जिला कारागार पौड़ी में नेल्सन मंडेला अंतर्राष्ट्रीय दिवस पर विधिक व स्वास्थ्य जागरुकता शिविर आयोजित
प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल।राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण,नैनीताल एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण,पौड़ी गढ़वाल के दिशा-निर्देशों में जिला कारागार पौड़ी में "नेल्सन मंडेला अंतर्राष्ट्रीय दिवस" के अवसर पर विधिक जागरुकता एवं साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया।सिविल जज (सीनियर डिवीजन)/सचिव,जिला विधिक सेवा प्राधिकरण,पौड़ी गढ़वाल नाज़िश कलीम ने बंदियों को नेल्सन मंडेला के संघर्षमय जीवन से प्रेरणा लेने का संदेश दिया गया। साथ ही उन्हें संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों तथा न्यायिक सहायता के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गयी।बंदियों को उनके विधिक अधिकारों की जानकारी देने के साथ-साथ यह भी बताया गया कि किस प्रकार वे निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त कर सकते हैं।इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से बंदियों के लिए स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का भी आयोजन किया गया,जिसमें कारागार में निरुद्ध बंदियों की स्वास्थ्य जांच की गयी। शिविर के दौरान सुप्रीम कोर्ट द्वारा पारित क्रिमिनल अपील संख्या 317/2024 प्रवीन बाल्मीकि बनाम उत्तराखंड राज्य के अंतर्गत दिए गए निर्देशों के अनुपालन में बीमार बंदियों से बातचीत कर उन्हें मिल रही स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता व प्रभावशीलता के संबंध में भी जानकारी एकत्र की गयी।कार्यक्रम में सभी ने नेल्सन मंडेला के विचारों को आत्मसात करते हुए समाज में न्याय,मानवता और समानता की स्थापना के लिए कार्य करने की शपथ ली।कार्यक्रम में प्रभारी अधीक्षक जिला कारागार डी.पी.सिन्हा,पैनल अधिवक्ता अतुल पोखरियाल,असिस्टेंट लीगल एड डिफेंस काउंसिल विनोद कुमार,रिटेनर अधिवक्ता कुसुम नेगी,चिकित्सा अधिकारी डॉ.श्वेता नवानी सहित जिला कारागार का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।
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जिला कारागार पौड़ी में नेल्सन मंडेला अंतर्राष्ट्रीय दिवस पर विधिक व स्वास्थ्य जागरुकता शिविर आयोजित
प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल।राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण,नैनीताल एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण,पौड़ी गढ़वाल के दिशा-निर्देशों में जिला कारागार पौड़ी में “नेल्सन मंडेला अंतर्राष्ट्रीय दिवस” के अवसर पर विधिक जागरुकता एवं साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया।सिविल जज (सीनियर डिवीजन)/सचिव,जिला विधिक सेवा प्राधिकरण,पौड़ी गढ़वाल नाज़िश कलीम ने बंदियों को नेल्सन मंडेला के संघर्षमय जीवन से प्रेरणा लेने का संदेश दिया गया। साथ ही उन्हें संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों तथा न्यायिक सहायता के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गयी।बंदियों को उनके विधिक अधिकारों की जानकारी देने के साथ-साथ यह भी बताया गया कि किस प्रकार वे निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त कर सकते हैं।इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से बंदियों के लिए स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का भी आयोजन किया गया,जिसमें कारागार में निरुद्ध बंदियों की स्वास्थ्य जांच की गयी। शिविर के दौरान सुप्रीम कोर्ट द्वारा पारित क्रिमिनल अपील संख्या 317/2024 प्रवीन बाल्मीकि बनाम उत्तराखंड राज्य के अंतर्गत दिए गए निर्देशों के अनुपालन में बीमार बंदियों से बातचीत कर उन्हें मिल रही स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता व प्रभावशीलता के संबंध में भी जानकारी एकत्र की गयी।कार्यक्रम में सभी ने नेल्सन मंडेला के विचारों को आत्मसात करते हुए समाज में न्याय,मानवता और समानता की स्थापना के लिए कार्य करने की शपथ ली।कार्यक्रम में प्रभारी अधीक्षक जिला कारागार डी.पी.सिन्हा,पैनल अधिवक्ता अतुल पोखरियाल,असिस्टेंट लीगल एड डिफेंस काउंसिल विनोद कुमार,रिटेनर अधिवक्ता कुसुम नेगी,चिकित्सा अधिकारी डॉ.श्वेता नवानी सहित जिला कारागार का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।