नीति आयोग के संपूर्णता अभियान के तहत हरिद्वार में आकांक्षा हाट का सफल आगाज़
प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल।हरिद्वार मुख्य विकास अधिकारी आकांक्षा कोण्डे की देखरेख में,नीति आयोग के 8-दिवसीय संपूर्णता अभियान के तहत जनपद हरिद्वार में आज आकांक्षा हाट का भव्य शुभारंभ हुआ। हर की पौड़ी स्थित सीसीआर टावर के सामने 2 अगस्त 2025 तक चलने वाली इस हाट का मुख्य उद्देश्य स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों को एक मंच प्रदान कर स्थानीय महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है।हाट के पहले दिन,विभिन्न प्रकार के उत्पाद आकर्षण का केंद्र रहे,जिनमें डेयरी उत्पाद,जूट के बैग व वस्तुएँ,हस्तनिर्मित वस्त्र,चुनरियाँ,शहद,सिंघाड़े के आटे के बिस्कुट,लिप्पन आर्ट और राखियाँ शामिल थे। कुल 8 स्टॉलों के माध्यम से आज ₹26,720 की शानदार बिक्री दर्ज की गई,जो इस पहल की सफल शुरुआत का स्पष्ट संकेत है।जिला प्रशासन,नीति आयोग और ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना के संयुक्त सहयोग से आयोजित यह हाट महिलाओं को उनके उत्पादों के लिए एक बड़ा बाज़ार उपलब्ध कराकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।ग्राहकों की प्रतिक्रिया के लिए हैंड रिटन फीडबैक बोर्ड और "हुनर की छाप" हैंड पेंट की व्यवस्था भी की गई है,जो इस पहल को और अधिक सहभागी बनाती है। आज इस हाट में महिलाओं का उत्साहवर्धन करने के लिए परियोजना निदेशक डीआरडीए कैलाश नाथ तिवारी,सहायक परियोजना निदेशक सुश्री नलिनीत घिल्डियाल,जिला परियोजना प्रबंधक संजय सक्सेना और डीओ पीआरडी प्रमोद पांडेय ने भी विजिट किया। यह प्रयास महिलाओं के कौशल को पहचानने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
Spread the love
नीति आयोग के संपूर्णता अभियान के तहत हरिद्वार में आकांक्षा हाट का सफल आगाज़
प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल।हरिद्वार मुख्य विकास अधिकारी आकांक्षा कोण्डे की देखरेख में,नीति आयोग के 8-दिवसीय संपूर्णता अभियान के तहत जनपद हरिद्वार में आज आकांक्षा हाट का भव्य शुभारंभ हुआ। हर की पौड़ी स्थित सीसीआर टावर के सामने 2 अगस्त 2025 तक चलने वाली इस हाट का मुख्य उद्देश्य स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों को एक मंच प्रदान कर स्थानीय महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है।हाट के पहले दिन,विभिन्न प्रकार के उत्पाद आकर्षण का केंद्र रहे,जिनमें डेयरी उत्पाद,जूट के बैग व वस्तुएँ,हस्तनिर्मित वस्त्र,चुनरियाँ,शहद,सिंघाड़े के आटे के बिस्कुट,लिप्पन आर्ट और राखियाँ शामिल थे। कुल 8 स्टॉलों के माध्यम से आज ₹26,720 की शानदार बिक्री दर्ज की गई,जो इस पहल की सफल शुरुआत का स्पष्ट संकेत है।जिला प्रशासन,नीति आयोग और ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना के संयुक्त सहयोग से आयोजित यह हाट महिलाओं को उनके उत्पादों के लिए एक बड़ा बाज़ार उपलब्ध कराकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।ग्राहकों की प्रतिक्रिया के लिए हैंड रिटन फीडबैक बोर्ड और “हुनर की छाप” हैंड पेंट की व्यवस्था भी की गई है,जो इस पहल को और अधिक सहभागी बनाती है। आज इस हाट में महिलाओं का उत्साहवर्धन करने के लिए परियोजना निदेशक डीआरडीए कैलाश नाथ तिवारी,सहायक परियोजना निदेशक सुश्री नलिनीत घिल्डियाल,जिला परियोजना प्रबंधक संजय सक्सेना और डीओ पीआरडी प्रमोद पांडेय ने भी विजिट किया। यह प्रयास महिलाओं के कौशल को पहचानने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।