नव निर्माण से दुरुस्त हुआ जर्जर पैदल मार्ग बाबा केदारनाथ की डोली के गुजरने पर भक्त हुए खुश
प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल।बाबा केदारनाथ की चल विग्रह डोली अपने परम धाम के लिए श्री ओंकारेश्वर मंदिर से रवाना होकर फाटा पहुंच चुकी है। सोमवार शाम को बाबा की डोली ने गुप्तकाशी स्थित विश्वनाथ मंदिर में विश्राम किया था। गुप्तकाशी से फाटा के बीच पैदल डोली यात्रा के महत्वपूर्ण पड़ाव मैखंडा में जुरानी गांव से मैखंडा के बीच पैदल मार्ग वर्षों से जर्जर पड़ा था। डोली के साथ चल रहे तीर्थ पुरोहित एवं भक्तों को यहां से गुजरने में बड़ी समस्या होती थी,जिसकी जानकारी मिलने पर इस वर्ष जिलाधिकारी सौरभ गहरवार के निर्देशों पर यह मार्ग दुरूस्त कर लिया गया है। नव निर्मित मार्ग से डोली गुजरने से डोली के साथ चल रहे बाबा के भक्त बेहद खुश नजर आए।होटल एसोशिएशन के अध्यक्ष अमित मैखंडी ने कहा कि पहले दिन गुप्तकाशी पड़ाव पर रूकने के बाद बाबा श्री केदारनाथ की डोली अगले दिन फाटा के लिए प्रस्थान करती है। इस बीच मैखंडा एक महत्वपूर्ण पड़ाव आता है,इस क्षेत्र में डोली कुछ देर विश्राम करती है। मैखंडा पहुंचने से छह किलोमीटर पहले जुरानी गांव भी एक पड़ाव है।जुरानी गांव से मैखंडा पहुंचने वाले पैदल मार्ग की हालत बेहद जर्जर थी। जिसे जिलाधिकारी के संज्ञान में लाया गया था,जानकारी मिलते ही उन्होंने तुरंत इसका निस्तारण करवा दिया।खंड विकास अधिकारी प्रवीण भट्ट ने बताया कि करीब 25 दिनों के भीतर जर्जर पड़े मार्ग को दुरूस्त कर लिया गया है।इसमें खडिंजा,पैच वर्क से लेकर दीवार एवं गेबियन चैक डैम तक का इस्तेमाल किया गया। मार्ग निर्माण के दौरान स्थानीय लोगों को रोजगार भी दिया गया। मार्ग तैयार होने पर स्थानीय लोगों के साथ ही बाबा की डोली के साथ चल रहे भक्त एवं तीर्थ पुरोहितों राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन को धन्यवाद दिया।
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नव निर्माण से दुरुस्त हुआ जर्जर पैदल मार्ग बाबा केदारनाथ की डोली के गुजरने पर भक्त हुए खुश
प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल।बाबा केदारनाथ की चल विग्रह डोली अपने परम धाम के लिए श्री ओंकारेश्वर मंदिर से रवाना होकर फाटा पहुंच चुकी है। सोमवार शाम को बाबा की डोली ने गुप्तकाशी स्थित विश्वनाथ मंदिर में विश्राम किया था। गुप्तकाशी से फाटा के बीच पैदल डोली यात्रा के महत्वपूर्ण पड़ाव मैखंडा में जुरानी गांव से मैखंडा के बीच पैदल मार्ग वर्षों से जर्जर पड़ा था। डोली के साथ चल रहे तीर्थ पुरोहित एवं भक्तों को यहां से गुजरने में बड़ी समस्या होती थी,जिसकी जानकारी मिलने पर इस वर्ष जिलाधिकारी सौरभ गहरवार के निर्देशों पर यह मार्ग दुरूस्त कर लिया गया है। नव निर्मित मार्ग से डोली गुजरने से डोली के साथ चल रहे बाबा के भक्त बेहद खुश नजर आए।होटल एसोशिएशन के अध्यक्ष अमित मैखंडी ने कहा कि पहले दिन गुप्तकाशी पड़ाव पर रूकने के बाद बाबा श्री केदारनाथ की डोली अगले दिन फाटा के लिए प्रस्थान करती है। इस बीच मैखंडा एक महत्वपूर्ण पड़ाव आता है,इस क्षेत्र में डोली कुछ देर विश्राम करती है। मैखंडा पहुंचने से छह किलोमीटर पहले जुरानी गांव भी एक पड़ाव है।जुरानी गांव से मैखंडा पहुंचने वाले पैदल मार्ग की हालत बेहद जर्जर थी। जिसे जिलाधिकारी के संज्ञान में लाया गया था,जानकारी मिलते ही उन्होंने तुरंत इसका निस्तारण करवा दिया।खंड विकास अधिकारी प्रवीण भट्ट ने बताया कि करीब 25 दिनों के भीतर जर्जर पड़े मार्ग को दुरूस्त कर लिया गया है।इसमें खडिंजा,पैच वर्क से लेकर दीवार एवं गेबियन चैक डैम तक का इस्तेमाल किया गया। मार्ग निर्माण के दौरान स्थानीय लोगों को रोजगार भी दिया गया। मार्ग तैयार होने पर स्थानीय लोगों के साथ ही बाबा की डोली के साथ चल रहे भक्त एवं तीर्थ पुरोहितों राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन को धन्यवाद दिया।