प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल के निर्देशन एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रुद्रप्रयाग की अध्यक्ष जिला न्यायाधीश के मार्गदर्शन में शुक्रवार को ब्लॉक सभागार जखोली में विश्व रेड क्रॉस दिवस के अवसर पर विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव पायल सिंह ने की। शिविर में बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्त्रियों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सचिव पायल सिंह ने कहा कि विश्व रेड क्रॉस दिवस प्रतिवर्ष रेड क्रॉस आंदोलन के संस्थापक हेनरी ड्यूनां की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि रेड क्रॉस संस्था मानवता सेवा सहयोग और करुणा का प्रतीक है जो प्राकृतिक आपदाओं दुर्घटनाओं महामारी और अन्य आपात परिस्थितियों में बिना किसी भेदभाव के जरूरतमंद लोगों की सहायता करती है। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मानवता की सेवा तथा पीड़ित व्यक्तियों के विधिक अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाना है। इस दौरान सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए गोल्डन ऑवर की महत्ता निःशुल्क कानूनी सहायता और पीड़ितों को मिलने वाले मुआवजे से संबंधित कानूनी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई। सचिव पायल सिंह ने कहा कि सड़क दुर्घटना के बाद का पहला एक घंटा बेहद महत्वपूर्ण होता है। समय पर उपचार मिलने से घायल व्यक्ति का जीवन बचाया जा सकता है। उन्होंने दुर्घटना पीड़ितों को उपलब्ध विधिक सहायता एवं मुआवजा योजनाओं की जानकारी भी विस्तार से दी। कार्यक्रम में आशा कार्यकर्त्रियों की भूमिका की सराहना करते हुए उन्हें स्वास्थ्य और न्याय व्यवस्था के बीच महत्वपूर्ण कड़ी बताया गया। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्त्रियां ग्रामीण स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ ही पीड़ित महिलाओं बच्चों और जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क कानूनी सहायता दिलाने में भी अहम भूमिका निभा सकती हैं। शिविर के दौरान महिला अधिकार बाल संरक्षण घरेलू हिंसा से संरक्षण साइबर अपराध से बचाव तथा राष्ट्रीय लोक अदालत से संबंधित जानकारी भी दी गई। साथ ही समाज में मानवता सहयोग और सेवा भावना को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया गया।
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प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल के निर्देशन एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रुद्रप्रयाग की अध्यक्ष जिला न्यायाधीश के मार्गदर्शन में शुक्रवार को ब्लॉक सभागार जखोली में विश्व रेड क्रॉस दिवस के अवसर पर विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव पायल सिंह ने की। शिविर में बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्त्रियों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सचिव पायल सिंह ने कहा कि विश्व रेड क्रॉस दिवस प्रतिवर्ष रेड क्रॉस आंदोलन के संस्थापक हेनरी ड्यूनां की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि रेड क्रॉस संस्था मानवता सेवा सहयोग और करुणा का प्रतीक है जो प्राकृतिक आपदाओं दुर्घटनाओं महामारी और अन्य आपात परिस्थितियों में बिना किसी भेदभाव के जरूरतमंद लोगों की सहायता करती है। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मानवता की सेवा तथा पीड़ित व्यक्तियों के विधिक अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाना है। इस दौरान सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए गोल्डन ऑवर की महत्ता निःशुल्क कानूनी सहायता और पीड़ितों को मिलने वाले मुआवजे से संबंधित कानूनी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई। सचिव पायल सिंह ने कहा कि सड़क दुर्घटना के बाद का पहला एक घंटा बेहद महत्वपूर्ण होता है। समय पर उपचार मिलने से घायल व्यक्ति का जीवन बचाया जा सकता है। उन्होंने दुर्घटना पीड़ितों को उपलब्ध विधिक सहायता एवं मुआवजा योजनाओं की जानकारी भी विस्तार से दी। कार्यक्रम में आशा कार्यकर्त्रियों की भूमिका की सराहना करते हुए उन्हें स्वास्थ्य और न्याय व्यवस्था के बीच महत्वपूर्ण कड़ी बताया गया। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्त्रियां ग्रामीण स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ ही पीड़ित महिलाओं बच्चों और जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क कानूनी सहायता दिलाने में भी अहम भूमिका निभा सकती हैं। शिविर के दौरान महिला अधिकार बाल संरक्षण घरेलू हिंसा से संरक्षण साइबर अपराध से बचाव तथा राष्ट्रीय लोक अदालत से संबंधित जानकारी भी दी गई। साथ ही समाज में मानवता सहयोग और सेवा भावना को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया गया।