कारगिल शहीदों को सलाम: भारतीय सेना के जवान पहुँचे घर-घर परिजनों को भेंट किए सम्मान चिन्ह
प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल।कारगिल विजय दिवस की 26 वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में पौड़ी जनपद के अंतर्गत रिखणीखाल ब्लॉक के भुंगातल्ला गाँव में भारतीय सेना द्वारा एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध में सर्वोच्च बलिदान देने वाले अमर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गयी।कार्यक्रम में सेना के नायब सूबेदार सुधीर चंद्र और उनके अन्य साथियों ने सैन्य परम्परा के अनुसार अमर शहीदों की बहादुरी को याद किया। इस दौरान सैन्य कर्मियों ने शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया।यह भावुक अवसर सभी उपस्थित जन समुदाय के लिए गर्व और श्रद्धा का प्रतीक बना।इस मौके पर जवानों ने कहा हम अपने वीर साथियों को भूले नहीं हैं,न कभी भूलेंगे। यह हमारा कर्तव्य नहीं,हमारी भावना है कि हम उनके परिजनों को बताएं कि वीर सैनिकों का बलिदान व्यर्थ नहीं गया है।अमर शहीद नायक भरत सिंह की पत्नी रामेश्वरी देवी ने कहा कि युद्ध में मैने अपने जीवन साथी को खोया है। आज महसूस हुआ कि मेरे पति ने उन्हें अकेले नहीं छोड़ा है,बल्कि पूरी भारतीय सेना उनके साथ खड़ी है।कार्यक्रम के अंत में वीर जवानों की जय और भारत माता की जय के नारों से वातावरण गूंज उठा। यह आयोजन केवल एक रस्म नहीं,बल्कि यह संदेश था कि देश अपने शहीदों और उनके परिवारों को कभी नहीं भूलता।उनका बलिदान भारत की आत्मा में बसा हुआ है।कार्यक्रम में सेना के वरिष्ठ अधिकारी,पूर्व सैनिक,प्रशासनिक अधिकारी,स्कूली छात्र,स्थानीय नागरिक और शहीदों के परिजन उपस्थित रहे।
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कारगिल शहीदों को सलाम: भारतीय सेना के जवान पहुँचे घर-घर परिजनों को भेंट किए सम्मान चिन्ह
प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल।कारगिल विजय दिवस की 26 वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में पौड़ी जनपद के अंतर्गत रिखणीखाल ब्लॉक के भुंगातल्ला गाँव में भारतीय सेना द्वारा एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध में सर्वोच्च बलिदान देने वाले अमर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गयी।कार्यक्रम में सेना के नायब सूबेदार सुधीर चंद्र और उनके अन्य साथियों ने सैन्य परम्परा के अनुसार अमर शहीदों की बहादुरी को याद किया। इस दौरान सैन्य कर्मियों ने शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया।यह भावुक अवसर सभी उपस्थित जन समुदाय के लिए गर्व और श्रद्धा का प्रतीक बना।इस मौके पर जवानों ने कहा हम अपने वीर साथियों को भूले नहीं हैं,न कभी भूलेंगे। यह हमारा कर्तव्य नहीं,हमारी भावना है कि हम उनके परिजनों को बताएं कि वीर सैनिकों का बलिदान व्यर्थ नहीं गया है।अमर शहीद नायक भरत सिंह की पत्नी रामेश्वरी देवी ने कहा कि युद्ध में मैने अपने जीवन साथी को खोया है। आज महसूस हुआ कि मेरे पति ने उन्हें अकेले नहीं छोड़ा है,बल्कि पूरी भारतीय सेना उनके साथ खड़ी है।कार्यक्रम के अंत में वीर जवानों की जय और भारत माता की जय के नारों से वातावरण गूंज उठा। यह आयोजन केवल एक रस्म नहीं,बल्कि यह संदेश था कि देश अपने शहीदों और उनके परिवारों को कभी नहीं भूलता।उनका बलिदान भारत की आत्मा में बसा हुआ है।कार्यक्रम में सेना के वरिष्ठ अधिकारी,पूर्व सैनिक,प्रशासनिक अधिकारी,स्कूली छात्र,स्थानीय नागरिक और शहीदों के परिजन उपस्थित रहे।