महात्मा गांधी के सत्य-अहिंसा के संदेश को जीवन में आत्मसात करने की जरूरत: प्रभारी जिलाधिकारी
प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल।राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर गुरुवार को जनपद भर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
इस मौके पर सरकारी कार्यालयों,विद्यालयों और सामाजिक संस्थाओं में श्रद्धांजलि दी गयी और उनके आदर्शों को जीवन में उतारने का संकल्प लिया गया। प्रभारी जिलाधिकारी/मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत ने कलेक्ट्रेट परिसर में ध्वजारोहण किया। इसके बाद गांधी जी और लाल बहादुर शास्त्री जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर माल्यार्पण किया गया। उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी दोनों महापुरुषों के चित्रों पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर गांधी जी का प्रिय भजन रामधुन का गायन भी किया गया। मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत ने कहा कि महात्मा गांधी ने अपने जीवन से यह संदेश दिया कि सत्य और अहिंसा ही सबसे बड़ी शक्ति है। उनका स्वच्छता का मंत्र आज भी उतना ही प्रासंगिक है,जितना स्वतंत्रता आंदोलन के समय था। यदि हम गांधी जी की सोच को व्यवहार में लाएँ तो समाज से असमानता और भेदभाव समाप्त हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री जी ने अपने सरल जीवन और दृढ़ संकल्प से पूरे देश को यह विश्वास दिलाया कि सादगी और ईमानदारी से भी बड़े लक्ष्य प्राप्त किए जा सकते हैं। उनका दिया जय जवान,जय किसान का नारा आज भी किसानों और सैनिकों को समान रूप से प्रेरित करता है। हमें उनके आदर्शों को केवल स्मरण नहीं करना चाहिए,बल्कि उन्हें जीवन में अपनाना ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इसके अलावा उन्होंने दोनों महापुरुषों के बारे में विस्तृत जानकारी भी दी। अपर जिलाधिकारी अनिल सिंह गर्ब्याल ने कहा कि गांधी जी का दर्शन हमें सिखाता है कि बिना हिंसा के भी सबसे बड़ी लड़ाई जीती जा सकती है। उनका संपूर्ण जीवन सत्य,करुणा और स्वच्छता का प्रतीक है। आज जब हम आत्मनिर्भर भारत की ओर बढ़ रहे हैं,तब शास्त्री जी की सादगी,ईमानदारी और परिश्रम से प्रेरणा लेकर कार्य करना समय की आवश्यकता है।दोनों महापुरुषों का जीवन हमें यह विश्वास दिलाता है कि त्याग,सेवा और अनुशासन ही राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है।युवाओं को विशेष रूप से उनके विचारों को अपने जीवन में अपनाकर देश को सशक्त बनाने में योगदान देना चाहिए।इसके बाद कलेक्ट्रेट परिसर में कार्मिकों द्वारा सफाई अभियान भी चलाया गया। एकत्रित कूड़े को नगर पालिका के वाहन के माध्यम से निस्तारण को भेजा।वहीं कंडोलिया मैदान के समीप महात्मागांधी की मूर्ति पर प्रभारी जिलाधिकारी सहित अन्य अधिकारियों ने माल्यार्पण किया।विकास भवन में परियोजना निदेशक डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय ने ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर जनपद में विभिन्न तहसीलों/विकासखंडों में कार्यक्रमों के साथ स्वच्छता अभियान भी चलाया गया,जिसमें अधिकारियों,कर्मचारियों,छात्र-छात्राओं एवं स्थानीय नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस अवसर पर संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी,जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर,अर्थ एवं संख्याधिकारी राम सलोने,डीपीओ देवेंद्र थपलियाल,प्राचार्य भातखंडे संगीत महाविद्यालय अनिरुद्ध बिष्ट,पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष राजेंद्र टम्टा,मुख्य प्रशासनिक अधिकारी कुसुम तड़ियाल,नाजिर मनोज रावत सहित अन्य अधिकारी,कर्मचारी उपस्थित थे।
