प्रदीप कुमार
कोटद्वार-पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। पौड़ी पुलिस के लगातार प्रयासों और त्वरित कार्रवाई से कोटद्वार से लापता हुआ 13 वर्षीय बालक राजस्थान में सकुशल बरामद कर लिया गया। पुलिस टीम ने सैकड़ों किलोमीटर दूर जाकर बालक को उसके परिजनों से मिलाया। बालक के सकुशल वापस मिलने पर परिवार ने राहत की सांस ली। दिनांक 25 जुलाई को मानपुर कोटद्वार निवासी माधवानन्द ढौंडियाल ने कोतवाली कोटद्वार में लिखित शिकायत देकर बताया था कि उनका 13 वर्षीय पुत्र 21 जुलाई 2026 को घर से बिना बताए कहीं चला गया है। परिजनों ने अपने स्तर से रिश्तेदारों एवं अन्य संभावित स्थानों पर बालक की काफी तलाश की लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया। शिकायत के आधार पर कोतवाली कोटद्वार में तत्काल संबंधित धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए कोटद्वार पुलिस ने एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट पौड़ी के साथ समन्वय स्थापित कर नाबालिग बालक की तलाश के लिए व्यापक अभियान चलाया। बालक की गुमशुदगी की सूचना विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और व्हाट्सएप समूहों के माध्यम से प्रसारित की गई। इसके साथ ही बालक के फोटो एवं विवरण वाले पंपलेट तैयार कर विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर चस्पा किए गए तथा संभावित स्थानों पर लगातार खोजबीन की जाती रही। पुलिस टीम और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट के लगातार प्रयासों के बीच 11 अगस्त 2026 को जिला हनुमानगढ़ राजस्थान पुलिस एवं वहां की चाइल्ड वेलफेयर कमेटी द्वारा एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट पौड़ी से संपर्क किया गया। उन्होंने सूचना दी कि एक नाबालिग बालक राजस्थान में लावारिस अवस्था में घूमता हुआ पाया गया है जिसे सुरक्षा की दृष्टि से बालगृह में रखा गया है। प्राप्त सूचना के आधार पर आवश्यक सत्यापन एवं जानकारी जुटाई गई। जांच में उक्त बालक की पहचान कोटद्वार से लापता हुए बालक के रूप में हुई। पहचान की पुष्टि होने के बाद चाइल्ड वेलफेयर कमेटी एवं एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की टीम ने तत्काल बालक के परिजनों को सूचना दी। इसके बाद आवश्यक समन्वय स्थापित करते हुए परिजनों के साथ राजस्थान जाकर बालक को सकुशल अपने पास लिया गया। बालक को कोटद्वार लाने के बाद चाइल्ड वेलफेयर कमेटी एवं एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की टीम ने उसकी काउंसिलिंग की। काउंसिलिंग के दौरान बालक ने बताया कि वह कुछ कारणों से मानसिक रूप से व्यथित था जिसके चलते उसने बिना बताए घर छोड़ दिया था। काउंसिलिंग के उपरांत नाबालिग बालक को सकुशल उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। बालक के वापस मिलने पर परिजनों ने पौड़ी पुलिस एवं तलाश अभियान में सहयोग करने वाली टीमों के प्रयासों के प्रति आभार व्यक्त किया।
