प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। त्योहारी सीजन और चारधाम यात्रा के मद्देनजर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने हरिद्वार नगर निगम क्षेत्र में सघन निरीक्षण और जांच अभियान चलाया। 15 अक्टूबर 2026 को चलाए गए इस अभियान के दौरान विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों होटलों ढाबों रेस्टोरेंटों और फुटकर विक्रेताओं का औचक निरीक्षण किया गया। अभियान में छह विधिक नमूने एकत्र कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए। वहीं सचल खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला के माध्यम से मौके पर 83 खाद्य पदार्थों की जांच की गई जिनमें 18 नमूने अधोमानक पाए गए। संबंधित प्रतिष्ठानों से अधोमानक खाद्य सामग्री तत्काल नष्ट कराई गई। खाद्य सुरक्षा आयुक्त विनय शंकर पांडे और जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशों के अनुपालन में सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन हरिद्वार महिमानंद जोशी के नेतृत्व में यह अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी नगर निगम हरिद्वार कैलाश चंद्र टम्टा ने ज्वालापुर के कटहरा बाजार अनाज मंडी जटवाड़ा पुल कृष्णानगर कनखल शिव मूर्ति चौक और मायापुर सहित विभिन्न क्षेत्रों में खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान कुडू आटा के तीन नमूने बादाम का एक नमूना किशमिश का एक नमूना और गाय के दूध का एक नमूना एकत्र किया गया। कुल छह विधिक नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए। निरीक्षण के दौरान निरंजनी अखाड़ा रोड मायापुर स्थित होटल गंगा किनारे के किचन और रेस्टोरेंट का भी औचक निरीक्षण किया गया। जांच में प्रतिष्ठान बिना खाद्य लाइसेंस के संचालित पाया गया। किचन में खाद्य पदार्थों का भंडारण रखरखाव और निर्माण बेहद अस्वच्छ परिस्थितियों में किया जा रहा था। होटल प्रबंधन की ओर से पेयजल और खाद्य पदार्थों की जांच रिपोर्ट पेस्ट कंट्रोल संबंधी अभिलेख कर्मचारियों के चिकित्सकीय परीक्षण और प्रशिक्षण के दस्तावेज तथा साफ-सफाई एवं स्वच्छता संबंधी अभिलेख भी प्रस्तुत नहीं किए गए। इस पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत चालानी कार्रवाई की। संबंधित प्रावधानों के अंतर्गत अधिकतम 10 लाख रुपये तक के अर्थदंड का प्रावधान है। त्योहारी सीजन और चारधाम यात्रा के दौरान आमजन तथा यात्रियों को सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सचल खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला के माध्यम से भी व्यापक जांच अभियान चलाया गया। उपायुक्त एवं सचल खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला के नोडल अधिकारी वीरेंद्र सिंह बिष्ट के नेतृत्व में शिव मूर्ति चौक जस्सा राम रोड गुजराती गली सहित विभिन्न क्षेत्रों में रेस्टोरेंटों ढाबों मिष्ठान विक्रेताओं और परचून की दुकानों से खाद्य पदार्थों की मौके पर जांच की गई। इस दौरान दूध एवं दुग्ध उत्पादों के नौ नमूनों तेल एवं घी के 12 नमूनों अनाज एवं अनाज से बने उत्पादों के तीन नमूनों मिठाइयों के 14 नमूनों और मसालों के 45 नमूनों सहित कुल 83 खाद्य पदार्थों की जांच की गई। जांच में दूध एवं दुग्ध उत्पादों के दो नमूने मिठाइयों के चार नमूने और मसालों के 12 नमूने अधोमानक पाए गए। इस प्रकार कुल 18 नमूने निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं मिले। संबंधित प्रतिष्ठानों से अधोमानक पाई गई खाद्य सामग्री तत्काल नष्ट कराई गई। खाद्य पदार्थों की मात्रा कम होने के कारण इनके विधिक नमूने एकत्र नहीं किए जा सके। इसके अतिरिक्त अधोमानक पनीर की बिक्री और अन्य खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर विभाग ने कार्रवाई की। एक होटल संचालक और एक पनीर सप्लायर अथवा थोक विक्रेता के विरुद्ध न्यायालय न्याय निर्णायक अधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के न्यायालय में वाद दायर किए गए। भीमगौड़ा स्थित एक अन्य रेस्टोरेंट संचालक के विरुद्ध भी मानकों के उल्लंघन पर वाद दायर किया गया। वहीं वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी रुड़की योगेंद्र पांडेय ने बिना लाइसेंस खाद्य कारोबार संचालित करने पर एक कारोबारी के विरुद्ध वाद दायर किया। इस प्रकार विभाग की ओर से कुल चार वाद न्यायालय में प्रस्तुत किए गए। खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया कि त्योहारी सीजन और चारधाम यात्रा को देखते हुए खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता शुद्धता और स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण एवं जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा। विभाग ने खाद्य कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने और उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
