प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष 2026 के उपलक्ष्य में कृषि विभाग की ओर से वीर चंद्र सिंह गढ़वाली औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के वानिकी महाविद्यालय रानीचौरी परिसर में किसान मेले का आयोजन किया गया। कृषि विज्ञान केंद्र रानीचौरी और विभिन्न रेखीय विभागों के सहयोग से आयोजित मेले में जनपद के विभिन्न विकासखंडों से आई महिला किसानों ने प्रतिभाग किया। मेले में महिला किसानों को विभागीय योजनाओं की जानकारी देने और उनकी आजीविका बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल ने कृषि एवं रेखीय विभागों को योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और पात्र महिला किसानों तक उनका लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में महिलाएं कृषि और इससे जुड़ी गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण देने के साथ ही योजनाओं की जानकारी और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराकर उनकी आजीविका को बेहतर बनाया जा सकता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता चंबा की ब्लॉक प्रमुख सुमन सजवाण ने की। उन्होंने घरेलू जिम्मेदारियों के साथ कृषि क्षेत्र में महिलाओं के योगदान की सराहना की। विश्वविद्यालय के कुलपति ने भी महिला किसानों की भूमिका की प्रशंसा करते हुए पर्वतीय क्षेत्रों में उन्नत कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया। मेले में कृषि वैज्ञानिक डॉ.अरुणिमा पालीवाल ने गेहूं और मसूर के साथ मटर सहित रबी की फसलों की वैज्ञानिक खेती तथा फसल प्रबंधन की जानकारी दी। वैज्ञानिक डॉ. सचिन कुमार ने फसलों में लगने वाले कीटों और रोगों की रोकथाम के उपाय बताए। उन्होंने प्राकृतिक खेती के बारे में भी जानकारी दी। इफको के क्षेत्रीय प्रबंधक मनोज दानू ने मृदा परीक्षण और नैनो उर्वरकों के महत्व की जानकारी देते हुए किसानों को मृदा परीक्षण के माध्यम से भूमि की उर्वरता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ.डीके शर्मा ने पशुपालन विभाग की योजनाओं और पशुओं में होने वाले रोगों की रोकथाम के बारे में बताया। उन्होंने जानकारी दी कि मुंहपका-खुरपका रोग से बचाव के लिए विभाग की ओर से निःशुल्क टीकाकरण किया जाता है। मुख्य कृषि अधिकारी विजय देवराड़ी ने फार्मर रजिस्ट्री और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के साथ किसान क्रेडिट कार्ड योजना की जानकारी दी। उन्होंने जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा के लिए घेरबाड़ और अन्य विभागीय योजनाओं के बारे में भी बताया। कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी चंबा डॉ. शशिकमल ने कृषि यंत्रीकरण और सिंचाई सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने रबी फसलों के लिए अनुदान पर उपलब्ध बीज और खरपतवारनाशक एवं कीटनाशकों के संबंध में भी बताया। विश्वविद्यालय के संयुक्त निदेशक प्रसार डॉ. अरूरांचलम ने विश्वविद्यालय में संचालित शोध कार्यों और प्रसार गतिविधियों की जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन वैज्ञानिक डॉ.कीर्ति कुमारी ने किया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल सहित अन्य अतिथियों ने विभिन्न विभागों और संस्थाओं की ओर से लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया। मेले में कृषि एवं रेखीय विभागों के साथ इफको और स्टार्टअप कैप्सबर्ग सहित अन्य संस्थाओं ने स्टॉल लगाए। इन स्टॉलों के माध्यम से किसानों को विभागीय योजनाओं और कृषि तकनीकों के साथ उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी गई।
