यूसीआरआरएफपी रुद्रप्रयाग द्वारा हरेला पर्व पर एक पेड़ माँ के नाम थीम के तहत रोपे गये 110 पौधे
प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल।लोकपर्व हरेला इस वर्ष जनपद रूद्रप्रयाग में बड़ी ही धूम धाम से मनाया जा रहा है इसी कड़ी में यू.सी.आर.आर.एफ.पी.(जलागम प्रबंधन) रुद्रप्रयाग प्रभाग,तिलवाड़ा द्वारा "एक पेड़ माँ के नाम" और गो ग्रीन थीम थीम के अंतर्गत विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।यह कार्यक्रम प लाटा बाबा इंटरमीडिएट कॉलेज,शीशों (माण्डा),विकासखंड-जखोली में आयोजित हुआ। कार्यक्रम का आयोजन उप निदेशक,जलागम प्रबंधन रुद्रप्रयाग प्रभाग के संरक्षण में तथा विषय विशेषज्ञ (उद्यान) के मार्गदर्शन में किया गया।इस अभियान में विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ-साथ विद्यालय के शिक्षक एवं छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी की सहभागिता से कुल 110 फलदार एवं चारा पत्ती के पौधों का रोपण किया गया।उप निदेशक,जलागम प्रबंधन रुद्रप्रयाग आरपी सिंह ने इस दौरान कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना और मातृत्व को सम्मान देना रहा। स्थानीय समुदाय ने इस आयोजन की सराहना करते हुए इसे हरेला पर्व की आत्मा से जुड़ा एक प्रेरणादायक प्रयास बताया।
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यूसीआरआरएफपी रुद्रप्रयाग द्वारा हरेला पर्व पर एक पेड़ माँ के नाम थीम के तहत रोपे गये 110 पौधे
प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल।लोकपर्व हरेला इस वर्ष जनपद रूद्रप्रयाग में बड़ी ही धूम धाम से मनाया जा रहा है इसी कड़ी में यू.सी.आर.आर.एफ.पी.(जलागम प्रबंधन) रुद्रप्रयाग प्रभाग,तिलवाड़ा द्वारा “एक पेड़ माँ के नाम” और गो ग्रीन थीम थीम के अंतर्गत विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।यह कार्यक्रम प लाटा बाबा इंटरमीडिएट कॉलेज,शीशों (माण्डा),विकासखंड-जखोली में आयोजित हुआ। कार्यक्रम का आयोजन उप निदेशक,जलागम प्रबंधन रुद्रप्रयाग प्रभाग के संरक्षण में तथा विषय विशेषज्ञ (उद्यान) के मार्गदर्शन में किया गया।इस अभियान में विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ-साथ विद्यालय के शिक्षक एवं छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी की सहभागिता से कुल 110 फलदार एवं चारा पत्ती के पौधों का रोपण किया गया।उप निदेशक,जलागम प्रबंधन रुद्रप्रयाग आरपी सिंह ने इस दौरान कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना और मातृत्व को सम्मान देना रहा। स्थानीय समुदाय ने इस आयोजन की सराहना करते हुए इसे हरेला पर्व की आत्मा से जुड़ा एक प्रेरणादायक प्रयास बताया।