प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत पशुपालन विभाग की ओर से गुरुवार को दशोली विकासखंड के राजकीय पशु चिकित्सालय चमोली में चारा घास प्रदर्शनी एवं जागरूकता गोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम में क्षेत्र के 60 पशुपालकों ने प्रतिभाग किया। गोष्ठी का उद्देश्य पशुपालकों को पौष्टिक चारा उत्पादन के प्रति जागरूक करना और पशुपालन को बढ़ावा देना रहा। इस दौरान पशुपालकों को 300 किलोग्राम जई और 20 किलोग्राम बरसीम के बीज वितरित किए गए। साथ ही पशु स्वास्थ्य और रोगों की रोकथाम तथा टीकाकरण एवं विभागीय योजनाओं की जानकारी दी गई। गोष्ठी में वरिष्ठ पशु चिकित्साधिकारी डॉ.पुनीत भट्ट ने पशुओं के लिए संतुलित एवं पौष्टिक चारे के महत्व और उसके गुणों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पौष्टिक चारा पशुओं के स्वास्थ्य और दुग्ध उत्पादन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने पशुपालकों को चारा फसलों की खेती को बढ़ावा देने और पशुओं के लिए पर्याप्त पौष्टिक आहार की व्यवस्था करने के लिए प्रेरित किया। राजकीय पशु चिकित्सालय बछेर की पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अनु ने पशुओं में होने वाले विभिन्न रोगों और उनके निदान की जानकारी दी। उन्होंने पशुओं को समय पर टीके लगवाने के महत्व पर जोर देते हुए पशुपालकों से पशुओं के स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की अपील की। क्षेत्र प्रसार अधिकारी सुधीर चमोली ने पशुपालकों को लाइवस्टॉक योजना की जानकारी दी। उन्होंने विभाग की ओर से संचालित योजनाओं के बारे में बताते हुए पशुपालकों को इनका लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया। गोष्ठी का संचालन एवं समन्वयन पशु चिकित्सा फार्मेसी अधिकारी पीयूष चौहान ने किया। कार्यक्रम में पशुधन प्रसार अधिकारी अशोक बिष्ट और ग्राम प्रधान हुडुंग लगा सैजी भगत सिंह आजाद सहित जयवीर सिंह और त्रिलोक सिंह राणा के साथ आरती देवी तथा बीना देवी और दीक्षा देवी मौजूद रहीं। इसके अलावा दशोली विकासखंड के कोठियालसैंण और खैनूरी तथा हरमानी एवं क्षेत्रपाल और छिनका तथा अपर चमोली और दुशात सहित अन्य गांवों के पशुपालकों ने भी प्रतिभाग किया।
