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प्रदीप कुमार
देहरादून/श्रीनगर गढ़वाल। प्रदेश के राजकीय महाविद्यालयों में प्राचार्यों के रिक्त पदों पर शीघ्र पदोन्नति की जाएगी। इसके लिए विभागीय अधिकारियों को डीपीसी का प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही राजकीय महाविद्यालयों के छात्रावासों के सुचारू संचालन के लिए एक सप्ताह के भीतर मानक संचालन प्रक्रिया एसओपी तैयार करने को कहा गया है। महाविद्यालयों में चल रहे निर्माण कार्यों को भी निर्धारित समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने 15 अक्टूबर 2026 को अपने शासकीय आवास पर उच्च शिक्षा विभाग की बैठक ली। बैठक में उन्होंने प्रभारी निदेशक उच्च शिक्षा को राजकीय महाविद्यालयों में प्राचार्यों के रिक्त पदों पर शीघ्र पदोन्नति के लिए विभागीय पदोन्नति समिति डीपीसी की प्रक्रिया आगे बढ़ाने और इसका प्रस्ताव जल्द शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन महाविद्यालयों में प्राचार्यों के पद रिक्त हैं वहां पदोन्नति के माध्यम से प्राचार्यों की तैनाती की जाएगी। डॉ. रावत ने बताया कि प्रदेश के लगभग दो दर्जन राजकीय महाविद्यालयों में प्राचार्यों के पद रिक्त चल रहे हैं जिन पर पदोन्नति की जानी है। उच्च शिक्षा मंत्री ने राजकीय महाविद्यालयों में छात्रावासों के संचालन के लिए अब तक एसओपी तैयार नहीं किए जाने पर विभागीय अधिकारियों से नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि एक सप्ताह के भीतर एसओपी तैयार कर छात्रावासों का सुचारू संचालन सुनिश्चित किया जाए। इससे छात्र-छात्राओं को छात्रावासों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। बैठक में डॉ.रावत ने विभिन्न महाविद्यालयों में चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी भी ली। उन्होंने राजकीय महाविद्यालय बेतालघाट और पोखड़ा के साथ हल्द्वानी शहर तथा देहरादून शहर के राजकीय महाविद्यालयों एवं बेरीनाग में निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर धनराशि जारी करने के निर्देश दिए। इसके अलावा अन्य नए और पुराने निर्माण कार्यों के लिए भी शीघ्र धनराशि जारी करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों को प्राथमिकता देते हुए निर्धारित समय पर पूरा किया जाए। उच्च शिक्षा मंत्री ने विभिन्न महाविद्यालयों में शैक्षिक और शिक्षणेत्तर संवर्ग के रिक्त पदों को भरने के संबंध में भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्थायी नियुक्तियां होने तक इन पदों को संविदा और आउटसोर्स के माध्यम से भरा जाए ताकि महाविद्यालयों में शिक्षण कार्य और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं प्रभावित न हों। इसके साथ ही डॉ.रावत ने समर्थ पोर्टल के संचालन में आ रही समस्याओं का शीघ्र निराकरण करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने विभागीय कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने और महाविद्यालयों में व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया। बैठक में अपर सचिव मुनज गोयल और संयुक्त सचिव प्रदीप नौटियाल के साथ प्रभारी निदेशक उच्च शिक्षा डॉ.ए.एस.उनियाल तथा उप सचिव दीपक कुमार उपस्थित रहे। इसके अलावा उप निदेशक डॉ.ममता नैथाणी और नोडल रूसा डॉ.अनीता रावत सहित अन्य विभागीय अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहे।

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