुलभ भोजन एक ही स्थान पर उपलब्ध होगा। इससे समय की बचत होगी और असुविधा भी कम होगी। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ.आशुतोष सयाना ने कहा कि इस कैफे का फायदा सिर्फ मरीजों और तीमारदारों को ही नहीं बल्कि अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों को भी मिलेगा। उन्हें ड्यूटी के दौरान बाहर जाने की आवश्यकता नहीं होगी और वे आसानी से खाने की सुविधा ले सकेंगे। कैफे में स्वच्छता और खाने की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाएगा। सभी जरूरी मानकों का पालन करते हुए लोगों को बेहतर सेवा देने का प्रयास किया जाएगा। इस पहल से अस्पताल में आने वाले हजारों लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है और स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ अन्य जरूरी सुविधाएं भी एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकेंगी। बता दें कि अस्पताल के अंदर किसी भी प्रकार की कैंटिन या कैफे की सुविधा नहीं थी। जिससे रात्रि या सुबह लोगों को परेशान रहना पड़ता था। प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र भी कैफे के बगल में खोला जाएगा। जन औषधि केंद्र के लिए गेट के पास आंचल कैफे के साथ एक अलग कमरा बनाया गया है जिससे मरीजों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी। आंचल डेरी के जीएम श्रवण कुमार शर्मा ने बताया कि अस्पताल में कैफे खुलने से गढ़वाल भर इलाज के लिए अस्पताल में आने वाले लोगों को सबसे पहले यह फायदा होगा कि अस्पताल परिसर के अंदर ही खाने का सामना मिलेगा। माह मई 2026 के प्रथम सप्ताह में कैफे का उद्घाटन किया जायेगा। जिसमें 25 प्रकार के खाने के आइटम रखें जायेंगे। गांव से आने वाले दूध से बनी खाद्य सामग्री गुणवत्ता परक मिलेगी। उन्होंने उक्त कैफे खोलने जाने पर मेडिकल कॉलेज प्रशासन का आभार व्यक्त किया।
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प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। बेस अस्पताल में आंचल कैफे खोलने की तैयारी की जा रही है। इसका शुभारंभ मई माह के प्रथम सप्ताह में किया जायेगा जिससे अस्पताल आने वाले मरीजों उनके तीमारदारों और स्टाफ को बड़ी राहत मिलेगी। आंचल के अधिकारियों के अनुसार 25 से अधिक खाने के आइटम रखें जायेंगे जबकि रेट भी काफी कम रहेंगे। अस्पताल के भीतर कैफे खुलने से अब लोगों को बाहर भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। मरीजों और उनके परिजनों को स्वच्छ और सुलभ भोजन एक ही स्थान पर उपलब्ध होगा। इससे समय की बचत होगी और असुविधा भी कम होगी। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ.आशुतोष सयाना ने कहा कि इस कैफे का फायदा सिर्फ मरीजों और तीमारदारों को ही नहीं बल्कि अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों को भी मिलेगा। उन्हें ड्यूटी के दौरान बाहर जाने की आवश्यकता नहीं होगी और वे आसानी से खाने की सुविधा ले सकेंगे। कैफे में स्वच्छता और खाने की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाएगा। सभी जरूरी मानकों का पालन करते हुए लोगों को बेहतर सेवा देने का प्रयास किया जाएगा। इस पहल से अस्पताल में आने वाले हजारों लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है और स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ अन्य जरूरी सुविधाएं भी एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकेंगी। बता दें कि अस्पताल के अंदर किसी भी प्रकार की कैंटिन या कैफे की सुविधा नहीं थी। जिससे रात्रि या सुबह लोगों को परेशान रहना पड़ता था। प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र भी कैफे के बगल में खोला जाएगा। जन औषधि केंद्र के लिए गेट के पास आंचल कैफे के साथ एक अलग कमरा बनाया गया है जिससे मरीजों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी। आंचल डेरी के जीएम श्रवण कुमार शर्मा ने बताया कि अस्पताल में कैफे खुलने से गढ़वाल भर इलाज के लिए अस्पताल में आने वाले लोगों को सबसे पहले यह फायदा होगा कि अस्पताल परिसर के अंदर ही खाने का सामना मिलेगा। माह मई 2026 के प्रथम सप्ताह में कैफे का उद्घाटन किया जायेगा। जिसमें 25 प्रकार के खाने के आइटम रखें जायेंगे। गांव से आने वाले दूध से बनी खाद्य सामग्री गुणवत्ता परक मिलेगी। उन्होंने उक्त कैफे खोलने जाने पर मेडिकल कॉलेज प्रशासन का आभार व्यक्त किया।