प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। कई महीनों से बढ़ा हुआ हीमोग्लोबिन शरीर में थकान और कमजोरी तथा सिर में भारीपन जैसी परेशानियों ने गोपी राम चमोली के रोजमर्रा के जीवन को प्रभावित कर दिया था। करीब छह माह से वह इस समस्या से जूझ रहे थे। अलग-अलग जगह उपचार लेने के बावजूद जब अपेक्षित राहत नहीं मिली तो उनके मन में चिंता बनी हुई थी कि आखिर इस परेशानी से कब निजात मिलेगी। इसी बीच उन्होंने जनपद टिहरी स्थित जिला चिकित्सालय बौराड़ी के होम्योपैथिक विभाग में वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ.डिम्पल रावत से परामर्श लिया। यहां उनकी समस्या को समझते हुए रोग-इतिहास और लक्षणों का विस्तृत अध्ययन किया गया तथा व्यक्ति-विशेष के आधार पर उपचार शुरू किया गया। गोपी राम बताते हैं कि लंबे समय तक परेशानी झेलने के बाद जब उपचार के दौरान धीरे-धीरे बदलाव महसूस होने लगा तो उन्हें नई उम्मीद मिली। नियमित उपचार और चिकित्सकीय परामर्श के साथ उनके हीमोग्लोबिन स्तर में कमी आने लगी। करीब एक माह में सुधार के संकेत दिखाई दिए और लगभग चार माह के नियमित उपचार के बाद उनका हीमोग्लोबिन 14.8 तक पहुंच गया। वह बताते हैं कि उपचार के बाद उन्हें थकान और सिर में भारीपन जैसी परेशानियों में भी काफी राहत महसूस हुई। उनके लिए यह केवल जांच रिपोर्ट में आया बदलाव नहीं बल्कि लंबे समय से चली आ रही परेशानी के बीच सुकून और उम्मीद लौटने का अनुभव था। वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ.डिम्पल रावत ने बताया कि गोपी राम जब विभाग में आए थे उस समय उनका हीमोग्लोबिन सामान्य से अधिक था और उन्हें थकान कमजोरी सहित अन्य परेशानियां जैसे अनिद्रा शरीर में खुजली हाथ-पैरों में झनझनाहट अथवा सुन्नपन त्वचा व चेहरे का लाल होना और नाक से रक्तस्राव होना आदि लक्षण थे। मरीज की स्थिति और लक्षणों के आधार पर उपचार दिया गया तथा नियमित फॉलोअप के दौरान उनके स्वास्थ्य में सुधार देखा गया। जनरल फिजीशियन द्वारा उन्हें ऐसी स्थिति में रक्तदान हेतु परामर्श दिया गया। कतिपय स्वास्थ्य कारणों से मरीज द्वारा रक्तदान करने में असमर्थता बताई गई। गोपी राम की कहानी उन लोगों के लिए उम्मीद की एक तस्वीर है जो लंबे समय से किसी स्वास्थ्य समस्या से परेशान होकर उपचार की तलाश में हैं। उनका अनुभव यह भी दर्शाता है कि समय पर चिकित्सकीय परामर्श नियमित उपचार और लगातार फॉलोअप स्वास्थ्य सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आज गोपी राम पहले की तुलना में बेहतर महसूस कर रहे हैं और उनकी कहानी में सबसे बड़ी उपलब्धि सिर्फ एक सामान्य हुई रिपोर्ट नहीं बल्कि लंबे समय बाद वापस मिली राहत आत्मविश्वास और उम्मीद है।
होम्योपैथी के प्रति बढ़ता विश्वास
होम्योपैथी व्यक्ति के लक्षणों और रोग-इतिहास को ध्यान में रखते हुए उपचार की एक अलग चिकित्सा पद्धति है। कई लोग विभिन्न दीर्घकालिक एवं लक्षण-आधारित स्वास्थ्य समस्याओं के लिए होम्योपैथिक चिकित्सा से लाभ का अनुभव करते हैं। समय पर चिकित्सकीय परामर्श नियमित उपचार और फॉलोअप के साथ होम्योपैथी को भी स्वास्थ्य सेवाओं के एक वैकल्पिक उपचार विकल्प के रूप में अपनाया जा सकता है।
