मयाली बाजार में भालू की गतिविधि पर वन विभाग अलर्ट व्यापक जन जागरूकता गोष्ठी आयोजित
प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल।दक्षिणी जखोली रेंज के अंतर्गत आज लस्या बीट क्षेत्र में मयाली बाजार के समीप भालू की गतिविधि दिखाई देने पर वन विभाग की टीम ने तत्काल पहल करते हुए बाजार क्षेत्र में विस्तृत जन जागरूकता गोष्ठि आयोजित की। गोष्ठि में मयाली व्यापार संघ के अध्यक्ष की उपस्थिति में बैठक आहूत की गई,जिसमें स्थानीय व्यापारियों,आमजन तथा आसपास के दुकानदारों को मानव–वन्य जीव संघर्ष विशेषकर मानव–भालू संघर्ष के संभावित जोखिमों और इनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। टीम द्वारा बताया गया कि भालू अक्सर भोजन की तलाश में मानवीय बस्तियों के नजदीक पहुँच जाते हैं, ऐसे में बाजार क्षेत्र में कूड़े–कचरे के उचित प्रबंधन और निस्तारण का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है। लापरवाही से फैला कचरा जंगली जानवरों को आकर्षित करता है,जिससे संघर्ष की संभावनाएँ बढ़ जाती हैं। उपस्थित लोगों को अवगत किया गया कि दुकान एवं घरों के आसपास कूड़ा खुले में न रखें तथा कूड़ा निस्तारण उचित व्यवस्था अनुसार करें। वन विभाग की टीम ने इस दौरान कई सुरक्षा और सचेतन उपायों पर भी जोर दिया,जिसमें शाम एवं रात के समय अनावश्यक रूप से अकेले न घूमने,बच्चों,बुजुर्गों तथा मवेशियों पर विशेष निगरानी रखने,भालू दिखने या गतिविधि संदेहास्पद होने पर तुरंत वन विभाग को सूचित करने तथा क्षेत्र में अलर्ट रहने एवं अफवाहों से बचने की अपील की गई,मानव–वन्यजीव संघर्ष को कम करने में स्थानीय नागरिकों की जागरूकता अत्यंत महत्वपूर्ण है।जिला प्रशासन द्वारा भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ताकि मानव एवं वन्य जीव सहअस्तित्व को बढ़ावा दिया जा सके। इस दौरान उप वनक्षेत्राधिकारी के.सी.नैनवाल,वन आरक्षी गोविंद सिंह चौहान,चेतन भंडारी,सुरेंद्र दत्त सकलानी,विक्रम रावत आदि मौजूद रहे।
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मयाली बाजार में भालू की गतिविधि पर वन विभाग अलर्ट व्यापक जन जागरूकता गोष्ठी आयोजित
प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल।दक्षिणी जखोली रेंज के अंतर्गत आज लस्या बीट क्षेत्र में मयाली बाजार के समीप भालू की गतिविधि दिखाई देने पर वन विभाग की टीम ने तत्काल पहल करते हुए बाजार क्षेत्र में विस्तृत जन जागरूकता गोष्ठि आयोजित की। गोष्ठि में मयाली व्यापार संघ के अध्यक्ष की उपस्थिति में बैठक आहूत की गई,जिसमें स्थानीय व्यापारियों,आमजन तथा आसपास के दुकानदारों को मानव–वन्य जीव संघर्ष विशेषकर मानव–भालू संघर्ष के संभावित जोखिमों और इनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। टीम द्वारा बताया गया कि भालू अक्सर भोजन की तलाश में मानवीय बस्तियों के नजदीक पहुँच जाते हैं, ऐसे में बाजार क्षेत्र में कूड़े–कचरे के उचित प्रबंधन और निस्तारण का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है। लापरवाही से फैला कचरा जंगली जानवरों को आकर्षित करता है,जिससे संघर्ष की संभावनाएँ बढ़ जाती हैं। उपस्थित लोगों को अवगत किया गया कि दुकान एवं घरों के आसपास कूड़ा खुले में न रखें तथा कूड़ा निस्तारण उचित व्यवस्था अनुसार करें। वन विभाग की टीम ने इस दौरान कई सुरक्षा और सचेतन उपायों पर भी जोर दिया,जिसमें शाम एवं रात के समय अनावश्यक रूप से अकेले न घूमने,बच्चों,बुजुर्गों तथा मवेशियों पर विशेष निगरानी रखने,भालू दिखने या गतिविधि संदेहास्पद होने पर तुरंत वन विभाग को सूचित करने तथा क्षेत्र में अलर्ट रहने एवं अफवाहों से बचने की अपील की गई,मानव–वन्यजीव संघर्ष को कम करने में स्थानीय नागरिकों की जागरूकता अत्यंत महत्वपूर्ण है।जिला प्रशासन द्वारा भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ताकि मानव एवं वन्य जीव सहअस्तित्व को बढ़ावा दिया जा सके। इस दौरान उप वनक्षेत्राधिकारी के.सी.नैनवाल,वन आरक्षी गोविंद सिंह चौहान,चेतन भंडारी,सुरेंद्र दत्त सकलानी,विक्रम रावत आदि मौजूद रहे।