प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल।विश्व प्रसिद्ध कार्तिक स्वामी मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था और श्रद्धालु प्रबंधन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पंवार ने मंदिर क्षेत्र का विस्तृत स्थलीय निरीक्षण किया। कार्तिक स्वामी मंदिर जनपद चमोली और जनपद रुद्रप्रयाग की सीमा पर स्थित एक प्रमुख धार्मिक स्थल है, जो रुद्रप्रयाग–पोखरी मार्ग पर कनकचौरी गांव के समीप लगभग 3050 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यहां देश-विदेश,विशेषकर दक्षिण भारत से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक दर्शन के लिए पहुंचते हैं। निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक ने कनकचौरी से लगभग साढ़े तीन किलोमीटर पैदल मार्ग तय कर मंदिर परिसर,ट्रैकिंग रूट और संवेदनशील स्थलों का भौतिक निरीक्षण किया। इस दौरान मंदिर परिसर में स्थापित दूरसंचार रिपीटर प्रणाली की जांच की गई और वहां तैनात कार्मिकों को संचार व्यवस्था को सतर्क और मजबूत बनाए रखने के निर्देश दिए गए।साथ ही पोखरी क्षेत्र की संचार व्यवस्था की जानकारी लेते हुए मंदिर क्षेत्र में अग्नि सुरक्षा जांच कराने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए गए।कनकचौरी क्षेत्र में श्रद्धालुओं और यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए होटल और ठहराव स्थलों की अग्नि सुरक्षा जांच और सत्यापन कार्य का भी अवलोकन किया गया। मंदिर परिसर में मंदिर समिति और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से बातचीत कर सुरक्षा,यात्री सुविधाओं,भीड़ प्रबंधन और स्थानीय समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की गई। निरीक्षण के दौरान चमोली और रुद्रप्रयाग पुलिस के बीच समन्वय बैठक आयोजित की गई,जिसमें सीमा क्षेत्र की कानून-व्यवस्था,श्रद्धालुओं की आवाजाही,पैदल मार्ग की सुरक्षा और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित समन्वय पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही मोहनखाल क्षेत्र में स्थायी पुलिस चौकी निर्माण से जुड़े विषय पर भी जानकारी ली गई। पुलिस अधीक्षक ने स्थानीय नागरिकों और होटल संचालकों से संवाद कर सुरक्षा मानकों,अग्नि सुरक्षा उपायों और पुलिस सहयोग के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। विदेशी पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए होटल संचालकों को समय पर पंजीकरण और सत्यापन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त पैदल मार्ग पर वन विभाग द्वारा संचालित स्वागत केंद्र का निरीक्षण किया गया,जहां पर्यटकों और श्रद्धालुओं के पंजीकरण और आवागमन व्यवस्था की जानकारी ली गई। निरीक्षण के अंतिम चरण में सीमा चौकी मोहनखाल का निरीक्षण कर गुप्तकाशी और ऊखीमठ की ओर जाने वाले मार्गों पर नशा,अवैध गतिविधियों और तस्करी पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर संबंधित थानों और जनपदों के पुलिस अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
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प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल।विश्व प्रसिद्ध कार्तिक स्वामी मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था और श्रद्धालु प्रबंधन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पंवार ने मंदिर क्षेत्र का विस्तृत स्थलीय निरीक्षण किया। कार्तिक स्वामी मंदिर जनपद चमोली और जनपद रुद्रप्रयाग की सीमा पर स्थित एक प्रमुख धार्मिक स्थल है, जो रुद्रप्रयाग–पोखरी मार्ग पर कनकचौरी गांव के समीप लगभग 3050 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यहां देश-विदेश,विशेषकर दक्षिण भारत से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक दर्शन के लिए पहुंचते हैं। निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक ने कनकचौरी से लगभग साढ़े तीन किलोमीटर पैदल मार्ग तय कर मंदिर परिसर,ट्रैकिंग रूट और संवेदनशील स्थलों का भौतिक निरीक्षण किया। इस दौरान मंदिर परिसर में स्थापित दूरसंचार रिपीटर प्रणाली की जांच की गई और वहां तैनात कार्मिकों को संचार व्यवस्था को सतर्क और मजबूत बनाए रखने के निर्देश दिए गए।साथ ही पोखरी क्षेत्र की संचार व्यवस्था की जानकारी लेते हुए मंदिर क्षेत्र में अग्नि सुरक्षा जांच कराने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए गए।कनकचौरी क्षेत्र में श्रद्धालुओं और यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए होटल और ठहराव स्थलों की अग्नि सुरक्षा जांच और सत्यापन कार्य का भी अवलोकन किया गया। मंदिर परिसर में मंदिर समिति और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से बातचीत कर सुरक्षा,यात्री सुविधाओं,भीड़ प्रबंधन और स्थानीय समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की गई। निरीक्षण के दौरान चमोली और रुद्रप्रयाग पुलिस के बीच समन्वय बैठक आयोजित की गई,जिसमें सीमा क्षेत्र की कानून-व्यवस्था,श्रद्धालुओं की आवाजाही,पैदल मार्ग की सुरक्षा और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित समन्वय पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही मोहनखाल क्षेत्र में स्थायी पुलिस चौकी निर्माण से जुड़े विषय पर भी जानकारी ली गई। पुलिस अधीक्षक ने स्थानीय नागरिकों और होटल संचालकों से संवाद कर सुरक्षा मानकों,अग्नि सुरक्षा उपायों और पुलिस सहयोग के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। विदेशी पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए होटल संचालकों को समय पर पंजीकरण और सत्यापन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त पैदल मार्ग पर वन विभाग द्वारा संचालित स्वागत केंद्र का निरीक्षण किया गया,जहां पर्यटकों और श्रद्धालुओं के पंजीकरण और आवागमन व्यवस्था की जानकारी ली गई। निरीक्षण के अंतिम चरण में सीमा चौकी मोहनखाल का निरीक्षण कर गुप्तकाशी और ऊखीमठ की ओर जाने वाले मार्गों पर नशा,अवैध गतिविधियों और तस्करी पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर संबंधित थानों और जनपदों के पुलिस अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।