प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। चंडीगढ़ से रुद्रप्रयाग जा रही वैगनआर कार 15 अक्टूबर 2026 की सुबह देवप्रयाग के पास ग्राम पाली स्थित रिवर व्यू कैफे एंड रेस्टोरेंट के समीप अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गई। हादसा सुबह करीब 5 बजकर 40 मिनट पर हुआ। दुर्घटना के समय कार में चालक सहित कुल पांच लोग सवार थे। हादसे में चालक सहित दो लोगों की मौत हो गई जबकि तीन लोग घायल हो गए। सूचना मिलते ही देवप्रयाग पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। पुलिस ने तीनों घायलों को खाई से सुरक्षित बाहर निकालकर उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बागी पहुंचाया। वहीं मृतकों के शवों को खाई से बाहर निकालने के लिए एसडीआरएफ की मदद से रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस के अनुसार दुर्घटनाग्रस्त कार संख्या HR-68 C-1242 देवप्रयाग से करीब चार किलोमीटर श्रीनगर की ओर ग्राम पाली के पास हादसे का शिकार हुई। वाहन के अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिरने की सूचना मिलते ही देवप्रयाग पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस टीम ने बिना देरी किए राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और खाई में गिरे लोगों को बाहर निकालने के लिए अभियान चलाया। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने तीन घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला और उन्हें उपचार के लिए सीएचसी बागी पहुंचाया। दुर्घटना में घायल हुए लोगों में उत्तम सिंह उम्र 33 वर्ष पुत्र मोहन सिंह निवासी ग्राम लाडोली जनपद रुद्रप्रयाग शामिल हैं। उनके साथ टीशा रावत उम्र 18 वर्ष पुत्री लक्ष्मण सिंह रावत निवासी ग्राम बीना थाना एवं जनपद रुद्रप्रयाग और सुनीता देवी उम्र 45 वर्ष पत्नी लक्ष्मण सिंह रावत निवासी ग्राम बीना थाना एवं जनपद रुद्रप्रयाग घायल हुई हैं। तीनों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बागी पहुंचाया गया। हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान सत्येश्वरी देवी उम्र 72 वर्ष पत्नी हुकम सिंह चौहान निवासी किमखाल थाना कर्णप्रयाग जनपद चमोली और अनिल सिंह उम्र 33 वर्ष पुत्र सुदर्शन निवासी किमोली पारतोली जनपद चमोली के रूप में हुई है। अनिल सिंह कार चला रहे थे। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसडीआरएफ टीम को भी सूचना दी गई। एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच गई है और पुलिस के साथ मिलकर दोनों मृतकों के शवों को गहरी खाई से बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान चला रही है। देवप्रयाग पुलिस ने दुर्घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और घायलों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया।
