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प्रदीप कुमार
कोटद्वार-पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। कोटद्वार में अकेले भटकती मिली एक नाबालिग बालिका को पुलिस ने तत्परता और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए सकुशल उसके परिजनों तक पहुंचा दिया। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया कि बालिका परिजनों की डांट-फटकार से नाराज होकर बिना बताए घर से निकल गई थी। 4 जून 2026 को चौकी बाजार कोटद्वार क्षेत्र में एक व्यक्ति ने एक नाबालिग बालिका को चौकी बाजार पुलिस के सुपुर्द किया। व्यक्ति ने बताया कि बालिका देर रात बाजार क्षेत्र में अकेली और लावारिस अवस्था में घूमती हुई मिली थी। पुलिस द्वारा पूछताछ किए जाने पर बालिका ने स्वयं को भागूवाला जनपद बिजनौर (उत्तर प्रदेश) का निवासी बताया। उसने बताया कि वह वर्तमान में अपने भाई-भाभी के साथ कोटद्वार में रहती है लेकिन वह अपने माता-पिता और निवास संबंधी स्पष्ट जानकारी नहीं दे सकी। मामला नाबालिग बालिका से जुड़ा होने और रात्रि का समय होने के कारण पुलिस ने तत्काल संवेदनशीलता और सतर्कता दिखाते हुए एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट एएचटीयू तथा बाल कल्याण समिति को सूचना दी। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बालिका की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए उसे राजकीय बालिका एवं महिला पुनर्वास केंद्र सिम्बलचौड़ में सुरक्षित रखा गया। 5 जून 2026 को पुलिस टीम ने बालिका से दोबारा विस्तृत जानकारी प्राप्त की और उसके परिजनों का पता लगाने के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास शुरू किए। आसपास के क्षेत्रों में जानकारी जुटाने और लगातार की गई खोजबीन के बाद पुलिस ने बालिका के परिजनों से संपर्क स्थापित कर उन्हें एएचटीयू कार्यालय बुलाया। कार्यालय पहुंचने पर बालिका की माता ने बताया कि घर में उसके भाई द्वारा डांट-फटकार लगाए जाने से वह नाराज होकर बिना किसी को बताए घर से चली गई थी। बालिका के घर वापस न लौटने पर परिजन रिश्तेदारों और अन्य संभावित स्थानों पर उसकी तलाश कर रहे थे। सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद नाबालिग बालिका को सकुशल उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया गया। अपनी पुत्री को सुरक्षित वापस पाकर परिजनों ने पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया।

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