देवप्रयाग के विधायक विनोद कंडारी के प्रयास से सिरसेड कड़ाकोट में पैराग्लाइडिंग स्थल को मिली संचालन की अनुमति
प्रदीप कुमार
देवप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल।देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र के ग्राम सिरसेड कड़ाकोट,ब्लॉक कीर्तिनगर,जनपद टिहरी स्थित प्रस्तावित पैराग्लाइडिंग स्थल को उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद द्वारा तकनीकी समिति की संस्तुति पर संचालन हेतु अनुमति प्रदान कर दी गई है।विधायक देवप्रयाग विनोद कंडारी के पत्राचार के बाद पर्यटन विभाग द्वारा इस स्थल का निरीक्षण किया गया। तकनीकी समिति ने 5 अप्रैल 2025 को स्थल का विधिवत परीक्षण कर इसे पैराग्लाइडिंग गतिविधियों के लिए उपयुक्त एवं सुरक्षित घोषित किया। इसके बाद पर्यटन विभाग ने इसे संचालन हेतु अनुमोदन प्रदान कर दिया है।पर्यटन विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि इस स्थल पर पैराग्लाइडिंग संचालन केवल उत्तराखण्ड फुटलाॅन्च पैराग्लाइडिंग (रेगुलेशन) नियमावली-2018 तथा संशोधन 2019,2021 और 2023 के प्रावधानों के अंतर्गत ही किया जाएगा। इन नियमों का पालन करते हुए इच्छुक संस्थाएं या व्यक्ति यहां पर व्यवसायिक पैराग्लाइडिंग गतिविधियां संचालित कर सकेंगे।इस निर्णय से क्षेत्र में साहसिक पर्यटन को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। देवप्रयाग जैसे धार्मिक एवं पर्यटन दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थल पर पैराग्लाइडिंग जैसी साहसिक गतिविधि के संचालन से न केवल पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।विधायक विनोद कंडारी ने कहा कि देवप्रयाग क्षेत्र का प्राकृतिक सौंदर्य और भौगोलिक परिस्थितियां पैराग्लाइडिंग जैसी गतिविधियों के लिए अत्यंत उपयुक्त हैं। लंबे समय से क्षेत्र में इस तरह के साहसिक खेलों की मांग की जा रही थी। अब सरकार और पर्यटन विभाग के सहयोग से यह सपना साकार हो गया है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों ने भी इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि देवप्रयाग आने वाले वर्षों में साहसिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा।
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देवप्रयाग के विधायक विनोद कंडारी के प्रयास से सिरसेड कड़ाकोट में पैराग्लाइडिंग स्थल को मिली संचालन की अनुमति
प्रदीप कुमार
देवप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल।देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र के ग्राम सिरसेड कड़ाकोट,ब्लॉक कीर्तिनगर,जनपद टिहरी स्थित प्रस्तावित पैराग्लाइडिंग स्थल को उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद द्वारा तकनीकी समिति की संस्तुति पर संचालन हेतु अनुमति प्रदान कर दी गई है।विधायक देवप्रयाग विनोद कंडारी के पत्राचार के बाद पर्यटन विभाग द्वारा इस स्थल का निरीक्षण किया गया। तकनीकी समिति ने 5 अप्रैल 2025 को स्थल का विधिवत परीक्षण कर इसे पैराग्लाइडिंग गतिविधियों के लिए उपयुक्त एवं सुरक्षित घोषित किया। इसके बाद पर्यटन विभाग ने इसे संचालन हेतु अनुमोदन प्रदान कर दिया है।पर्यटन विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि इस स्थल पर पैराग्लाइडिंग संचालन केवल उत्तराखण्ड फुटलाॅन्च पैराग्लाइडिंग (रेगुलेशन) नियमावली-2018 तथा संशोधन 2019,2021 और 2023 के प्रावधानों के अंतर्गत ही किया जाएगा। इन नियमों का पालन करते हुए इच्छुक संस्थाएं या व्यक्ति यहां पर व्यवसायिक पैराग्लाइडिंग गतिविधियां संचालित कर सकेंगे।इस निर्णय से क्षेत्र में साहसिक पर्यटन को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। देवप्रयाग जैसे धार्मिक एवं पर्यटन दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थल पर पैराग्लाइडिंग जैसी साहसिक गतिविधि के संचालन से न केवल पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।विधायक विनोद कंडारी ने कहा कि देवप्रयाग क्षेत्र का प्राकृतिक सौंदर्य और भौगोलिक परिस्थितियां पैराग्लाइडिंग जैसी गतिविधियों के लिए अत्यंत उपयुक्त हैं। लंबे समय से क्षेत्र में इस तरह के साहसिक खेलों की मांग की जा रही थी। अब सरकार और पर्यटन विभाग के सहयोग से यह सपना साकार हो गया है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों ने भी इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि देवप्रयाग आने वाले वर्षों में साहसिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा।