त्रियुगीनारायण में जिला प्रशासन के प्रयासों से रुद्रप्रयाग का डेस्टिनेशन वेडिंग पॉइंट बनकर बढ़ी पर्यटन और आर्थिकी की रौनक
प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल।त्रियुगीनारायण को डेस्टिनेशन वेडिंग हब के रूप में विकसित करने के जिला प्रशासन के निरंतर प्रयास अब रंग ला रहे हैं।भगवान शिव और देवी पार्वती के पौराणिक विवाह स्थल के रूप में प्रसिद्ध यह धाम अब तेजी से देश-दुनिया के जोड़ों की पहली पसंद बन रहा है। यहां आयोजित होने वाली शादियों से क्षेत्र की स्थानीय आर्थिकी में निरंतर बढ़ोतरी हो रही है तथा पर्यटन को भी नए आयाम मिल रहे हैं।स्थानीय होटल,होमस्टे,परिवहन,फूल-व्यवसाय,बैंड-बाजा एवं पुजारी समुदाय को सीधा लाभ मिल रहा है। इसी सकारात्मक परिवर्तन को और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से खंड विकास अधिकारी थराली नितिन धानिया द्वारा भी अपनी शादी का आयोजन त्रियुगीनारायण में ही किया गया।प्रशासनिक स्तर पर यह पहल क्षेत्र में वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में नई ऊर्जा और पहचान ला रही है। त्रियुगीनारायण पुरोहित समिति के अध्यक्ष सच्चिदानंद पंचपुरी ने बताया कि 2022 से यहां औपचारिक रूप से विवाह पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू की गई थी। इसके उपरांत शिव-पार्वती के दिव्य विवाह स्थल पर डेस्टिनेशन वेडिंग की संख्या में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2022 से 2025 के बीच कुल 750 विवाह संपन्न हुए,जिसमें वर्ष 2022 में 50 विवाह, 2023 में 200 विवाह,2024 के 200 विवाह तथा 2025 में अब तक 300 विवाह संपन्न हो चुके है। लगातार बढ़ती मांग और प्रशासनिक प्रयासों के चलते त्रियुगीनारायण अब उत्तराखण्ड का प्रमुख डेस्टिनेशन वेडिंग पॉइंट बन चुका है। आने वाले समय में यहाँ बेहतर सुविधाओं,बुनियादी ढांचे और पर्यटन व्यवस्था के विस्तार से इस क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास में और तेजी आने की उम्मीद है।
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त्रियुगीनारायण में जिला प्रशासन के प्रयासों से रुद्रप्रयाग का डेस्टिनेशन वेडिंग पॉइंट बनकर बढ़ी पर्यटन और आर्थिकी की रौनक
प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल।त्रियुगीनारायण को डेस्टिनेशन वेडिंग हब के रूप में विकसित करने के जिला प्रशासन के निरंतर प्रयास अब रंग ला रहे हैं।भगवान शिव और देवी पार्वती के पौराणिक विवाह स्थल के रूप में प्रसिद्ध यह धाम अब तेजी से देश-दुनिया के जोड़ों की पहली पसंद बन रहा है। यहां आयोजित होने वाली शादियों से क्षेत्र की स्थानीय आर्थिकी में निरंतर बढ़ोतरी हो रही है तथा पर्यटन को भी नए आयाम मिल रहे हैं।स्थानीय होटल,होमस्टे,परिवहन,फूल-व्यवसाय,बैंड-बाजा एवं पुजारी समुदाय को सीधा लाभ मिल रहा है। इसी सकारात्मक परिवर्तन को और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से खंड विकास अधिकारी थराली नितिन धानिया द्वारा भी अपनी शादी का आयोजन त्रियुगीनारायण में ही किया गया।प्रशासनिक स्तर पर यह पहल क्षेत्र में वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में नई ऊर्जा और पहचान ला रही है। त्रियुगीनारायण पुरोहित समिति के अध्यक्ष सच्चिदानंद पंचपुरी ने बताया कि 2022 से यहां औपचारिक रूप से विवाह पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू की गई थी। इसके उपरांत शिव-पार्वती के दिव्य विवाह स्थल पर डेस्टिनेशन वेडिंग की संख्या में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2022 से 2025 के बीच कुल 750 विवाह संपन्न हुए,जिसमें वर्ष 2022 में 50 विवाह, 2023 में 200 विवाह,2024 के 200 विवाह तथा 2025 में अब तक 300 विवाह संपन्न हो चुके है। लगातार बढ़ती मांग और प्रशासनिक प्रयासों के चलते त्रियुगीनारायण अब उत्तराखण्ड का प्रमुख डेस्टिनेशन वेडिंग पॉइंट बन चुका है। आने वाले समय में यहाँ बेहतर सुविधाओं,बुनियादी ढांचे और पर्यटन व्यवस्था के विस्तार से इस क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास में और तेजी आने की उम्मीद है।