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महात्मा गांधी के सत्य-अहिंसा के संदेश को जीवन में आत्मसात करने की जरूरत: प्रभारी जिलाधिकारी
प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल।राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर गुरुवार को जनपद भर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
इस मौके पर सरकारी कार्यालयों,विद्यालयों और सामाजिक संस्थाओं में श्रद्धांजलि दी गयी और उनके आदर्शों को जीवन में उतारने का संकल्प लिया गया। प्रभारी जिलाधिकारी/मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत ने कलेक्ट्रेट परिसर में ध्वजारोहण किया। इसके बाद गांधी जी और लाल बहादुर शास्त्री जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर माल्यार्पण किया गया। उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी दोनों महापुरुषों के चित्रों पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर गांधी जी का प्रिय भजन रामधुन का गायन भी किया गया। मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत ने कहा कि महात्मा गांधी ने अपने जीवन से यह संदेश दिया कि सत्य और अहिंसा ही सबसे बड़ी शक्ति है। उनका स्वच्छता का मंत्र आज भी उतना ही प्रासंगिक है,जितना स्वतंत्रता आंदोलन के समय था। यदि हम गांधी जी की सोच को व्यवहार में लाएँ तो समाज से असमानता और भेदभाव समाप्त हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री जी ने अपने सरल जीवन और दृढ़ संकल्प से पूरे देश को यह विश्वास दिलाया कि सादगी और ईमानदारी से भी बड़े लक्ष्य प्राप्त किए जा सकते हैं। उनका दिया जय जवान,जय किसान का नारा आज भी किसानों और सैनिकों को समान रूप से प्रेरित करता है। हमें उनके आदर्शों को केवल स्मरण नहीं करना चाहिए,बल्कि उन्हें जीवन में अपनाना ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इसके अलावा उन्होंने दोनों महापुरुषों के बारे में विस्तृत जानकारी भी दी। अपर जिलाधिकारी अनिल सिंह गर्ब्याल ने कहा कि गांधी जी का दर्शन हमें सिखाता है कि बिना हिंसा के भी सबसे बड़ी लड़ाई जीती जा सकती है। उनका संपूर्ण जीवन सत्य,करुणा और स्वच्छता का प्रतीक है। आज जब हम आत्मनिर्भर भारत की ओर बढ़ रहे हैं,तब शास्त्री जी की सादगी,ईमानदारी और परिश्रम से प्रेरणा लेकर कार्य करना समय की आवश्यकता है।दोनों महापुरुषों का जीवन हमें यह विश्वास दिलाता है कि त्याग,सेवा और अनुशासन ही राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है।युवाओं को विशेष रूप से उनके विचारों को अपने जीवन में अपनाकर देश को सशक्त बनाने में योगदान देना चाहिए।इसके बाद कलेक्ट्रेट परिसर में कार्मिकों द्वारा सफाई अभियान भी चलाया गया। एकत्रित कूड़े को नगर पालिका के वाहन के माध्यम से निस्तारण को भेजा।वहीं कंडोलिया मैदान के समीप महात्मागांधी की मूर्ति पर प्रभारी जिलाधिकारी सहित अन्य अधिकारियों ने माल्यार्पण किया।विकास भवन में परियोजना निदेशक डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय ने ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर जनपद में विभिन्न तहसीलों/विकासखंडों में कार्यक्रमों के साथ स्वच्छता अभियान भी चलाया गया,जिसमें अधिकारियों,कर्मचारियों,छात्र-छात्राओं एवं स्थानीय नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस अवसर पर संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी,जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर,अर्थ एवं संख्याधिकारी राम सलोने,डीपीओ देवेंद्र थपलियाल,प्राचार्य भातखंडे संगीत महाविद्यालय अनिरुद्ध बिष्ट,पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष राजेंद्र टम्टा,मुख्य प्रशासनिक अधिकारी कुसुम तड़ियाल,नाजिर मनोज रावत सहित अन्य अधिकारी,कर्मचारी उपस्थित थे।