प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। हरिद्वार कुंभ 2027 के दिव्य एवं भव्य आयोजन के लिए राज्य सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने बृहस्पतिवार को मेला नियंत्रण भवन सीसीआर सभागार में कुंभ की तैयारियों की समीक्षा करते हुए सभी संबंधित विभागों को निर्धारित समयसीमा में व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के साथ सुगम आवागमन सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। भीड़ प्रबंधन और यातायात तथा पार्किंग के साथ स्वास्थ्य सेवाओं और स्वच्छता एवं पेयजल और आपदा प्रबंधन की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि कुंभ के लिए विकसित की जा रही आधारभूत सुविधाओं का लाभ हरिद्वार के लोगों को पूरे वर्ष मिलना चाहिए। कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि हरिद्वार कुंभ का सुव्यवस्थित और सुरक्षित आयोजन सुनिश्चित करने के लिए श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए पिछले आयोजनों के अनुभवों के आधार पर व्यापक कार्ययोजना तैयार की जाए। बसों और ट्रेनों के संचालन की ठोस योजना बनाई जाए और उसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि श्रद्धालुओं को आवागमन संबंधी जानकारी समय से उपलब्ध हो सके। उन्होंने निर्देश दिए कि भीड़भाड़ वाले दिनों में भगदड़ जैसी घटनाओं की आशंका को रोकने के लिए विशेष सतर्कता बरती जाए। ट्रेनों के प्रस्थान से ठीक पहले प्लेटफॉर्म बदलने अथवा अन्य व्यवस्थाओं में अचानक बदलाव करने से बचा जाए। आपातकालीन परिस्थितियों में भीड़ की सुरक्षित निकासी के लिए वैकल्पिक मार्गों की पहचान कर उनकी समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कैबिनेट मंत्री ने पर्याप्त पार्किंग स्थलों के विकास पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पार्किंग स्थलों और अस्थायी बस अड्डों से प्रमुख घाटों तक श्रद्धालुओं की आवाजाही सुगम बनाने के लिए शटल बस सेवाओं की व्यवस्था की जाए। इससे श्रद्धालुओं को आवागमन में सुविधा मिलेगी और प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव कम करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कुंभ क्षेत्र की सड़कों और मंदिरों तथा घाटों तक जाने वाले मार्गों को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण एनएचएआई के अधीन आने वाली सड़कों को भी सुचारू और आवागमन के अनुकूल बनाए रखने को कहा। सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता की प्रभावी जांच सुनिश्चित करने के साथ रोप-वे की जांच कराने के निर्देश भी दिए। सतपाल महाराज ने कुंभ मेले के दौरान पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने तथा प्रमुख घाटों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों के साथ महत्वपूर्ण आवागमन मार्गों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने को कहा। उन्होंने कहा कि आपदा अथवा किसी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर स्पष्ट कार्ययोजना तैयार की जाए। वैकल्पिक निकासी मार्गों सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाओं की पहले से तैयारी रखी जाए ताकि जरूरत पड़ने पर त्वरित कार्रवाई की जा सके। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए घाटों पर पर्याप्त सुरक्षा प्रबंध करने और वृद्धजनों तथा दिव्यांगजनों के लिए रैंप बनाने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही घाटों पर पर्याप्त संख्या में चेंजिंग रूम उपलब्ध कराने को भी कहा गया ताकि श्रद्धालुओं को स्नान के दौरान आवश्यक सुविधाएं मिल सकें। कैबिनेट मंत्री ने कुंभ क्षेत्र में संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए प्रभावी मानक संचालन प्रक्रिया एसओपी तैयार कर उसका कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पतालों और एंबुलेंस के साथ आवश्यक दवाओं तथा चिकित्सा उपकरणों और चिकित्साकर्मियों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा ताकि मेले के दौरान श्रद्धालुओं को समय पर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें। स्वच्छता व्यवस्था के संबंध में उन्होंने कूड़ा प्रबंधन और सीवरेज निस्तारण के प्रभावी उपाय करने के साथ पर्याप्त संख्या में साफ-सुथरे शौचालय उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। शौचालयों की नियमित सफाई और पूरे मेला क्षेत्र में स्वच्छता बनाए रखने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। सतपाल महाराज ने पेयजल आपूर्ति की नियमित निगरानी और पानी की टंकियों की समय पर सफाई के साथ जल की नियमित जांच सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं को निरंतर स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते पूरी कर ली जाएं। उन्होंने कहा कि कुंभ के दौरान विद्युत आपूर्ति और दूरसंचार सेवाएं निर्बाध बनी रहनी चाहिए। इसके लिए संबंधित विभाग समय रहते आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित करें। हरिद्वार के प्रमुख मंदिरों और पुलों तथा घाटों को आकर्षक स्वरूप देने के लिए सजावट और फसाड सुधार के साथ आकर्षक लाइटिंग की व्यवस्था भी की जाए। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि हरिद्वार कुंभ 2027 उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण अवसर है। इसे देखते हुए राज्य की सांस्कृतिक परंपराओं और धार्मिक विरासत का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने साधु-संतों की शोभायात्राओं के दौरान पुष्पवर्षा और स्वागत तथा अभिनंदन की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए। बैठक में मेलाधिकारी सोनिका ने कुंभ मेला 2027 की तैयारियों और विभिन्न निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अधिकांश कार्य निर्धारित समयसीमा के अनुरूप आगे बढ़ रहे हैं। पुलों और घाटों के साथ सड़कों से संबंधित प्रमुख परियोजनाओं को समय पर पूरा कराने के लिए विशेष निगरानी की जा रही है। कार्यदायी संस्थाओं को निर्माण कार्यों में तेजी लाने और निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में जिलाधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित और नगर आयुक्त नंदन कुमार के साथ भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा तथा प्रभागीय वनाधिकारी स्वप्निल अनिरुद्ध उपस्थित रहे। मुख्य विकास अधिकारी डॉ.ललित नारायण मिश्र और अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती के साथ सिटी मजिस्ट्रेट हरिद्वार हर गिरी तथा एचआरडीए सचिव प्रत्यूष सिंह भी मौजूद रहे। उप मेला अधिकारी आकाश जोशी और तकनीकी सेल के अधीक्षण अभियंता मनोज भट्ट सहित लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता डीपी सिंह तथा सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता मनोज कुमार सिंह बैठक में उपस्थित रहे। जल संस्थान के अधीक्षण अभियंता यशवीर मल्ल और पेयजल निगम के अधीक्षण अभियंता जीएस तोमर तथा एनएचएआई के परियोजना निदेशक पुनीत गर्ग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए। वहीं पुलिस अधीक्षक टिहरी गढ़वाल श्वेता चौबे और अपर जिलाधिकारी टिहरी शैलेन्द्र सिंह नेगी के साथ अपर जिलाधिकारी पौड़ी गढ़वाल फिंचा राम चौहान सहित देहरादून और पौड़ी तथा टिहरी जनपदों के अन्य अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में प्रतिभाग किया।
