Spread the love

श्रीनगर मेडिकल कॉलेज बना विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैयारी का बड़ा केंद्र

प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल।राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर एमबीबीएस डाक्टर देने के साथ ही स्पेशलिस्ट डॉक्टर भी प्रदेश की जनता की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए तैयार कर रहा है। मेडिकल कॉलेज में शुरू हुआ एमबीबीएस पीजी एमडी और एमएस और डीएनबी डिप्लोमा कोर्स पूरा कर लगभग 65 स्पेशलिस्ट डाक्टर मेडिकल कॉलेज ने तैयार किए हैं। जो प्रदेश के साथ ही अन्य प्रदेशों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। वर्तमान में मेडिकल कॉलेज में 52 सीटों पर पीजी और डीएनबी डिप्लोमा कोर्स संचालित हो रहा है। राजकीय मेडिकल कॉलेज में वैसे तो 2014 में पीजी कोर्स एक विभाग एनाटॉमी में शुरू हो गया था। किन्तु अन्य विभागों में वर्ष 2021 से 11 विभागों में उक्त पीजी कोर्स शुरू हुआ। जिसमें आज 52 डाक्टर एमबीबीएस पीजी एमडी और एमएस और डीएनबी डिप्लोमा कोर्स कर रहे हैं। जिसमें एमडी,एम एस के 24 तथा डीएनबी के 38 सीटें हैं। वर्ष 2021 से 2023 तक 65 से अधिक डाक्टर अपना कोर्स पूरा कर स्पेशलिस्ट डॉक्टर बन चुके हैं। प्रदेश के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ.धन सिंह रावत के निर्देशन में कॉलेज के सभी विभागों में सुविधाओं का विस्तार किया गया। बेहतर शैक्षणिक माहौल और चिकित्सा सुविधाओं के चलते एनएमसी निरीक्षण में कॉलेज मानकों पर खरा उतरा,जिसके बाद पीजी सीटों को स्वीकृति मिली। इससे प्रदेश के साथ ही अन्य राज्यों के छात्र भी यहां से पीजी कर विशेषज्ञ डॉक्टर बनकर अपना भविष्य संवार रहे हैं।मेडिकल कॉलेज में फिज़ियोलॉजी,फार्माकोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी,फॉरेंसिक मेडिसिन,पैथोलॉजी,कम्युनिटी मेडिसिन,ऑफ्थैल्मोलॉजी विभाग से 20 डाक्टर पीजी एम एस और एमडी कोर्स कर चुके हैं। जबकि ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी,ईएनटी,
पीडियाट्रिक्स,ऑप्थैल्मोलॉजी, एनेस्थीसिया विभागों से 45 डाक्टर डीएनबी पीजी कोर्स कर चुके हैं। वर्तमान में फिजियोलॉजी,नेत्र रोग कम्युनिटी मेडिसिन,पैथोलॉजी,फार्मा, माइक्रोबायोलॉजी,फॉरेंसिक मेडिसिन,एनाटॉमी विभाग में एमडी-एमएस कोर्स चल रहा है।जबकि ऑर्थो,सर्जरी एनेस्थीसिया,पीडिया,जनरल मेडिसिन में डीएनबी कोर्स चल रहा है। 34 सीटों के लिए NMC में आवेदन डॉ.सयाना राजकीय मेडिकल कॉलेज,श्रीनगर के प्राचार्य डॉ.आशुतोष सयाना ने बताया कि श्रीनगर मेडिकल कॉलेज अब स्पेशलिस्ट डॉक्टर तैयार करने की एक प्रमुख प्रयोगशाला के रूप में कार्य कर रहा है। यहाँ से पीजी करने वाले डॉक्टरों को उत्कृष्ट शैक्षणिक माहौल,उच्चस्तरीय प्रशिक्षण और पर्यावरण अनुकूल परिसर में पढ़ने का अवसर मिलता है। अब तक कुल 65 डॉक्टर अपना पीजी कोर्स पूरा कर चुके हैं,जो संस्थान के सभी संकाय सदस्यों की निरंतर मेहनत और समर्पण का परिणाम है। पीजी कोर्स पूरा होने के बाद डॉक्टरों की सूची चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को भेज दी जाती है,जिसके आधार पर उनकी विभिन्न अस्पतालों में तैनाती होती है। डॉ.सयाना ने बताया कि ऑल इंडिया कोटा से आने वाले डॉक्टर अपने राज्य या मेडिकल कॉलेज में सीनियर रेज़िडेंट के रूप में सेवाएँ प्रदान करते हैं। वर्तमान में 52 सीटों के अतिरिक्त 34 नई सीटों के लिए भी NMC में आवेदन किया गया है। राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर द्वारा 65 से अधिक स्पेशलिस्ट डॉक्टर तैयार किया जाना प्रदेश के लिए गर्व की उपलब्धि है। पीजी,एमडी-एमएस और डीएनबी कोर्सों के सफल संचालन ने उत्तराखंड को मेडिकल शिक्षा का मजबूत केंद्र बनाया है। कॉलेज के सभी संकाय सदस्यों और छात्रों को बधाई। प्रदेश में विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है। 52 मौजूदा सीटों के साथ 34 नई सीटों के लिए एनएमसी में आवेदन किया गया है,जिससे स्वास्थ्य सेवाएं और मजबूत होंगी। डॉ.धन सिंह रावत,स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री उत्तराखंड सरकार।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Whatsapp