प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय श्रीनगर के बिरला परिसर ने परीक्षा परिणाम घोषित करने के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। विश्वविद्यालय द्वारा बीपीएड तृतीय सेमेस्टर का परीक्षा परिणाम मात्र 17 दिनों में घोषित कर दिया गया है। बीपीएड तृतीय सेमेस्टर की परीक्षाएं 6 दिसंबर 2025 से प्रारंभ होकर 13 दिसंबर 2025 के बीच संपन्न हुई थीं। इतनी कम अवधि में परिणाम घोषित होना विश्वविद्यालय के परीक्षा तंत्र की प्रभावी कार्यप्रणाली को दर्शाता है। विशेष कार्यकारी अधिकारी प्रो राजेंद्र सिंह फर्त्याल ने बताया कि यह पहली बार है जब परीक्षा समाप्ति के 17 दिनों के भीतर परिणाम घोषित किया गया है।उन्होंने कहा कि अगले सप्ताह तक अन्य परीक्षाओं के परिणाम भी घोषित किए जाने की संभावना है। इस सफलता का श्रेय सभी विभागाध्यक्षों,केंद्राध्यक्षों,परिसर निदेशकों और प्रधानाचार्यों को जाता है,जिनके समयबद्ध सहयोग से बाह्य प्रयोगात्मक परीक्षाओं तथा आंतरिक सैद्धांतिक एवं प्रयोगात्मक परीक्षाओं के अंक समय पर अपलोड किए गए।साथ ही,हस्ताक्षरयुक्त प्रिंटआउट भी परीक्षा नियंत्रक कार्यालय में समय से जमा किए गए। उन्होंने बताया कि अब विश्वविद्यालय का फोकस यूजी और पीजी प्रथम एवं सप्तम सेमेस्टर की परीक्षाओं के परिणामों पर है। कुलपति प्रो.प्रकाश सिंह के निर्देशों और परीक्षा अनुभाग पर निरंतर निगरानी के कारण यह सुनिश्चित हो सका कि परीक्षा और परिणाम प्रक्रिया समयबद्ध एवं सुव्यवस्थित रूप से पूरी की जाए।
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प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय श्रीनगर के बिरला परिसर ने परीक्षा परिणाम घोषित करने के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। विश्वविद्यालय द्वारा बीपीएड तृतीय सेमेस्टर का परीक्षा परिणाम मात्र 17 दिनों में घोषित कर दिया गया है। बीपीएड तृतीय सेमेस्टर की परीक्षाएं 6 दिसंबर 2025 से प्रारंभ होकर 13 दिसंबर 2025 के बीच संपन्न हुई थीं। इतनी कम अवधि में परिणाम घोषित होना विश्वविद्यालय के परीक्षा तंत्र की प्रभावी कार्यप्रणाली को दर्शाता है। विशेष कार्यकारी अधिकारी प्रो राजेंद्र सिंह फर्त्याल ने बताया कि यह पहली बार है जब परीक्षा समाप्ति के 17 दिनों के भीतर परिणाम घोषित किया गया है।उन्होंने कहा कि अगले सप्ताह तक अन्य परीक्षाओं के परिणाम भी घोषित किए जाने की संभावना है। इस सफलता का श्रेय सभी विभागाध्यक्षों,केंद्राध्यक्षों,परिसर निदेशकों और प्रधानाचार्यों को जाता है,जिनके समयबद्ध सहयोग से बाह्य प्रयोगात्मक परीक्षाओं तथा आंतरिक सैद्धांतिक एवं प्रयोगात्मक परीक्षाओं के अंक समय पर अपलोड किए गए।साथ ही,हस्ताक्षरयुक्त प्रिंटआउट भी परीक्षा नियंत्रक कार्यालय में समय से जमा किए गए। उन्होंने बताया कि अब विश्वविद्यालय का फोकस यूजी और पीजी प्रथम एवं सप्तम सेमेस्टर की परीक्षाओं के परिणामों पर है। कुलपति प्रो.प्रकाश सिंह के निर्देशों और परीक्षा अनुभाग पर निरंतर निगरानी के कारण यह सुनिश्चित हो सका कि परीक्षा और परिणाम प्रक्रिया समयबद्ध एवं सुव्यवस्थित रूप से पूरी की जाए।