प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। पर्वतीय पर्यटन एवं आतिथ्य अध्ययन केंद्र की ओर से आयोजित तीन दिवसीय पर्यटन उत्सव के अंतिम दिन विश्वविद्यालय के प्रेक्षागृह में विश्व पर्यटन दिवस का रंगारंग कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के भारी संख्या में छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। पर्यटन दिवस के अवसर पर पर्यटन क्षेत्र में महत्वपूर्ण और जिम्मेदार पर्यटन के क्रम में विशेष योगदान देने वाले 11 लोगों और संस्थाओं को सैर सलीका पुरस्कार प्रदान किए गए। इनमें शैलेंद्र रावत खोली होम स्टे देहरादून चांदनी अरोड़ा साइकिल सखी कीर्ति नवानी विंसर पब्लिकेशन उत्तराखंडी टूरिज्म एसोसिएशन उत्तरांश चित्रकार मुकुल बडोनी धन सिंह पेड़ वाले गुरुजी संदीप गुसाईं और अनुज प्रथम संवेदना से सेवा तक शामिल रहे। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में देश के पहले लेखक गांव की निदेशक विदुषी निशंक ने युवाओं से संवाद किया। उन्होंने युवाओं से रचनात्मक तथा उद्देश्यपूर्ण लक्ष्य निर्धारित करते हुए सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रकृति संस्कृति और संस्कारों से अपनी प्रवृत्ति को निखारने तथा अपनी ऊर्जा को सदैव रचनात्मकता से जोड़ने की जरूरत है। व्यक्तित्व विकास में अपनी कार्यशैली और दिनचर्या का समन्वय ही सफलता का मार्ग बनता है। तीन दिनों के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के चयनित प्रतिभागियों ने अंतिम दिन शानदार प्रस्तुतियां दीं। उनकी प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में मौजूद छात्र-छात्राओं और अन्य लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में पर्वतीय पर्यटन एवं आतिथ्य अध्ययन केंद्र के निदेशक प्रोफेसर राकेश ड्योढ़ी पर्यटन प्रबंधन डीन प्रोफेसर रश्मि ड्योढ़ी विश्वविद्यालय के नियुक्ति डीन प्रोफेसर मोहन पंवार वित्त अधिकारी डॉ.अजय मोहंती विश्वविद्यालय के प्राध्यापक अधिकारी एवं छात्र संघ के पदाधिकारियों ने प्रतिभाग किया।
