रुद्रप्रयाग में नमामि गंगे कार्यक्रम की भव्य शुरुआत योग स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश
प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल।नमामि गंगे परियोजना के तहत राजकीय महाविद्यालय रुद्रप्रयाग की इकाई द्वारा आयोजित तीन दिवसीय विशेष कार्यक्रम का शुभारंभ आज कोटेश्वर महादेव मंदिर परिसर में हुआ। इस कार्यक्रम का उद्देश्य योग,स्वच्छता जागरूकता और पर्यावरण संरक्षण को वैदिक परंपराओं से जोड़ते हुए जनजागरूकता बढ़ाना है।कार्यक्रम का उद्घाटन रुद्रप्रयाग के विधायक भरत सिंह चौधरी एवं पूज्य महंत शिवानंद के कर कमलों से हुआ। इस अवसर पर विधायक चौधरी ने उपस्थित स्वयंसेवकों से उत्तराखंड की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं से प्रेरणा लेकर समाजहित में कार्य करने का आह्वान किया।महंत शिवानंद ने अपने उद्बोधन में वैदिक जीवनशैली के उच्च मूल्यों को अपनाने और मानसिक विकारों से दूर रहने की आवश्यकता पर बल दिया।राजकीय महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ.आशुतोष त्रिपाठी ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए योग एवं अध्यात्म को जीवन पुनरुत्थान का माध्यम बताया।कार्यक्रम के दौरान नेहरू युवा केंद्र के राहुल डबराल एवं विजय वशिष्ठ ने स्वयंसेवकों को विभिन्न यौगिक क्रियाओं का प्रशिक्षण दिया। कार्यक्रम के सह-संयोजक श्रीकांत नौटियाल ने यौगिक परंपरा को स्वस्थ जीवनशैली की कुंजी बताया।सत्र का संचालन डॉ.अंविता सिंह एवं डॉ.सुनीता असवाल द्वारा किया गया। इस अवसर पर डॉ.गोपी प्रसाद,विशाल दत्ता,विपेंद्र,युवा योग प्रशिक्षिका नेहा सिंह,प्रिया नौटियाल,खुशी कुकरेती,प्रियांशु,आदर्श,कुलदीप सिंह सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवक उपस्थित रहे।
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रुद्रप्रयाग में नमामि गंगे कार्यक्रम की भव्य शुरुआत योग स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश
प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल।नमामि गंगे परियोजना के तहत राजकीय महाविद्यालय रुद्रप्रयाग की इकाई द्वारा आयोजित तीन दिवसीय विशेष कार्यक्रम का शुभारंभ आज कोटेश्वर महादेव मंदिर परिसर में हुआ। इस कार्यक्रम का उद्देश्य योग,स्वच्छता जागरूकता और पर्यावरण संरक्षण को वैदिक परंपराओं से जोड़ते हुए जनजागरूकता बढ़ाना है।कार्यक्रम का उद्घाटन रुद्रप्रयाग के विधायक भरत सिंह चौधरी एवं पूज्य महंत शिवानंद के कर कमलों से हुआ। इस अवसर पर विधायक चौधरी ने उपस्थित स्वयंसेवकों से उत्तराखंड की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं से प्रेरणा लेकर समाजहित में कार्य करने का आह्वान किया।महंत शिवानंद ने अपने उद्बोधन में वैदिक जीवनशैली के उच्च मूल्यों को अपनाने और मानसिक विकारों से दूर रहने की आवश्यकता पर बल दिया।राजकीय महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ.आशुतोष त्रिपाठी ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए योग एवं अध्यात्म को जीवन पुनरुत्थान का माध्यम बताया।कार्यक्रम के दौरान नेहरू युवा केंद्र के राहुल डबराल एवं विजय वशिष्ठ ने स्वयंसेवकों को विभिन्न यौगिक क्रियाओं का प्रशिक्षण दिया। कार्यक्रम के सह-संयोजक श्रीकांत नौटियाल ने यौगिक परंपरा को स्वस्थ जीवनशैली की कुंजी बताया।सत्र का संचालन डॉ.अंविता सिंह एवं डॉ.सुनीता असवाल द्वारा किया गया। इस अवसर पर डॉ.गोपी प्रसाद,विशाल दत्ता,विपेंद्र,युवा योग प्रशिक्षिका नेहा सिंह,प्रिया नौटियाल,खुशी कुकरेती,प्रियांशु,आदर्श,कुलदीप सिंह सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवक उपस्थित रहे।