प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद पौड़ी गढ़वाल में राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली को अधिक आधुनिक पारदर्शी और जनोन्मुख बनाने की दिशा में जिला प्रशासन तेजी से कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सुशासन एवं डिजिटलीकरण के विजन के अनुरूप प्रशासन राजस्व व्यवस्था में तकनीकी संसाधनों का व्यापक उपयोग सुनिश्चित कर रहा है। इसका उद्देश्य सरकारी कार्यों में गति और पारदर्शिता लाने के साथ-साथ आम नागरिकों को राजस्व संबंधी सेवाएं समयबद्ध सरल और अधिक प्रभावी ढंग से उपलब्ध कराना है। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के निर्देशन में डिजिटल इंडिया लैंड रिकॉर्ड आधुनिकीकरण कार्यक्रम (डीआईएलआरएमपी) के अंतर्गत जनपद के 41 राजस्व न्यायालयों को डिजिटल संसाधनों से सुसज्जित किया गया है। प्रत्येक राजस्व न्यायालय के लिए कंप्यूटर प्रिंटर और यूपीएस की व्यवस्था की गई है। सभी तहसीलों में कंप्यूटरों का वितरण पूरा हो चुका है जिससे राजस्व वादों के निस्तारण अभिलेखों के रखरखाव तथा अन्य न्यायालयी कार्यों में तकनीक का अधिक प्रभावी उपयोग सुनिश्चित होगा। डिजिटलीकरण की इस पहल को और मजबूत करते हुए राजस्व परिषद ने जनपद के 268 फील्ड कार्मिकों को लैपटॉप उपलब्ध कराने के लिए 60.50 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की है। प्रथम चरण में 88 लैपटॉप की खरीद के लिए कार्यादेश जारी कर दिया गया है जबकि शेष लैपटॉप की खरीद प्रक्रिया भी तेजी से चल रही है। इन लैपटॉप के माध्यम से राजस्व कार्मिक मौके पर ही आवश्यक सूचनाएं दर्ज कर सकेंगे भूमि अभिलेखों को अपडेट कर सकेंगे तथा विभिन्न शासकीय कार्यों का त्वरित और प्रभावी निष्पादन कर पाएंगे। इससे फील्ड स्तर पर कार्यों में तेजी आएगी और आमजन को भी राजस्व संबंधी सेवाओं का लाभ कम समय में मिल सकेगा। जिलाधिकारी स्वाति एस.भदौरिया ने कहा कि डिजिटल संसाधनों के विस्तार से राजस्व एवं प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता दक्षता और जवाबदेही बढ़ेगी। इससे सरकारी सेवाएं पहले की अपेक्षा अधिक तेज सरल और प्रभावी ढंग से लोगों तक पहुंच सकेंगी। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग में तकनीक का बढ़ता उपयोग सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और इसका सीधा लाभ आम नागरिकों को मिलेगा। जिला प्रशासन का मानना है कि आने वाले समय में डिजिटलीकरण के इस अभियान से न केवल कार्यालयी कार्यों में गति आएगी बल्कि राजस्व संबंधी मामलों के निस्तारण में भी तेजी आएगी। साथ ही नागरिकों को अधिक पारदर्शी भरोसेमंद और समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
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प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद पौड़ी गढ़वाल में राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली को अधिक आधुनिक पारदर्शी और जनोन्मुख बनाने की दिशा में जिला प्रशासन तेजी से कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सुशासन एवं डिजिटलीकरण के विजन के अनुरूप प्रशासन राजस्व व्यवस्था में तकनीकी संसाधनों का व्यापक उपयोग सुनिश्चित कर रहा है। इसका उद्देश्य सरकारी कार्यों में गति और पारदर्शिता लाने के साथ-साथ आम नागरिकों को राजस्व संबंधी सेवाएं समयबद्ध सरल और अधिक प्रभावी ढंग से उपलब्ध कराना है। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के निर्देशन में डिजिटल इंडिया लैंड रिकॉर्ड आधुनिकीकरण कार्यक्रम (डीआईएलआरएमपी) के अंतर्गत जनपद के 41 राजस्व न्यायालयों को डिजिटल संसाधनों से सुसज्जित किया गया है। प्रत्येक राजस्व न्यायालय के लिए कंप्यूटर प्रिंटर और यूपीएस की व्यवस्था की गई है। सभी तहसीलों में कंप्यूटरों का वितरण पूरा हो चुका है जिससे राजस्व वादों के निस्तारण अभिलेखों के रखरखाव तथा अन्य न्यायालयी कार्यों में तकनीक का अधिक प्रभावी उपयोग सुनिश्चित होगा। डिजिटलीकरण की इस पहल को और मजबूत करते हुए राजस्व परिषद ने जनपद के 268 फील्ड कार्मिकों को लैपटॉप उपलब्ध कराने के लिए 60.50 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की है। प्रथम चरण में 88 लैपटॉप की खरीद के लिए कार्यादेश जारी कर दिया गया है जबकि शेष लैपटॉप की खरीद प्रक्रिया भी तेजी से चल रही है। इन लैपटॉप के माध्यम से राजस्व कार्मिक मौके पर ही आवश्यक सूचनाएं दर्ज कर सकेंगे भूमि अभिलेखों को अपडेट कर सकेंगे तथा विभिन्न शासकीय कार्यों का त्वरित और प्रभावी निष्पादन कर पाएंगे। इससे फील्ड स्तर पर कार्यों में तेजी आएगी और आमजन को भी राजस्व संबंधी सेवाओं का लाभ कम समय में मिल सकेगा। जिलाधिकारी स्वाति एस.भदौरिया ने कहा कि डिजिटल संसाधनों के विस्तार से राजस्व एवं प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता दक्षता और जवाबदेही बढ़ेगी। इससे सरकारी सेवाएं पहले की अपेक्षा अधिक तेज सरल और प्रभावी ढंग से लोगों तक पहुंच सकेंगी। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग में तकनीक का बढ़ता उपयोग सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और इसका सीधा लाभ आम नागरिकों को मिलेगा। जिला प्रशासन का मानना है कि आने वाले समय में डिजिटलीकरण के इस अभियान से न केवल कार्यालयी कार्यों में गति आएगी बल्कि राजस्व संबंधी मामलों के निस्तारण में भी तेजी आएगी। साथ ही नागरिकों को अधिक पारदर्शी भरोसेमंद और समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।