कुलपति की फोटो लगाकर भ्रामक संदेश फैलाने पर विश्वविद्यालय ने पुलिस में तहरीर दी
प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल।हेमवती नन्दन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय प्रशासन ने कुलपति की फोटो का उपयोग कर भ्रामक व्हाट्सऐप संदेश भेजे जाने के मामले में पुलिस को तहरीर दी है। प्रशासन के अनुसार अज्ञात व्यक्ति द्वारा कुलपति प्रो.श्रीप्रकाश सिंह की फोटो लगाकर लगातार ऐसे संदेश भेजे जा रहे हैं,जिनसे उनकी छवि को नुकसान पहुँचाने का प्रयास दिखता है। इसे गंभीर और संवेदनशील मामला मानकर विवि ने कानूनी कदम उठाए हैं।कोतवाली श्रीनगर में दी गई तहरीर में विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो.राकेश कुमार ढोड़ी ने कहा कि पहले भी इस तरह की घटनाएँ सामने आ चुकी हैं,जिनमें अज्ञात लोग सोशल मीडिया के माध्यम से भ्रामक गतिविधियाँ करते रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस प्रकार का कृत्य न केवल कुलपति की व्यक्तिगत प्रतिष्ठा को प्रभावित करता है,बल्कि विश्वविद्यालय की संस्थागत साख पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है। इसलिए दोषी की पहचान कर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। श्रीनगर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत साइबर सेल को जांच के लिए भेज दिया है। साइबर विशेषज्ञ अब मैसेज भेजने वाले नंबर,तकनीकी लोकेशन,उपयोग किए गए प्रोफाइल और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रहे हैं।पुलिस का कहना है कि तकनीकी जांच के माध्यम से संदेश भेजने वाले व्यक्ति तक जल्द पहुंचने की कोशिश की जा रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे संस्थान की गरिमा से जुड़ा मामला बताते हुए उम्मीद जताई है कि जांच पूरी होने पर दोषी के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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कुलपति की फोटो लगाकर भ्रामक संदेश फैलाने पर विश्वविद्यालय ने पुलिस में तहरीर दी
प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल।हेमवती नन्दन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय प्रशासन ने कुलपति की फोटो का उपयोग कर भ्रामक व्हाट्सऐप संदेश भेजे जाने के मामले में पुलिस को तहरीर दी है। प्रशासन के अनुसार अज्ञात व्यक्ति द्वारा कुलपति प्रो.श्रीप्रकाश सिंह की फोटो लगाकर लगातार ऐसे संदेश भेजे जा रहे हैं,जिनसे उनकी छवि को नुकसान पहुँचाने का प्रयास दिखता है। इसे गंभीर और संवेदनशील मामला मानकर विवि ने कानूनी कदम उठाए हैं।कोतवाली श्रीनगर में दी गई तहरीर में विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो.राकेश कुमार ढोड़ी ने कहा कि पहले भी इस तरह की घटनाएँ सामने आ चुकी हैं,जिनमें अज्ञात लोग सोशल मीडिया के माध्यम से भ्रामक गतिविधियाँ करते रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस प्रकार का कृत्य न केवल कुलपति की व्यक्तिगत प्रतिष्ठा को प्रभावित करता है,बल्कि विश्वविद्यालय की संस्थागत साख पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है। इसलिए दोषी की पहचान कर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। श्रीनगर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत साइबर सेल को जांच के लिए भेज दिया है। साइबर विशेषज्ञ अब मैसेज भेजने वाले नंबर,तकनीकी लोकेशन,उपयोग किए गए प्रोफाइल और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रहे हैं।पुलिस का कहना है कि तकनीकी जांच के माध्यम से संदेश भेजने वाले व्यक्ति तक जल्द पहुंचने की कोशिश की जा रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे संस्थान की गरिमा से जुड़ा मामला बताते हुए उम्मीद जताई है कि जांच पूरी होने पर दोषी के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।