किसानों की आय बढ़ाने के लिये उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाएं: डीएम
प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल।विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में कृषि क्षेत्र को वैश्विक प्रतिस्पर्धा योग्य बनाने के लिए बुधवार को विकास भवन सभागार में कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण एपीडा के तत्वावधान में कृषि निर्यात क्षमता संवर्धन पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गयी।कार्यशाला में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लेकर स्थानीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की हेतु अपने-अपने सुझाव रखे।जिलाधिकारी डॉ.आशीष चौहान ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे खेती से जुड़ी जमीनी हकीकत को सामने लाएं,कौन-से क्षेत्र में कौन-से उत्पाद हो रहे हैं और किस दर पर किसान उन्हें बेच रहे हैं,इसकी जानकारी एकत्र कर प्लान तैयार करें। उन्होंने कहा कि किसानों की आय में बढ़ोतरी के साथ-साथ उनके उत्पादों को वैश्विक बाजार में पहचान दिलाने की दिशा में कार्य करें।जिलाधिकारी ने उद्यान विभाग को कहा कि देश और विदेश के उन्नत कृषि मॉडलों की वीडियो क्लिप किसानों को दिखाएं,जिससे वे आधुनिक पद्धतियों को अपनाकर उत्पादन और गुणवत्ता में सुधार कर सकें।उन्होंने किसानों को जलवायु के अनुसार उपयुक्त खेती को बढ़ावा देने को कहा। कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण के उप महाप्रबंधक और क्षेत्रीय प्रमुख डॉ.सी.बी.सिंह ने कहा कि पौड़ी जिले में कृषि निर्यात की बड़ी संभावनाएं हैं। उन्होंने कीवी,माल्टा,हल्दी और पहाड़ी मसालों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती मांग की जानकारी दी।साथ ही निर्यात की प्रक्रिया,आवश्यक दस्तावेज,गुणवत्ता मानक और प्रमाणन के विषय में भी विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एपीडा के माध्यम से अब तक आम,लीची,ताजी सब्जियों और राजमा जैसे उत्पादों को वैश्विक बाजार में पहुंचाया गया है। वर्ष 2024-25 में भारत से 2.43 लाख करोड़ रुपये मूल्य के कृषि उत्पादों का निर्यात हुआ,जिसमें उत्तराखंड से 200 करोड़ का योगदान रहा।जिला उद्यान अधिकारी राजेश तिवारी ने बताया कि जिले में किस क्षेत्र में कौन-सा उत्पादन हो रहा है और उसकी मात्रा कितनी है,इसका सर्वेक्षण कराया जायेगा,ताकि किसानों को उनके उत्पादों का उचित मूल्य दिलाया जा सके।कार्यशाला में नाबार्ड के डीडीएम हिमांक शर्मा,उद्यान विशेषज्ञ सतीश कुमार शर्मा सहित अक्षिता भट्ट,विवेक सिंह,नितिन बिष्ट,कुलदीप सिंह,विवेक व क्षेत्रीय किसान उपस्थित रहे।
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किसानों की आय बढ़ाने के लिये उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाएं: डीएम
प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल।विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में कृषि क्षेत्र को वैश्विक प्रतिस्पर्धा योग्य बनाने के लिए बुधवार को विकास भवन सभागार में कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण एपीडा के तत्वावधान में कृषि निर्यात क्षमता संवर्धन पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गयी।कार्यशाला में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लेकर स्थानीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की हेतु अपने-अपने सुझाव रखे।जिलाधिकारी डॉ.आशीष चौहान ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे खेती से जुड़ी जमीनी हकीकत को सामने लाएं,कौन-से क्षेत्र में कौन-से उत्पाद हो रहे हैं और किस दर पर किसान उन्हें बेच रहे हैं,इसकी जानकारी एकत्र कर प्लान तैयार करें। उन्होंने कहा कि किसानों की आय में बढ़ोतरी के साथ-साथ उनके उत्पादों को वैश्विक बाजार में पहचान दिलाने की दिशा में कार्य करें।जिलाधिकारी ने उद्यान विभाग को कहा कि देश और विदेश के उन्नत कृषि मॉडलों की वीडियो क्लिप किसानों को दिखाएं,जिससे वे आधुनिक पद्धतियों को अपनाकर उत्पादन और गुणवत्ता में सुधार कर सकें।उन्होंने किसानों को जलवायु के अनुसार उपयुक्त खेती को बढ़ावा देने को कहा। कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण के उप महाप्रबंधक और क्षेत्रीय प्रमुख डॉ.सी.बी.सिंह ने कहा कि पौड़ी जिले में कृषि निर्यात की बड़ी संभावनाएं हैं। उन्होंने कीवी,माल्टा,हल्दी और पहाड़ी मसालों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती मांग की जानकारी दी।साथ ही निर्यात की प्रक्रिया,आवश्यक दस्तावेज,गुणवत्ता मानक और प्रमाणन के विषय में भी विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एपीडा के माध्यम से अब तक आम,लीची,ताजी सब्जियों और राजमा जैसे उत्पादों को वैश्विक बाजार में पहुंचाया गया है। वर्ष 2024-25 में भारत से 2.43 लाख करोड़ रुपये मूल्य के कृषि उत्पादों का निर्यात हुआ,जिसमें उत्तराखंड से 200 करोड़ का योगदान रहा।जिला उद्यान अधिकारी राजेश तिवारी ने बताया कि जिले में किस क्षेत्र में कौन-सा उत्पादन हो रहा है और उसकी मात्रा कितनी है,इसका सर्वेक्षण कराया जायेगा,ताकि किसानों को उनके उत्पादों का उचित मूल्य दिलाया जा सके।कार्यशाला में नाबार्ड के डीडीएम हिमांक शर्मा,उद्यान विशेषज्ञ सतीश कुमार शर्मा सहित अक्षिता भट्ट,विवेक सिंह,नितिन बिष्ट,कुलदीप सिंह,विवेक व क्षेत्रीय किसान उपस्थित रहे।