वन और राजस्व विभाग को जीआईएस द्वारा लैंड बैंक बनाए जाने के दिए निर्देश
प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल।जिलाधिकारी स्वाति एस.भदौरिया की अध्यक्षता में मंगलवार को एनआईसी कक्ष में वन भूमि हस्तांतरण से संबंधित प्रकरणों की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। जिलाधिकारी ने जनपद में लंबित मामलों की अद्यतन स्थिति जानने के साथ ही विभागीय अधिकारियों को त्वरित एवं प्राथमिकता आधारित कार्यवाही के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वन भूमि से जुड़े प्रकरण सीधे जनहित और विकास कार्यों से संबंधित हैं,इसलिए इनके निस्तारण में किसी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में जिलाधिकारी ने प्रभागीय वनाधिकारी को सभी लंबित प्रकरणों का विस्तृत परीक्षण करने तथा भौतिक सत्यापन कर वास्तविक स्थिति की रिपोर्ट तत्काल प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिये कि विभागीय अभिलेखों को अद्यतन रखा जाए और आवश्यक संस्तुतियाँ समय से शासन को भेजी जाएं। उन्होंने कहा कि जिन प्रकरणों में तकनीकी बाधाएं हैं,उनकी स्पष्ट सूची तैयार कर समाधान हेतु प्रस्ताव शीघ्र उपलब्ध कराने को कहा गया। जिलाधिकारी ने लोनिवि अधिकारियों को वन विभाग के साथ संयुक्त निरीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए,ताकि वन भूमि से जुड़े मामलों का निस्तारण तेजी से हो सके। साथ ही वन विभाग को निर्देशित किया गया कि वन भूमि हस्तांतरण संबंधी गाइडलाइन सभी विभागों के साथ साझा की जाए,जिससे कार्यवाही निर्धारित ढांचे के अनुसार आगे बढ़े। जिलाधिकारी ने वन विभाग को राजस्व विभाग के साथ मिलकर लैंड बैंक बनाने के निर्देश दिए।उन्होंने बताया कि जीआईएस द्वारा लैंड बैंक का डेटा बनाया जाएगा,जिससे सत्यापन के बाद प्रतिपूरक वनरोपण में समस्या नहीं आएगी। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी प्रकरण में अनावश्यक विलंब न होने पाए और प्रत्येक मामले की यथास्थिति नियमित रूप से प्रस्तुत की जाए। उन्होंने कहा कि विभागीय समन्वय को मजबूत कर लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्रता से निपटाया जाए। बैठक में डीएफओ अभिमन्यु सिंह,अपर जिलाधिकारी अनिल गर्ब्याल,लोनिवि के विभिन्न डिवीजनों के अधिशासी अभियंता सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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वन और राजस्व विभाग को जीआईएस द्वारा लैंड बैंक बनाए जाने के दिए निर्देश
प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल।जिलाधिकारी स्वाति एस.भदौरिया की अध्यक्षता में मंगलवार को एनआईसी कक्ष में वन भूमि हस्तांतरण से संबंधित प्रकरणों की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। जिलाधिकारी ने जनपद में लंबित मामलों की अद्यतन स्थिति जानने के साथ ही विभागीय अधिकारियों को त्वरित एवं प्राथमिकता आधारित कार्यवाही के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वन भूमि से जुड़े प्रकरण सीधे जनहित और विकास कार्यों से संबंधित हैं,इसलिए इनके निस्तारण में किसी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में जिलाधिकारी ने प्रभागीय वनाधिकारी को सभी लंबित प्रकरणों का विस्तृत परीक्षण करने तथा भौतिक सत्यापन कर वास्तविक स्थिति की रिपोर्ट तत्काल प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिये कि विभागीय अभिलेखों को अद्यतन रखा जाए और आवश्यक संस्तुतियाँ समय से शासन को भेजी जाएं। उन्होंने कहा कि जिन प्रकरणों में तकनीकी बाधाएं हैं,उनकी स्पष्ट सूची तैयार कर समाधान हेतु प्रस्ताव शीघ्र उपलब्ध कराने को कहा गया। जिलाधिकारी ने लोनिवि अधिकारियों को वन विभाग के साथ संयुक्त निरीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए,ताकि वन भूमि से जुड़े मामलों का निस्तारण तेजी से हो सके। साथ ही वन विभाग को निर्देशित किया गया कि वन भूमि हस्तांतरण संबंधी गाइडलाइन सभी विभागों के साथ साझा की जाए,जिससे कार्यवाही निर्धारित ढांचे के अनुसार आगे बढ़े। जिलाधिकारी ने वन विभाग को राजस्व विभाग के साथ मिलकर लैंड बैंक बनाने के निर्देश दिए।उन्होंने बताया कि जीआईएस द्वारा लैंड बैंक का डेटा बनाया जाएगा,जिससे सत्यापन के बाद प्रतिपूरक वनरोपण में समस्या नहीं आएगी। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी प्रकरण में अनावश्यक विलंब न होने पाए और प्रत्येक मामले की यथास्थिति नियमित रूप से प्रस्तुत की जाए। उन्होंने कहा कि विभागीय समन्वय को मजबूत कर लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्रता से निपटाया जाए। बैठक में डीएफओ अभिमन्यु सिंह,अपर जिलाधिकारी अनिल गर्ब्याल,लोनिवि के विभिन्न डिवीजनों के अधिशासी अभियंता सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।