प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। पुलिस मुख्यालय स्तर से संचालित साइबर सुरक्षा अभियान 2.0 और साइबर जागरूकता माह के अंतर्गत रुद्रप्रयाग पुलिस की ओर से जनपदभर में जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग के निर्देशन में चलाए जा रहे इन कार्यक्रमों के माध्यम से आमजन और छात्र-छात्राओं को साइबर अपराधों से बचाव तथा महिला एवं बाल सुरक्षा के साथ नशे के दुष्प्रभावों और यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इसी क्रम में 17 अक्टूबर 2026 को कोतवाली अगस्त्यमुनि पुलिस टीम ने राजकीय इंटर कॉलेज बसुकेदार में जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर छात्र-छात्राओं को साइबर अपराधों के विभिन्न तरीकों और उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान पुलिस टीम ने विद्यार्थियों को सोशल मीडिया का सुरक्षित इस्तेमाल करने के बारे में बताया। उन्हें सोशल मीडिया प्रोफाइल सुरक्षित रखने और प्रोफाइल लॉक करने के साथ टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन सक्रिय करने की जानकारी दी गई। पुलिस ने विद्यार्थियों को आगाह किया कि वे अपनी निजी जानकारी अनजान व्यक्तियों के साथ साझा न करें और सोशल मीडिया पर किसी भी संदिग्ध गतिविधि के प्रति सतर्क रहें। पुलिस टीम ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर होने वाली साइबर ठगी के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि साइबर अपराधी पुलिस और सीबीआई तथा कस्टम अथवा अन्य सरकारी एजेंसियों के अधिकारी बनकर लोगों को डराते और धमकाते हैं। इसके बाद गिरफ्तारी का भय दिखाकर धनराशि की मांग करते हैं। ऐसे किसी भी फोन कॉल या संदेश पर विश्वास नहीं करना चाहिए और न ही डरकर किसी के खाते में धनराशि भेजनी चाहिए। विद्यार्थियों को फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म और व्हाट्सएप वीआईपी ग्रुपों के माध्यम से होने वाली ठगी के प्रति भी जागरूक किया गया। पुलिस ने बताया कि साइबर अपराधी कम समय में अधिक मुनाफा कमाने का लालच देकर लोगों को फर्जी निवेश योजनाओं में फंसाते हैं। ऐसे किसी भी निवेश प्रस्ताव पर बिना सत्यापन के भरोसा नहीं करना चाहिए। मैट्रिमोनियल फ्रॉड के संबंध में पुलिस टीम ने बताया कि जालसाज शादी का प्रस्ताव देकर लोगों का विश्वास जीतने का प्रयास करते हैं। इसके बाद महंगे उपहार भेजने या कस्टम शुल्क के नाम पर धनराशि की मांग कर सकते हैं। विद्यार्थियों को ऐसे मामलों में सतर्क रहने और किसी भी प्रस्ताव पर बिना सत्यापन के विश्वास न करने की सलाह दी गई। पुलिस ने साइबर वित्तीय ठगी होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की जानकारी दी। इसके साथ ही आधिकारिक वेबसाइट www.cybercrime.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत करने की प्रक्रिया के बारे में भी बताया गया। पुलिस ने विद्यार्थियों से साइबर अपराधों के प्रति स्वयं जागरूक रहने और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी जागरूक करने की अपील की। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में भी जानकारी दी गई। पुलिस टीम ने बताया कि नशीले पदार्थों का सेवन व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के साथ सामाजिक जीवन पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है। विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने और सकारात्मक गतिविधियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही नशामुक्त समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का संदेश दिया गया। यातायात नियमों के प्रति जागरूक करते हुए पुलिस टीम ने विद्यार्थियों से सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन करने की अपील की। उन्हें बताया गया कि दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनना आवश्यक है। वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग नहीं करना चाहिए और सड़क पर हमेशा जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करना चाहिए। यातायात नियमों का पालन कर दुर्घटनाओं से बचा जा सकता है और दूसरों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सकती है। रुद्रप्रयाग पुलिस ने आमजन से अपील की कि साइबर अपराधों से बचाव के लिए सतर्क रहें। अनजान लिंक पर क्लिक न करें और ओटीपी सहित अन्य गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। ऑनलाइन निवेश में अत्यधिक मुनाफे के लालच से बचें। साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। पुलिस ने सभी से स्वयं जागरूक बनने और दूसरों को भी जागरूक करने के साथ सुरक्षित डिजिटल समाज के निर्माण में सहयोग देने की अपील की।
