लोक संस्कृति की रंगत में डूबा रुद्रप्रयाग: ईगास पर्व का गुलाबराय मैदान में भव्य आयोजन
प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल।उत्तराखंड की लोक संस्कृति, परंपरा और आस्था के प्रतीक लोक पर्व ईगास पर आज गुलाबराय क्रीड़ा मैदान में जिला प्रशासन के तत्वाधान में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रभारी मंत्री रुद्रप्रयाग एवं पशुपालन,दुग्ध विकास,मत्स्य पालन,गन्ना विकास,चीनी उद्योग,प्रोटोकॉल,कौशल विकास एवं सेवायोजन मंत्री सौरभ बहुगुणा उपस्थित रहे।कार्यक्रम का शुभारंभ मंत्री बहुगुणा द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। तत्पश्चात उन्होंने पारंपरिक रूप से भैला जलाकर पर्व का शुभारंभ किया गया।
मंत्री बहुगुणा ने स्वयं भैला नृत्य में सहभागिता कर स्थानीय जनमानस के साथ ईगास पर्व को हर्षोल्लास के साथ मनाया।उन्होंने सभी प्रदेश वासियों को ईगास की हार्दिक शुभकामनाएं दी तथा कहा कि उत्तराखंड की लोक संस्कृति,परंपराएं और लोक पर्व हमारी पहचान हैं,जिन्हें संजोकर रखना हम सबका दायित्व है उन्होंने कहा कि बाबा केदार जनपद को विकास के पथ पर यूं ही आगे बढ़ाए,उन्होंने कहा ही इस प्रकार के कार्यक्रमों से नई पीढ़ी को हमारी संस्कृति के बारे में ज्ञात होता है तथा संस्कृति विलुप्त नहीं होगी उन्होंने कहा कि ईगास जैसे उत्तराखंड के पर्वों को न केवल प्रदेश में बल्कि संपूर्ण देश में अलग पहचान देने का हमारा लक्ष्य है उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य है अगला दशक उत्तराखंड का होगा।जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग प्रतीक जैन ने अपने संबोधन की शुरुआत गढ़वाली भाषा में करते हुए कहा कि आज उत्तराखंड कु संस्कृति कु संगम ईगास पर्व च।आज अपनी पहाड़ी संस्कृति एवं लोक परंपरा ते याद करणों कु दिन च। आज का दिन मा अपनु पुर्खों की याद मा घर घर मा दीप जालोंण च। यू पर्व अपनु सामूहिक एकता,प्यार,अपनु संस्कार अपनी पहचान कु दिन च। मैं बाबा केदार से प्रार्थना करदू कि बाबा सबू तै सुखी राजी खुशी रखया।
उन्होंने सभी दाना स्याणा,दीदी,भुली,मां,बैणी को ईगास पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन हमारी सांस्कृतिक जड़ों को सुदृढ़ करते हैं और नई पीढ़ी को अपनी विरासत से जोड़ने का कार्य करते हैं।कार्यक्रम में झुमैलो,जागर,मंडाण सहित विभिन्न लोक नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने वातावरण को पूर्णतःउत्तराखंडी रंग में रंग दिया। मंच पर स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।गुलाबराय क्रीड़ा मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम में विधायक रुद्रप्रयाग भरत चौधरी,विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल,जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम कठैत,दर्जा राज्य मंत्री चंडी प्रसाद भट्ट,बीकेटीसी उपाध्यक्ष विजय कप्रवाण सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक,जनप्रतिनिधि,अधिकारी,महिला समूह एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। सभी ने भैला नृत्य में भाग लेकर लोक पर्व ईगास की सांस्कृतिक गरिमा को जीवंत किया।
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लोक संस्कृति की रंगत में डूबा रुद्रप्रयाग: ईगास पर्व का गुलाबराय मैदान में भव्य आयोजन
प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल।उत्तराखंड की लोक संस्कृति, परंपरा और आस्था के प्रतीक लोक पर्व ईगास पर आज गुलाबराय क्रीड़ा मैदान में जिला प्रशासन के तत्वाधान में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रभारी मंत्री रुद्रप्रयाग एवं पशुपालन,दुग्ध विकास,मत्स्य पालन,गन्ना विकास,चीनी उद्योग,प्रोटोकॉल,कौशल विकास एवं सेवायोजन मंत्री सौरभ बहुगुणा उपस्थित रहे।कार्यक्रम का शुभारंभ मंत्री बहुगुणा द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। तत्पश्चात उन्होंने पारंपरिक रूप से भैला जलाकर पर्व का शुभारंभ किया गया।
मंत्री बहुगुणा ने स्वयं भैला नृत्य में सहभागिता कर स्थानीय जनमानस के साथ ईगास पर्व को हर्षोल्लास के साथ मनाया।उन्होंने सभी प्रदेश वासियों को ईगास की हार्दिक शुभकामनाएं दी तथा कहा कि उत्तराखंड की लोक संस्कृति,परंपराएं और लोक पर्व हमारी पहचान हैं,जिन्हें संजोकर रखना हम सबका दायित्व है उन्होंने कहा कि बाबा केदार जनपद को विकास के पथ पर यूं ही आगे बढ़ाए,उन्होंने कहा ही इस प्रकार के कार्यक्रमों से नई पीढ़ी को हमारी संस्कृति के बारे में ज्ञात होता है तथा संस्कृति विलुप्त नहीं होगी उन्होंने कहा कि ईगास जैसे उत्तराखंड के पर्वों को न केवल प्रदेश में बल्कि संपूर्ण देश में अलग पहचान देने का हमारा लक्ष्य है उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य है अगला दशक उत्तराखंड का होगा।जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग प्रतीक जैन ने अपने संबोधन की शुरुआत गढ़वाली भाषा में करते हुए कहा कि आज उत्तराखंड कु संस्कृति कु संगम ईगास पर्व च।आज अपनी पहाड़ी संस्कृति एवं लोक परंपरा ते याद करणों कु दिन च। आज का दिन मा अपनु पुर्खों की याद मा घर घर मा दीप जालोंण च। यू पर्व अपनु सामूहिक एकता,प्यार,अपनु संस्कार अपनी पहचान कु दिन च। मैं बाबा केदार से प्रार्थना करदू कि बाबा सबू तै सुखी राजी खुशी रखया।
उन्होंने सभी दाना स्याणा,दीदी,भुली,मां,बैणी को ईगास पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन हमारी सांस्कृतिक जड़ों को सुदृढ़ करते हैं और नई पीढ़ी को अपनी विरासत से जोड़ने का कार्य करते हैं।कार्यक्रम में झुमैलो,जागर,मंडाण सहित विभिन्न लोक नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने वातावरण को पूर्णतःउत्तराखंडी रंग में रंग दिया। मंच पर स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।गुलाबराय क्रीड़ा मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम में विधायक रुद्रप्रयाग भरत चौधरी,विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल,जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम कठैत,दर्जा राज्य मंत्री चंडी प्रसाद भट्ट,बीकेटीसी उपाध्यक्ष विजय कप्रवाण सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक,जनप्रतिनिधि,अधिकारी,महिला समूह एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। सभी ने भैला नृत्य में भाग लेकर लोक पर्व ईगास की सांस्कृतिक गरिमा को जीवंत किया।