गढ़वाल विश्वविद्यालय में एमएमटीटीसी के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ
प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के मालवीय मिशन टीचर ट्रेनिंग सेंटर में गुरुवार को आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस पर केंद्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इस प्रशिक्षण में देश के विभिन्न राज्यों से आए 40 से अधिक शिक्षक प्रतिभाग कर रहे हैं। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ.भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा के कंप्यूटर विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो.मनु प्रसाद सिंह और एमएमटीटीसी के निदेशक प्रो.डीएस नेगी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। मुख्य अतिथि प्रो.मनु प्रसाद सिंह ने आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस के लाभ और हानियों पर विस्तार से जानकारी दी।उन्होंने एआई के अलग अलग उपयोगी उपकरणों के प्रयोगों के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता विकसित करने की होड़ तेज़ी से बढ़ रही है। तकनीकी कंपनियाँ भारी मात्रा में संसाधन लगाकर ऐसी प्रणालियाँ तैयार कर रही हैं जिनमें मानवीय बुद्धिमत्ता से अधिक सोचने और कार्य करने की क्षमता विकसित हो सकती है। उन्होंने चेताया कि अत्यधिक परिष्कृत एआई मानव जाति के लिए चुनौती बन सकता है,क्योंकि ऐसी मशीनों पर नियंत्रण कमजोर पड़ने का भय बना रहता है। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि आईआईटी धनबाद के प्रो.एनएस पंवार ने आधुनिक जीवनशैली में एआई के महत्व पर विचार साझा किए। कार्यक्रम में समन्वयक डॉ.ओम प्रकाश,सहायक निदेशक डॉ.सोमेश थपलियाल और डॉ.अमरजीत सिंह परिहार उपस्थित रहे। अंत में डॉ.राहुल कुमार सिंह ने सभी प्रतिभागियों और अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
Spread the love
गढ़वाल विश्वविद्यालय में एमएमटीटीसी के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ
प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के मालवीय मिशन टीचर ट्रेनिंग सेंटर में गुरुवार को आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस पर केंद्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इस प्रशिक्षण में देश के विभिन्न राज्यों से आए 40 से अधिक शिक्षक प्रतिभाग कर रहे हैं। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ.भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा के कंप्यूटर विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो.मनु प्रसाद सिंह और एमएमटीटीसी के निदेशक प्रो.डीएस नेगी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। मुख्य अतिथि प्रो.मनु प्रसाद सिंह ने आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस के लाभ और हानियों पर विस्तार से जानकारी दी।उन्होंने एआई के अलग अलग उपयोगी उपकरणों के प्रयोगों के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता विकसित करने की होड़ तेज़ी से बढ़ रही है। तकनीकी कंपनियाँ भारी मात्रा में संसाधन लगाकर ऐसी प्रणालियाँ तैयार कर रही हैं जिनमें मानवीय बुद्धिमत्ता से अधिक सोचने और कार्य करने की क्षमता विकसित हो सकती है। उन्होंने चेताया कि अत्यधिक परिष्कृत एआई मानव जाति के लिए चुनौती बन सकता है,क्योंकि ऐसी मशीनों पर नियंत्रण कमजोर पड़ने का भय बना रहता है। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि आईआईटी धनबाद के प्रो.एनएस पंवार ने आधुनिक जीवनशैली में एआई के महत्व पर विचार साझा किए। कार्यक्रम में समन्वयक डॉ.ओम प्रकाश,सहायक निदेशक डॉ.सोमेश थपलियाल और डॉ.अमरजीत सिंह परिहार उपस्थित रहे। अंत में डॉ.राहुल कुमार सिंह ने सभी प्रतिभागियों और अतिथियों का आभार व्यक्त किया।